Home Rising At 8am Scams In Lucknow Nagar Nigam

दिल्लीः स्कूल वैन-दूध टैंकर की टक्कर, दर्जन से ज्यादा बच्चे घायल, 4 गंभीर

पंजाबः गियासपुर में गैस सिलेंडर फटा, 24 घायल

कुशीनगर हादसाः पीएम मोदी ने घटना पर दुख जताया

बंगाल पंचायत चुनाव में हिंसाः बीजेपी करेगी 12.30 बजे प्रेस कांफ्रेंस

कुशीनगर हादसे में जांच के आदेश दिए हैं- पीयूष गोयल, रेल मंत्री

नगर निगम में अब कूड़ा गाड़ी घोटाला

| Last Updated : 2017-12-15 09:41:45

 

  • 18 वाहन हो गए लापता
  • ज्योति इन्वायरो से मिले 100 वाहनों में 40 कंडम

Scams in Lucknow Nagar Nigam


दि राइजिंग न्‍यूज

अमित सिंह

लखनऊ।

 

राजधानी में कूड़ा निस्तारण में चल रहा खेल एक बार फिर सामने आ रहा है। इस बार यह खेल कूड़ा गाडियों को लेकर है। खास बात यह है कि कूड़ा निस्तारण के लिए पहले नगर निगम प्रशासन 118 नई गाडियां खरीदे जाने और उन्हें ज्योति इन्वायरो के सिपुर्दगी में देने का दम भरता रहा है लेकिन अब एजेंसी के बदलने के बाद अपर नगर आय़ुक्त पुराने वाहन खरीदने की दम भर रहे हैं। यही नहीं, इन वाहनों को कंडम बताकर उनके खराब होने की दलील भी दे रहे हैं। बात केवल इतनी नहीं है, बल्कि पुरानी 118 गाड़ियों में 18 गाड़ियों का अता –पता भी नहीं मिल रहा है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद नगर निगम में एक और घोटाला सामने दिखाई दे रहा है।

शहर में कूड़े उठाने का काम कर रही इको ग्रीन एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक ज्‍योति इन्वायरो से उन्हें 100 ही गाडि़यां वापस मिलीं। इनमें साठ गाड़ियां काम कर रही है जबकि 40 वाहन कंडम हैं। जबकि नगर निगम ने ज्‍योति को 118 गाडि़यां 2008-09 में में खरीद कर दिया था। गाड़ियों का घपला शुरू से ही चल रहा था और इस कारण से इनका पंजीयन तक नहीं कराया गया। ज्योति इन्वायरो की कारगुजारियां खुलने लगी तो एक एक कर मामले सामने आने लगे। वर्ष 2017 में शहर में सफाई कार्य को नगर निगम ने ज्‍योति इन्‍वायरों से छीनकर इको ग्रीन को दे दिया गया।

अब 18 गाडि़या कहां गई किसी के पास इसका जवाब नहीं है। अपर नगर आयुक्‍त पीके श्रीवास्‍तव ने बताया कि ज्‍यादा समय हो गया, इससे मुझे कुछ ज्‍यादा जानकारी नहीं है जबकि ज्योति इन्वायरो के कामकाज का पूरा विवरण वही देख रहे थे। अब वह ईको ग्रीन के कामकाज को देख रहे हैं लेकिन यह नहीं बता पा रहे कि गाड़ियां वास्तव में है कहां।  ऐसे में इस पूरे घोटाले में अपर नगर आयुक्त की भूमिका भी संदेह के दायरे में है।

कंपनी बदली मगर कारिंदे वहीं

 

कूड़ा निस्तारण में चल रहे घोटाले का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भले ही ज्योति इन्वायरो को बाहर कर ईको ग्रीन को काम दे दिया गया लेकिन ईको ग्रीन में भी प्रबंधक अभिषेक सिंह ही है। अभिषेक सिंह ही ज्योति इन्वायरों के प्रबंधक थे और सारा कामकाज देख रहे थे। अभिषेक सिंह भी उन 15 गाड़ियों का पता नहीं बता पा रहे जिनसे वह काम ले रहे थे। यह अपने आप में दाल में काला होने का इशारा कर रहा है। वह कभी 100 गाड़ियां वापस करने की बात कहते हैं तो कभी 118 । उधर पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि मुझे गाडि़यों के बारे में ज्‍यादा जानकारी नहीं है। इस संबंध में आपको ज्‍यादा जानकारी अभिषेक सिंह ही दे सकेंगे।

दागी कंपनी के दागदार कर्मी

 

नगर निगम में कूड़ा निस्तारण के खेल में अधिकारी कितने शामिल हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ज्योति इन्वायरो के तमाम कर्मचारी ही ईको ग्रीन पहुंच गए हैं। यहां तक की प्रबंधक भी नहीं बदला केवल डायरेक्टर बदल गए। उनसे काम लेने वाले अधिकारी भी वही है। इस बावत अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव इसे सामान्य बात करार देते हैं। उनके मुताबिक कंपनी से काम छिना तो वहां काम करने वाले कर्मचारी दूसरी कंपनी में आ गए। ऐसे में सवाल यही है कि जब ईको ग्रीन के पास अपने अधिकारी तक नहीं थे, तो फिर उन्हें राजधानी मे कूड़ा निस्तारण का ठेका कैसे दे दिया गया।

 

 



" जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555 "


Loading...


Flicker News

Loading...

Most read news


Most read news


rising@8AM


Loading...







खबरें आपके काम की