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दि राइजिंग न्यूज़

विकास वाजपेयी 

लखनऊ। 

 

बरेली रामपुर मोड़ के नजदीक बीते साल हुए रोडवेज बस दुघर्टना में दो दर्जन से अधिक यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गयी थी। हादसे का स्थान ब्लैक स्पाट था और रोडवेज की चालक की लापरवाही के कारण हादसा हुआ। हादसे के बाद रोडवेज प्रबंधन से लेकर शासन तक ने जांच के आदेश दिए मगर कुछ भी नहीं हुआ। राजधानी में बीते कुछ समय में रोडवेज बसों की चपेट में आकर कई लोग अपनी जान गवां चुके है। यह घटनाएं बानगी भर है। सरकार एवं प्रशासन की अनदेखी के चलते रोडवेज बसों के हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश भर में एक दो नहीं, बल्कि  ऐसे 552 स्थान हैं जहां पर मौत मुंह बाएं बैठी है।

 

रोडवेज अधिकारी भी मानते है कि पिछले कुछ समय मे बसों से होने वाली दुघर्टनाओं की संख्याड बढी है। बढ़ती दुघर्टनाओं पर लगाम लगाने के लिए अब परिवहन निगम प्रबंधन ने एक बार फिर उन स्थानों को चिन्हित करने का फैसला किया है जहां अक्सर हादसे होते हैं। कि  स्थायनों को चिहिंत किया है जहॉ पर दुघर्टना होने की प्रबल संभावना रहती है। परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक संचालन आशीष चटर्जी ने बताया कि प्रदेश में करीब साढे पॉच सौ ब्लै क स्पायट चिंहित किये गये है। इन जगहों पर दुघर्टना बाहुल क्षेत्र का बोर्ड एवं रिफलेक्ट्र पटटी लगायी जायेगी। जिससे ड्राइवर उन जगहों से सावधानी पूर्वक बस का संचालन कर सके।

इसके लिए परिवहन निगम के मुख्य् प्रधान प्रबंधक कामेन्द्रध सिंह के निर्देश पर सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को पत्र भेजा गया है। जिसके माध्यधम से कहा गया है कि सभी क्षेत्रीय प्रबंधक अपने-अपने क्षेत्रों में दुघर्टना बाहुल क्षेत्रों को चिहिंत करके उन जगहों पर बोर्ड एवं रिफलेक्ट्र लगवाये। जिससे चालक आसानी से बस का संचालन कर सके। साथ ही चालक को दुघर्टना बाहुल क्षेत्रों की जानकारी हो इसके लिए विभिन्नो डिपो की वर्कशाप में सूचना पटटी लगायी जायेगी।

 

सड़क सुरक्षा सेल करा रही है तस्दीक

सड़क हादसों में होने वाली जनहानि को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा इकाई भी हादसों पर अंकुश लगाने के लिए नए सिरे ब्लैक स्पाट चिन्हित करा रही है। सड़क सुरक्षा अपर आयुक्त गंगाफल के मुताबिक शहरों के विस्तार होने के कारण कई नए स्थान पर लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार आवागमन के मार्ग बना लिए हैं जो अक्सर हादसे का कारण बन जाते हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के निर्देश के बाद अब ऐसे स्थानों पर यातायात पुलिस, परिवहनविभाग तथा परिवहन निगम की मदद से चिन्हित किया जा रहा है। इनकी समग्र सूची बनने के बाद इन स्थानों पर हादसों के कारण का विश्लेषण कर उन्हें सुरक्षित किया जाएगा।

इंजीनियरिंग फाल्ट बड़ी वजह

केवल लोगों द्वारा बनाए गए कट –मार्ग ही नहीं बल्कि रोड इंजीनियरिंग भी कई स्थानों पर सड़क हादसों की वजह बन रही है। इसका ताजा उदाहरण आगरा एक्सप्रेस वे है। खास बात यह कि पूरे एक्सप्रेस वे दोनों तरफ माइल स्टोन पर आगरा ही दिखाई देता है। जबकि लखनऊ से आगरा की तरफ बढ़ने पर आगरा की दूरी तथा आगरा की ओर से लखनऊ की तरफ आने पर लखनऊ  की दूरी व माइल स्टोन होने चाहिए। मगर ऐसा नहीं  है। इससे वाहन चालकों को भी भ्रम हो रहा है। इस संबंध में सड़क सुरक्षा विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व लोक निर्माण विभाग से इस बावत जानकारी भी तलब की है।

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