Actress katrina Kaif and Mouni Roy Visited Durga Puja Pandal

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुरुवार को निवाजखेड़ा स्थित एक पान मसाला फैक्ट्री पर छापा मारा तो वहां जो सामने आया उसे देख अधिकारी भी दहशत में आ गए। पान मसाला फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर पुरानी सुपारी का स्टॉक मिला। कंपनी द्वारा कई नाम से पान मसाला तैयार किया जाता है। विभाग ने इसके नमूने जांच के लिए लिए हैं। साथ ही यहां मिली साबुत सुपारी के नमूने लेकर उसे जांच के लिए भेजा गया है।

 

 

उल्लेखनीय है कि यह पान मसाला कंपनी वही है जिसका अघोषित गोदाम करीब पांच साल पहले कैंट क्षेत्र के एक बंगले में पकड़ा गया था। यहां पर भी पुरानी व एक्सपायर मसाले की सुपारी व तम्बाकू निकाल कर उसे रिसाइकिल किया जाता था और दोबारा उससे पान मसाला तैयार किया जाता था। इस प्रकरण में लिए गए नमूने को अत्यंत हानिकारक माना गया था और कैंट थाने में प्राथमिकी तक कराई गई थीं। हालांकि बाद में अधिकारियों की सांठगांठ के चलते मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

 

ऐशबाग निवाजखेड़ा में स्थित शिमला पान फ्लेवर के गोदाम पर गुरुवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के दस्ते ने छापा मारा था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी टीआर रावत ने बताया कि जांच के दौरान यहां पर बड़ी मात्रा में साबुत सुपारी मिली, लेकिन देखने में यह बहुत पुरानी व सड़ी दिखाई देती थी। इस साबुत सुपारी के नमूने को परीक्षण के लिए भेजा गया है। इसके साथ ही यहां पर बनने वाले ताकत पान मसाला का भी सैंपल लिया गया है। छापेमारी करने वाली टीम में खाद्य निरीक्षक जय सिंह, संजय सिंह, पल्लवी तिवारी, श्वेता केसरवानी व एमपी सिंह शामिल थे।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी रावत ने बताया कि सुपारी का नमूना लेकर उसे जांच के लिए भेजा गया है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

 

पहले भी घातक मिल चुका है मसाला

कायम पान मसाला के नमूने पहले भी घातक मिल चुके हैं। छावनी क्षेत्र में महात्मा गांधी मार्ग पर ही एक बंगले में कायम पान मसाला का गोदाम पकड़ा गया था। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में हुई छापेमारी के बाद यहां पर बड़े पैमाने पर पुराना एक्सपायर पान मसाला पकड़ा गया था। यहां पर पुराने मसाले से सुपारी व तम्बाकू को अलग करके वापस फैक्ट्री भेजे जाने का मामला सामने आया था।

बाद में जांच रिपोर्ट में बरामद सुपारी-तम्बाकू को हानिकारक करार दिया गया था। इसका केस कैंट थाने व खाद्य सुरक्षा विभाग में दर्ज किया गया था। हालांकि बाद में पूरे मामले को मैनेज कर लिया गया था। उसके बाद से ही सारा खेल निर्बाध चल रहा था।

 

 

बख्शे नहीं जाएंगे जहर के कारोबारी

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी टीआर रावत ने कहा कि फिलहाल नमूनों को जांच के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया पान मसाला निर्माता के खिलाफ पूर्व में भी वाद होने की बात सामने आई है और उसकी भी तस्दीक कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने पर पान मसाला कारोबारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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