Director Kalpana Lajmi Passed Away

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

अगर आप अपना घर बनवाने की सोच हैं तो कुछ दिन इंतजार कर लीजिए। वजह है कि इस वक्त सीमेंट से लेकर मौरंग–गिट्टी तक के दाम बढ़े हुए हैं। सीमेंट के दाम तो कृत्रिम कमी के नाम पर कंपनियों ने बढ़ा लिए हैं जबकि जीएसटी लगने के बाद सीमेंट पश्चिम के शहरों से भी जमकर मंगाई जा रही है। कंपनियां और कारोबारी कमाई का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं और आम आदमी इसमें पिस रहा है।

 

सीमेंट कारोबारियों के मुताबिक रेलवे साइडिंग पर मरम्मत काम चलने के कारण कुछ समय से सीमेंट के रैक नहीं आ रहे हैं। साइडिंग पर निर्माण काम होने के कारण कंपनियों ने यहां सप्लाई रोक दी है। राजधानी में अमौसी व मोहनलालगंज में भी साइडिंग है लेकिन कच्ची हैं। यहां पर उतरने वाले रैक्स की लिखत पढ़त –इंट्री की व्यवस्था नहीं है। मगर कुछ प्रयास से इसे लागू कराया जा सकता है लेकिन उससे फिर मुनाफाखोरी नहीं हो सकेगी। लिहाजा यहां पर सीमेंट के रैक भेजने के बजाए कंपनियों ने सप्लाई ही रोक सखी है। नतीजा यह है कि पिछले 15 में ही सीमेंट के दाम करीब 40 रुपये बोरी तक बढ़ गए हैं।

पहले जो सीमेंट की बोरी 350 रुपये में मिल रही थी, वह अब 390 रुपये की मिल रही है जबकि सीमेंट 330 रुपये में आ रहा था, वह 370-380 रुपये में मिल रहा है। राजधानी में ही सीमेंट की खपत करीब दो लाख टन हर महीने की है। बोरी में कहा जाए तो करीब 40 लाख बोरी लेकिन इसमें सत्तर फीसद ही माल पहुंच रहा है। इस कमी के कारण फुटकर बाजार से लेकर कंपनी तक ने सीमेंट के दाम में इजाफा कर दिया है।

 

गिट्टी मौरंग भी महंगे

ट्रांसपोर्ट के बढ़े भाड़े और ओवर लोडिंग पर लगाम लगने के बाद मौरंग और गिट्टी के दाम भी बढ़ गए हैं। पिछले महीने तक 50-55 रुपये बोरी मिलने वाली मौरंग फिर से 70 रुपये बोरी से अधिक मिल रही है। ऐसा ही गिट्टी के साथ है। दरअसल डीजल के दाम बढ़ने के बाद भाड़ा व रास्ता खर्च ही करीब बीस फीसद तक बढ़ गया है। इसके अलावा ओवरलोडिंग पर भी कुछ लगाम लगी है, जिससे अब इसके दाम में इजाफा कर दिया गया है।

वक्ती साबित हुए मुख्यमंत्री के आदेश

लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब दो महीने पहले मौरंग –गिट्टी आदि के दाम कम करने के लिए जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए थे। इसका असर भी देखने को मिला और करीब 110 रुपये बोरी के भाव बिकने वाली मौरंग के दाम कुछ दिन में घटकर साठ रुपये के करीब तक पहुंच गए। लेकिन उसके बाद फिर वहीं स्थिति देखने को मिल रही है। भवन निर्माण सामग्री के दाम वैसे ही आसमान छू रहे हैं।

 

"सीमेंट के दाम में इजाफे की मुख्य वजह कंपनियों द्वारा रेलवे साइडिंग पर सप्लाई रोकना है। इस काऱण से खपत का सत्तर फीसद ही माल आ रहा है, लिहाजा कंपनी और फुटकर दुकानदार दोनों ही मुनाफा कमा रहे हैं।"

श्याम मूर्ति गुप्ता

प्रदेश अध्यक्ष

सीमेंट व्यापार संघ

 

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