Box Office Collection of Dhadak and Student of The Year

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

राजभवन, विधानसभा और मुख्‍यमंत्री आवास के नजदीक आलू फेंकने में शामिल लोगों को पकड़कर राजधानी पुलिस ने अपना आलू चैंलेंज तो जरूर पूरा कर दिया लेकिन अचानक ही सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्‍य कैसे आए ये जिज्ञासा का विषय है। कारण है पहले दिन तो पुलिस धुंध के कारण सीसीटीवी फुटेज स्‍पष्‍ट ना होने की दलील दे रही थी मगर अब उसे ही साक्ष्‍य बताया जा रहा है। खास बात है कि राजभवन की सुरक्षा में तैनात रहने वाले सुरक्षाकर्मी भी किसी को आलू फेंकते नहीं देख पाए मगर राजधानी पुलिस ने ना केवल आलू फेंकने वालों को पकड़ लिया बल्कि समाजवादी पार्टी से कनेक्‍शन भी जोड़ दिया।

 

राजधानी में छह जनवरी की सुबह जब सड़कों पर लोगों को आलू बिखरा मिला तो हड़कंप मच गया था। इसके बाद ही आरोपियों की खोजबीन शुरु हो गई थी। आनन-फानन में कई टीमें बनाई गई और अगले ही दिन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो गया। भले ही पहले दिन पुलिस को सीसीटीवी से कुछ ना मिला हो लेकिन अगले ही दिन पुलिस सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए फुटेज के सहारे जांच शुरू कर दी। फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के सहारे पड़ताल हुई तो पता चला कि आलू कांड का कनेक्‍शन कन्नौज से जुड़ रहा है। पुलिस ने फौरन ही दबिस देते हुए अंकित सिंह और पिकअप चालक संतोष पाल को गिरफ्तार करते हुए मामले का खुलासा कर चैंलेंज पूरा कर लिया।

पुलिस जांच में आई यह बात-

पुलिस जांच के अनुसार आलूकांड में शीवेंद्र सिंह, संदीप, दीपेंद्र सिंह, संजू कटियार, प्रदीप सिंह और जय कुमार ति‍वारी के नाम सामने आए हैं। शीवेंद्र-संजू ने पुरानी ठठिया से सतीश जाटव के कोल्‍ड स्‍टोर से आलू खरीदा। इसके बाद संदीप ने आलू लाने के लिए पिकअप, लोडर की व्‍यवस्‍था की। दीपेंद्र, प्रदीप, जय कुमार ने वाहनों में आलू रखवाया था। पूछताछ के दौरान पता चला है कि जहां शीवेंद्र सिंह ने कन्‍नौज से नगर पंचायत अध्‍यक्ष का चुनाव भी लडे थे तो वहीं संजू कटियार वर्तमान जिला पंचायत अध्‍यक्ष कन्‍नौज के पति हैं। बाद में ये लोग राजधानी आए और आलू फेंककर चलता बने।

 

चंद घंटों में ही बैकफुट पर पुलिस-

विभूतिखंड थाना क्षेत्र के रंजीत होटल में चार मजदूरों की मौत हुई तो पुलिस अधिकारियों सहित सीएफओ तक ने दम घुटने से मौत का दावा किया था। अभी कुछ ही समय गुजरा था कि देर शाम तक पुलिस ने इसे हत्‍या भी मान लिया और होटल प्रबंधक-मालिक के खिलाफ हत्‍या करने का मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि पुलिस इसे परिजनों के आरोप के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की बात कहने लगी। इतना ही नहीं यह सब हुआ बिना पीएम रिपोर्ट आए। विभूतिखंड थाने में दोनों के खिलाफ जहां एफआईआर हुई तो वही देर रात पीएम रिपोर्ट भी आ गई। इस रिपोर्ट में दम घुटने से चारों की मौत होना बताया गया है। अचानक बैकफुट पर आई पुलिस ने आनन-फानन में मुकदमें में प्रबंधक-मालिक के नाम को हटा दिया और गैरइरादतन हत्‍या का मुकदमा पंजीकृत करते हुए जांच शुरू कर दी।

ज्‍वैलर्स डकैतीकांड में पहले भी उठे सवाल-

राजधानी में एक साल के भीतर दो बड़े ज्‍वैलर्सों के यहां डकैती की घटनाएं हुई। दोनों ही जगह पर मुस्‍तैद पुलिस ने जैसे-तैसे माल जब्‍त करते हुए घटना का खुलासा तो कर दिया लेकिन बरामदगी को लेकर आज भी रहस्‍य बना हुआ है। पांच मार्च 2017 को चौक के गोलदरवाजे के पास मुकुंद ज्‍वैलर्स के यहां डकैती की बड़ी वारदात हुई। पीडि़त सराफा व्‍यापारी 40 किलोग्राम सोना लूटे जाने की बात कहता रहा लेकिन पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए वारदात का खुलासा तो किया लेकिन सोना की बरामदगी केवल 10 किलोग्राम की ही कर पाई। यानी के तब से लेकर आज तक 30 किलोग्राम सोना का कोई अता-पता ही नहीं।

 

इसी तरह बीते पांच जनवरी 2018 को अलीगंज थाना क्षेत्र के पुरनियां पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर किशोर ज्‍वैलर्स के यहां डकैतों ने दिन दहाड़े सात मिनट में 15 लाख के आभूषण लूट लिए। मौके पर पुलिस पहुंची लेकिन डकैती की घटना को मानने से इनकार करती रही। इसी बीच 12 जनवरी को चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए घटना के खुलासे का दावा किया। इनके पास से पुलिस ने केवल 15 ग्राम सोना बरामद किया। इतना ही नहीं तीन आरोपियों को जब पुलिस ने फरार बताया तब इस लूट को डकैती की धारा में तरमीम किया गया। वारदात का सरगना दानिश, तरुण, यश कौशल और राकेश भले ही गिरफ्तार हो गए हो लेकिन डकैती का बचा सोना बरामद करने में पुलिस अभी तक खाली हाथ हैं।     

 “होटल के बेसमेंट में जो घटना हुई उसके बाद मजदूरों के शव मिले थे। प्रारंभिक जांच से दम घुटने की बात पता चली थी। इसी लिए हत्‍या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। हालांकि जब मृतकों के परिजनों ने होटल मालिक और प्रबंधक पर हत्‍या का आरोप लगाया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।”

दीपक सिंह

क्षेत्राधिकारी, गोमतीनगर

 

“रात में पीएम रिपोर्ट आई थी। इसमें दम घुटने के कारण मौत का कारण बताया गया है। इसके बाद ही दोनों के खिलाफ लगे हत्‍या की धाराओं को तरमीम कर दिया गया है। अब गैर इरादतन हत्‍या का मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की छानबीन की जा रही है।”

सत्‍येंद्र कुमार राय

विभूतिखंड, थाना प्रभारी

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