Actress katrina Kaif and Mouni Roy Visited Durga Puja Pandal

दि राइजिंग न्‍यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

सुप्रीम कोर्ट का डंडा और उसके बाद बुधवार को शुरु हुआ हेलमेट व सीट बेल्ट के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान। मकसद था राहगीरों को सुरक्षा की खातिर हेलमेट व सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने के लिए प्रेरित करना लेकिन अभियान के दौरान पुलिस कर्मी ही बिना हेलमेट घूमते दिखे। यह अलग बात है कि सुर्खियां बटोरने व फोटो खिंचाने के लिए परिवहन व पुलिस अधिकारी महिलाओं को रोक कर हेलमेट लगाने की नसीहत देते रहे लेकिन अपने ही महकमे के कर्मियों की देखा तक नहीं। इतने बेफिक्र कि जांच स्थल के आसपास ही यह फर्राटा भरते दिखे लेकिन किसी की हिम्मत नहीं पड़ी इन्हें रोकने कीं। सवाल यह है कि जब पुलिस कर्मी ही बिना हेलमेट चल रहे हैं तो आम लोगों को भला क्या सबक मिलेगा।

दरअसल प्रदेश में लगातार सड़क हादसों में होने वाली मौतों तथा सड़क सुरक्षा इकाई की निष्क्रियता पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों कड़ी आपत्ति जाहिर की थी। साथ राज्य सरकार को तीस नवंबर को कार्रवाई तथा हलफनामे सहित तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद हरकत में आए परिवहन विभाग ने आनन फानन हेलमेट सीट बेल्ट के अभियान की घोषणा कर दी। प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला ने तो हर बुधवार को सिविल पुलिस, ट्रैफिक पुलिस तथा परिवहन विभाग की प्रवर्तन शाखा द्वारा हेलमेट व सीट बेल्ट का अभियान चलाने की घोषणा कर दीं। इसके तहत बुधवार पहली बार हेलमेट सीट बेल्ट की व्यापक जांच की गई।

 

हालांकि जांच अभियान में परिवहन विभाग के दस्ते महज कुछ कुछ समय के लिए सक्रिय दिखे। हजरतगंज चौराहे पर आरटीओ अशोक कुमार तथा आरटीओ विदिशा सिंह मौजूद रहीं लेकिन अपरान्ह करीब एक बजे करीब डेढ़ घंटे में ही परिवहन दस्ता वहां से चलता बना। उनके जाने के बाद परिवहन विभाग के बाकी प्रवर्तन कर्मी भी चलते बने। एक दस्ता कुछ समय के लिए 1090 चौराहे पर पहुंचा तो एक बंगला बाजार चौराहे की ओर। हालांकि वहां पर जांच एक घंटे भी नहीं हुई।

सक्रिय दिखी ट्रैफिक पुलिस 

 

यह जरूर रहा कि ट्रैफिक पुलिस ने हजरतगंज, 1090 चौराहा, पालीटेक्निक चौराहे पर दिन भर जांच की। हजरतगंज चौराहे पर एसपी ट्रैफिक रविशंकर निम, सीओ ट्रैफिक डा. राजेश कुमार तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें। यहां अपरान्ह चार बजे तक वाहन चालकों की जांच होती रही। हालांकि बिना हेलमेट निकलने वाले  विभागीय कर्मियों को देख जांच करने पुलिस वालों ने नजरें फेर लीं।

 

अब नहीं बख्शे जाएंगे

 

एसपी ट्रैफिक रविशंकर निम ने कहा कि यह सही है कि काफी पुलिस वाले ही बिना हेलमेट के वाहन चला रहे हैं। मगर कानून उनके ऊपर भी लागू होता है और अब यह दिखाई दिए तो उनका भी चालान किया जाएगा। इसके साथ ही उनके विभागाध्यक्षों को भी इसकी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसका मकसद लोगों को अपनी सुरक्षा के प्रति प्रेरित करना है और जब पुलिस ही कानून नहीं मानेगी तो उससे अभियान का प्रभाव भी कम होगा।

 

 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement