Actress katrina Kaif and Mouni Roy Visited Durga Puja Pandal

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

    

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के जरिए 2019 में लोकसभा चुनाव की नैया पार लगाने के लिए भारतीय जनता पार्टी उतर आयी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस का उद्घाटन आजमगढ़ में किया और इसके जरिए पूरे एक्सप्रेस वे पर विकास की तस्वीर दिखाई। उद्घाटन के मौके पर बात केवल पूर्वांचल के विकास की हुई और इसके जरिए सियासी समीकरण भी सेट किए गए।

 

वाराणसी के लहरतारा में कैंसर अस्पताल से लेकर पीएनजी (पाइप्ड नेचुरैल गैस) की आपूर्ति की योजना को भी हरी झंडी दिखाई गई लेकिन मकसद केवल यहां के दलित व पिछड़े वोटों को लुभाना था। आजमगढ़ समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का संसदीय क्षेत्र रहा है, इस कारण मोदी यहां पर समाजवादी पार्टी पर भी हमलावर दिखे। उन्होंने समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी को परिवारवादी और विकास को पीछे करने वाली पार्टियां करार दिया। खास बात यह रही है कि मोदी के पूर भाषण में केंद्र पर दलित और पिछड़े ही रहे और उन्हें आकर्षित करने के लिए बेहद वाकपटुता के साथ प्रधानमंत्री ने संबोधित किया।

उद्घाटन से पहले ही आ गई रार

करीब 341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के पहले ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र व प्रदेश की सरकार को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की परिकल्पना समाजवादी सरकार की थी। प्रदेश समाजवादी पार्टी सरकार रही होती तो अब तक यह एक्सप्रेस वे शुरू भी हो गया होता। आगरा एक्सप्रेस वे का निर्माण बेदह कम समय में करा कर समाजवादी सरकार अपनी मंशा दिखा चुकी है। मगर भाजपा ने किया क्या। जिस तीस किमी लंबे एक्सप्रेस के उद्घाटन गाजियाबाद में हुआ था, उसकी हालत क्या है, सभी को मालूम है। पूर्वांचल एक्सप्रेस की डीपीआर उनके सरकार के समय बनी थी लेकिन अब वर्तमान सरकार अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए उसमें बदलाव कर रही है और इसका असर एक्सप्रेस की गुणवत्ता पर पड़ेगा। एक्सप्रेस वे से वाराणसी को भी काट दिया गया है। जबकि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है लेकिन शायद उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं हुई।

सजने लगी लोकसभा चुनाव चौरस

आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेस के उद्घाटन के साथ ही प्रदेश में 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बिसात बिछने लगी है। पूर्वांचल से करीब 21 संसदीय सीटें है और उनका महत्व भाजपा भी जानती है, लिहाजा वहां पर चुनावी शंखनाद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। पूर्वांचल में गोरखपुर से लेकर बलिया –आजमगढ़ –वाराणसी, इलाहाबाद, गाजीपुर –मऊ आदि तमाम इलाके आते हैं और वहां पर दलित व पिछड़े वोट ही प्रत्याशियों की तकदीर लिखा करते हैं। लिहाजा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने यहां पर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसका वजह यह भी बताई जाती है कि पूर्वांचल की दो संसदीय सीटों फूलपुर और गोरखपुर में भाजपा को उपचुनाव में करारी हार झेलनी पड़ी थीं। गठबंधन से मिली इस हार से भी भाजपा में बेचैनी बढ़ी हुई है। यही वजह है कि प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री पद पर एक दलित चेहरा तैनात किये जाने की भी चर्चा गर्म है।

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