Rani Mukerji to Hoist the National flag at Melbourne Film Festival

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।  

राजधानी का कैसरबाग चौराहा 75 लाख रुपये से संवारा जाएगा। इसके लिए 75 लाख रुपये का सहयोगबैंक आफ बड़ौदा ने अपने सोशल रिफार्म के कार्यों के तहत दिया है। इस संबंध में बुधवार को बैंक अधिकारियों ने महापौर संयुक्ता भाटिया को सहयोग राशि का चेक भी प्रदान किया। इसके तहत कैसरबाग चौराहे पर बिजली की लाइनों को हटाने, सौंदर्यीकरण, अवैध होर्डिंग को हटाने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया जाएगा।

नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम में बैंक आफ बड़ौदा के जीएम पीके बीसी ढाका ने कहा कि इसका मकसद प्रधानमंत्री के स्मार्ट सिटी योजना को अंजाम तक पहुंचाना है और इसके बैंक कंधे कंधे से मिलाकर काम करेगा। नगर निगम मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में बैंक अधिकारियों ने कहा कि राजधानी में नगर निगम महापौर द्वारा स्मार्ट सिटी के लिए किए जा रहे प्रयास प्रशंसनीय हैं और बैंक भी इसमें पूर्ण सहयोग करेगा। बैंक अधिकारियों ने बताया कि इसके पहले बैंक आफ बड़ौदा वाराणसी में भी अस्सी घाट के सौंदर्यीकरण पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। बैंक सामाजिक क्षेत्र में विकास के लिए अपने प्रयास लगातार जारी रखेगा।

हुआ प्रस्तुतीकरण

नगर निगम मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में कैसरबाग चौराहे के सौंदर्यीकरण को लेकर तैयार खाकें का भी प्रस्तुतीकरण किया गया। खाके में चौराहे को बिजली तारों –खंभों तथा आटो –टेंपो से मुक्त दर्शाया गया है। चौराहे पर सवारी वाहनों के लिए अलग स्थान निर्धारित होगा और उनका संचालन वही से होगा। चौराहे पर किसी तरह का अतिक्रमण नहीं होगा तथा सभी इमारतें व भवन एक समिलेरिटी में दिखाई देंगी। इसके लिए बैंक, नगर निगम के साथ ही क्षेत्र के व्यापारियों से भी पूरी सहयोग लिया जाएगा। ताकि कैसरबाग चौराहे को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया जा सकें।

कई साल पहले बनी थी योजना

कैसरबाग चौराहे के सौंदर्यीकरण की योजना कोई नयी नहीं है।  कई साल पहले भी कैसरबाग चौराहे से लेकर अमीनाबाद तक हेरीटेज जोन विकसित करने की योजना बनी। इसका भी प्लान तैयार हुआ था। हजरतगंज बाजार की तर्ज पर इसे विकसित करने के लिए शुरू हुई प्रक्रिया अन्य सरकारी योजनाओ की तरह से ही ठंडे बस्ते में पहुंच गई। जबकि इस दौरान पूरे इलाके में अंधाधुंध अवैध निर्माण बदस्तूर जारी रहे। मुख्य कैसरबाग चौराहे पर ही अमीरुद्दौला लाइब्रेरी के नजदीक से लेकर गूंबे नवाब पार्क तक बहुमंजिला भवन खड़े हो गए। खास बात यह है कि एक तरफ सरकार –प्रशासन यहां पर नियोजित विकास का दम भरते रहे, वही अंदरखाने भ्रष्ट अधिकारी जैसे तैसे अवैध निर्माणों को पनाह देते रहें। यहां तक इन निर्माण को लेकर की गई तमाम शिकायतें भी दाखिल दफ्तर कर दी गईं।

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