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दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।                      

मिसाल है, चिराग तले अंधेरा। प्रदेश में चल रही ओवरलोडिंग इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। दरअसल अवैध खनन और ओवर लोडिंग के खिलाफ सरकार बनने के बाद सबसे ज्यादा मुखर विरोध करने वाले उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के शहर इलाहाबाद से ही खनन की मौरंग–बालू आ रही है। वह भी तब जबकि फिलहाल खनन पर रोक है। सवाल यह है कि ऐसे में बालू-मौरंग लादी कैसे जा रही है। यही नहीं, शासन-प्रशासन को इसकी जानकारी कैसे नहीं मिल रही है। कुछ मिलाकर यहां पर भी बदलाव केवल सरकार का दिख रहा है, वर्ना हाइवे पर ओवर लोडिंग का धंधा बदस्तूर जारी है।

 

दरअसल इसका खुलासा परिवहन विभाग द्वारा मंडल में चलाए गए ओवर लोड वाहनों के खिलाफ अभियान में हुआ है। पिछले तीन दिन चलाए गए ओवर लोड वाहनों के खिलाफ अभियान में 108 वाहन पकड़े गए हैं। लखनऊ मंडल में पकड़े गए इन वाहनों में झांसी-टीकमगढ़, मध्यप्रदेश तथा इलाहाबाद से मौरंग–बालू लेकर आने वाले वाहन हैं। इनमें आधे से ज्यादा वाहन इलाहाबाद से ही मौरंग –बालू लेकर आ रहे थे। इन पर माल भी 10-12 टन लदा मिला था। वाहनों को जांच के बाद पकड़े जाने पर चालकों ने भी इलाहाबाद से खनन सामग्री लाने की बात कही है। सवाल यह है कि इलाहाबाद में खनन कैसे हो रहा है, या फिर इलाहाबाद अथवा उसके आसपास कहां पर मौरंग-बालू एकत्रित हैं।

 

खास बात यह है कि जांच अधिकारी इस बात की तस्दीक करते हैं कि पकड़े गए वाहनों के चालकों ने इलाहाबाद से खनन सामग्री लाने की बात स्वीकार की है लेकिन परिवहन मुख्यालय पर बैठे अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। अब ऐसा कैसे हो सकता है, यह अलग बात है लेकिन वास्तविकता यह है कि केवल इसी रवैये के कारण पूरे प्रदेश में ओवर लोडिंग का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।

 

हकीकत ढकने की कोशिश

परिवहन विभाग के ओवर लोड वाहनों के खिलाफ अभियान शुरू करने की वजह भी जान लीजिए। पिछले इलाहाबाद गए परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने खुद इलाहाबाद के नजदीक चार ओवर लोड वाहन पकड़े। परिवहन अधिकारियों को सूचित किया गया। उनसे ओवर लोडिंग की बावत पूछताछ भी हुई। अब अधिकारियों को बचाने के लिए परिवहन विभाग ने आनन फानन ओवर लोड वाहनों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। सवाल यह है कि जब प्रदेश में खनन पर रोक चल रही है तो फिर ओवर लोडिंग हो कैसे रही है। यही नहीं, ओवर लोड वाहन कई जिलों तक सफर तय करके राजधानी और उसके आगे तक कैसे पहुंचे रहे हैं, यह सब अधिकारियों की सेटिंग को उजागर कर देता है।


भ्रष्टों का ही बोलबाला

परिवहन विभाग में ओवर लोडिंग के जरिए कमाई करने वाले कई अधिकारी आयकर विभाग और ईडी ने पकड़े। इनकी जांच में काली कमाई के स्रोत की पुष्टि भी हुई। टैक्स चोरी के माल से लेकर ओवर लोडिंग तक में इनकी संलिप्तता उजागर हुई लेकिन परिवहन विभाग पर कोई असर नहीं पड़ा। दरअसल इसका कारण है कि लूट का माल सबमें बराबर बंट रहा है। इस कारण से तमाम दागी अधिकारी बच गए। राजधानी में जांच से परहेज करने वाली प्रवर्तन अधिकारी से लेकर कानपुर, बरेली, जौनपुर, रायबरेली, सहारनपुर,  मेरठ में तमाम प्रवर्तन अधिकारियों पर कार्रवाई तो दूर स्थानांतरण से भी बच गए। जबकि आयकर विभाग की जांच तथा रंगे हाथ पकड़े जाने पर कानपुर व मेरठ की आरटीओ तथा महोबा व चंदौली के एआरटीओ पर कार्रवाई की गई। वर्ना विभाग गेटिंग –सेटिंग की तर्ज पर ही काम कर रहा है। पिछले दिनों हुए आरटीओ के स्थानांतरण में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है। 


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