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दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।  

डीजल और पेट्रोल की कीमतों सरकार भले ही नहीं ला पा रही है मगर पार्किंग वाहन पार्किंग में जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस) टैक्स की वसूली शुरु हो गई है। इसकी शुरुआत अमीनाबाद से हुई है। यहां जनाना पार्क रोड पर नगर निगम ने पार्किंग आवंटित की है और इस पार्किंग में वाहन खड़ा करने के शुल्क पर जीएसटी भी वसूला जा रहा है। यानी वाहन खड़ा करने के दस रुपये और उस पर करीब पौने दो रुपये जीएसटी। अति व्यस्त रोड पर पार्किंग बनाए जाने से यहां क्षेत्रीय निवासी पहले से ही नाराज थे और रही सही कसर अब पार्किंग शुल्क के साथ जीएसटी की वसूली पूरी कर रही है।

अमीनाबाद संय़ुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों के मुताबिक जनाना पार्क रोड पर नगर निगम ने पार्किंग आवंटित कर दी है। यहां पर ठेकेदार ने स्टैंड भी शुरू कर दिया है। इस स्टैंड के जो बैनर लगे हैं, उन पर पार्किंग शुल्क के साथ जीएसटी लिए जाने की बात भी दर्ज है। ठेकेदार का कहना है कि जीएसटी लेने के निर्देश नगर निगम से मिले हैं और इस कारण उसकी वसूली की जा रही है। सवाल यह है कि अगर नगर निगम की इस पार्किंग पर जीएसटी लग रहा है तो बाकी स्थानों पर जीएसटी क्यों नहीं। हालांकि इस बावत महापौर के यहां भी उचित जवाब नहीं मिला।

 

केवल एक स्टैंड पर जीएसटी

अमीनाबाद में केवल वाहन पार्किंग स्टैंड पर जीएसटी लिए की बात गले नहीं उतरती। कारण है कि अमीनाबाद में भूमिगत पार्किंग से लेकर हनुमान मंदिर पार्किंग तक वाहन स्टैंड चल रहे हैं। मगर कहीं भी जीएसटी नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में स्टैंड पर जीएसटी कैसे वसूला जा रहा है, ये अपने आप में सवाल बन गया है। इस बाबत महापौर का कहना है कि व्यवस्था सभी वाहन स्टैंड के लिए समान होगी, ऐसे में केवल एक स्टैंड पर जीएसटी कैसे लिया जा रहा है, इसकी जांच कराई जाएगी।

मामला खुला तो बताया मिस प्रिंटिंग

दूसरी ओर अमीनाबाद में पार्किंग के बैनर पर स्टैंड शुल्क के साथ जीएसटी लगाने का मामला खुला तो तत्काल उसे बैनर बनाने वाले की गलती करार दे दिया। अमीनाबाद में कई पार्किंग ठेके चलाने वाले अविनाश ने बताया कि दरअसल पार्किंग के लिए बैनर बनवाए गए थे और बैनर लिखने वाले ने गलती से उसमें जीएसटी अंकित कर दिया था। इसे ठीक कराया जा रहा है। न ही किसी से स्टैंड शुल्क के अलावा जीएसटी लिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि गुड्स एंड सर्विस (जीएसटी) के अंतर्गत सर्विस प्रोवाइडर जीएसटी ले सकता है, बशर्ते उसका टर्नओवर बीस लाख रुपये से अधिक का हो।

 

 

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