Ayushman Khurrana Wants To Work in Kishore Kumar Biopic

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

रोडवेज में स्मार्ट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम का काम देख रही एजेंसी ट्राइमैक्स द्वारा किए जा रहे कामों का सुरक्षा आडिट कराया जाएगा। इसका फैसला परिवहन विभाग ने किया है और इसके निर्देश परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने दिए हैं। दरअसल रोडवेज द्वारा महीने लाखों रुपये का खर्च स्मार्ट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट पर खर्च किए जा रहे हैं। मगर इस स्मार्ट मैनेजमेंट के बावजूद बसों के हादसों पर कोई लगाम लग पा रही है, न ही अन्य किसी तरह की सुविधा।

दरअसल, रोडवेज द्वारा स्मार्ट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट का म ट्राइमैक्स कंपनी को दिया गया है। इसके लिए पहले करीब 44 पैसा प्रति टिकट की दर एजेंसी को भुगतान किया जाता था। बाद में आलमबाग बस के नवीनीकरण का काम शुरू होने के बाद कंपनी की दर  करीब 38 पैसा प्रति टिकट कर दी गई। इस राशि के एवज में ट्राइमैक्स रोडवेज बसों में ई टिकटिंग, ईटीएम, बसों की ट्रैकिंग, फ्यूल –स्पीड एनालिसिस आदि काम करती है। इसके लिए करोड़ों रुपये का मार्डन कंट्रोल भी बनाया गया था लेकिन अब सब कुछ महज औपचारिकता में तब्दील हो गया है। खास बात यह है कि ओवर स्पीडिंग करने वाली बसों के चालकों की रिपोर्ट तक संचालन शाखा तक नहीं पहुंच रही है। मगर अधिकारी सब कुछ बेहतर होने की दलील दे रहे हैं।

 

परिवहन निगम मुख्यालय पर ट्राइमैक्स का काम देख रहे प्रधान प्रबंधक पी बेलवरिया के मुताबिक रोडवेजकी करीब 95 फीसद बसों में ईटीएम से ही टिकट बन रहे हैं। बसों में टिकट बिक्री तथा जीपीएस बेस ईटीएम के जरिए बसों में कुल यात्री, टिकट राशि से लेकर लेकर लोकेशन तक सर्वर पर सुरक्षित रहती है। इसके लिए दो सर्वर पर काम हो रहा है। सर्वर पर दर्ज होने वाला डेटा कितना सुरक्षित है, इसी का सुरक्षा आडिट होना है। हालांकि प्रथम दृष्टया व्यवस्था एकदम दुरुस्त है। अब इसकी पड़ताल की जानी है।

मगर मुसाफिरों के कुछ नहीं

आईटीएमएस योजना के लागू होने के बाद यात्रियों की सुविधा बसों की जानकारी के लिए प्लाजमा डिस्प्ले बोर्ड, स्टेशन पर वरिष्ठ यात्रियों के लिए मित्र तैनात किए गए थे। मगर बाद में यह तमाम व्यवस्था बंद हो गई। स्मार्ट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट केवल बसों तक सीमित होकर रह गया। स्टेशन पर सफाई आदि की व्यवस्था भी दोबारा रोडवेज के पास पहुंच गई। वहीं ये तमाम कार्य बंद होने के बाद ट्राइमैक्स का भी सारा काम केवल टिकटिंग तक ही सिमट गया।  

 

रोडवेज की बसों का संचालन स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत हो रहा है। बसों में टिकट ईटीएम से ही बन रहे हैं। पूरे प्रदेश में टिकट की बिक्री व बैलेंस सर्वर पर हमेशा उपलब्ध रहता है। इसकी की विभिन्न पहलुओं पर जांच कराई जानी है। सेफ्टी आडिट में इसी जांच की जाएगी।

पी गुरु प्रसाद

प्रबंध निदेशक रोडवेज

 

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