Home Rising At 8am Latest Updates Over GST Implementation In India And Tax Fare In The Country

मध्य प्रदेश: बगोटा गांव में एक झोपड़ी में लगी आग, 3 बच्चों की मौत

हावड़ा से पटना जा रही तूफान एक्सप्रेस में लगी आग

2008 से चल रहा था रोटोमैक घोटाला: सीबीआई

बैंक घोटाले में 13 PNB बैंक अधिकारियों से पूछताछ जारी: सीबीआई

नाडा के पीएम 21 फरवरी को अमृतसर में पंजाब के सीएम से करेंगे मुलाकात

गुड्स तो गुड लेकिन सेंट्रल एक्साइज सुस्त

Rising At 8am | 19-Oct-2017 | Posted by - Admin
  • टैक्स चोरों के हवाले बाजार
  • रेलवे से लेकर ट्रांसपोर्ट तक बिना टैक्स की माल ढुलाई
   
Latest Updates over GST Implementation in India and Tax fare in the Country

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

     

दीप उत्सव का पर्व बाजार के लिए संजीवनी की तरह रहा मगर इसका पूरा मजा नंबर दो का कारोबार करने वालों ने ही उठाया। दरअसल दूसरे राज्यों से झालरों से लेकर रेडीमेड तक की धड़ल्ले से सप्लाई हुई और वह भी बिना टैक्स इन्वाइस के। यानी टैक्स भी मुनाफे के तौर पर कारोबारियों की जेब में पहुंच गया। खास बात यह है कि कामर्शियल टैक्स अधिकारी भी सब जान रहे हैं लेकिन उनके हाथ बंधे हैं। जीएसटी के तहत इंटरस्टेट जांच का काम अब एक्साइज विभाग का है, लेकिन इस विभाग की भूमिका अब देखें तो कहीं नजर नहीं आई।

 

 

दरअसल जीएसटी के तहत के आधा सीजीएसटी (सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स) तथा आधा स्टेट जीएसटी लग रहा है। बड़े कारोबारी भी सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों के अधीन हैं। नेशनल हाईवे तथा दूसरे प्रांत से आने वाले माल की जांच का काम भी उनके दायित्व में है। यह जांच हो नहीं रही है। रेलवे तक से धड़ल्ले से माल दूसरे प्रांत से मंगाया जा रहा है, जबकि ट्रांसपोर्ट में भी यही चल रहा है।

कामर्शियल टैक्स विभाग के पास केवल राज्य के अंदर का परिवहन आता है लेकिन उस पर रोक है। अधिकारी भी केंद्रीय कर्मचारियों के समान वेतन व अधिकार के लिए आंदोलनरत है। नतीजा यह है कि टैक्स चोरी का माल मंगाने वालों की लाटरी लगी हुई है।

 

कामर्शियल टैक्स विभाग के अधिकारियों की मानें तो जीएसटी के रिटर्न दाखिल करने में ही इतनी दिक्कतें हो रही है कि सरकार खुद बैकफुट पर है। नतीजा सख्ती नहीं हो पा रही है। इस काऱण से पंजीकृत व्यापारी अपने रिटर्न व स्टाक को लेकर परेशान हैं जबकि बिना पंजीयन और टैक्सचोरी का माल बेचने वाले धड़ल्ले से कारोबार कर रहे हैं। खास बात यह है कि जीएसटी लागू होने के बाद भी एक्साइज विभाग की ओर से व्यापारियों के लिए कोई प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम या जागरूकता कार्यक्रम नहीं किया गया। कामर्शियल टैक्स अधिकारियों को अपने सेक्टर में 50 -50 व्यापारियों की सहायता करने तक के निर्देश जारी कर दिए गए लेकिन एक्साइज या सर्विस टैक्स विभाग के लिए रस्म अदायगी के तौर पर भी कुछ नहीं हुआ।

 

 

पल्लेदार बन गए व्यापारी

रेलवे से दूसरे प्रांत से आने वाले माल में जमकर खेल हो रहा है। दरअसल ट्रेनों में माल की ढुलाई अब लीज पर हो रही है। लीज होल्डर दूसरे राज्यों व शहरों के हैं। उन्होंने ठेका ले रखा है और जीएसटीएन ले रखा है। जबकि राजधानी सहित विभिन्न स्टेशनों पर काम करने वाले पल्लेदारों के नाम पर जीएसटीएन हासिल कर धड़ल्ले से टैक्स चोरी का धंधा किया जा रहा है। पंजाब, लुधियाना, दिल्ली, मुंबई, असम सहित कई राज्यों से धड़ल्ले से ट्रेनों से टैक्सचोरी का माल राजधानी के बाजारों मे पहुंच रहा है। इस माल को रोकने टोकने वाला भी कोई नहीं है।

 

 

नियम बन रहे हैं सहायक

जीएसटी के तहत पचास हजार के माल के परिवहन के लिए किसी बिल की भी जरूरत नहीं है। इस कारण से तमाम कारोबारी अपना माल छोटे यानी कम कीमत वाले पार्सल में मंगा रहे हैं। इनकी जांच भी नहीं होती है। रेलवे, कूरियर कंपनियों, कार्गो तथा ट्रांसपोर्ट कंपनी सब इन पार्सल का धड़ल्ले से परिवहन कर रहे हैं और मुनाफा कमा रहे हैं।

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555







TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll


https://www.therisingnews.com/slidenews-personality/a-day-with-doctor-sarvesh-tripathi-1668



Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news