Neha Kakkar Reveald Her Emotional Connection with Indian Idol

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

केंद्र सरकार कालेधन तथा टैक्सचोरों पर लगाम लगाने के लिए नई तरकीब और योजनाओं को ला रही है तो दूसरी तरफ गुड्स एंड सर्विस टैक्स लगने के बाद बाजारों में टैक्सचोरी का गोरखधंधा कुछ ज्यादा बढ़ गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि केवल सरकारी शुल्क के नाम पर हो रही है अवैध वसूली बढ़ गई है और सामान की आमद पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा हो गई है। चारबाग स्टेशन से लेकर ट्रांसपोर्टर तक यह काकस बन चुका है और इसकी एवज में हर दिन लाखों रुपये का लेनदेन चल रहा है।

 

दरअसल कानपुर में जीएसटी कमिश्नर की गिरफ्तारी के बाद के अब सारा मामला साफ दिखाई दे रहा है। कहने को चारबाग स्टेशन तथा राजधानी आने वाली सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर जांच की जा रही है। सेंट्रल तथा स्टेट मोबाइल चेकिंग टीमें बाहर से आने वाले मालवाहकों की जांच कर रही है लेकिन इसके बावजूद कहीं पर कोई रोकटोक नहीं है। सूत्रों के मुताबिक चारबाग स्टेशन प्रतिदिन करीब दो करोड़ रुपये की होजरी, करीब एक करोड़ की आटो पार्ट्स व इलेक्ट्रानिक उपकरण तथा दो करोड़ से अधिक के सूखे मेवे, सुपारी व मसाले उतर रहे हैं। यह सारा माल स्टेशन से उतरने के बाद नाका, चारबाग, मवैया तथा यहियागंज स्थित गोदामों में आसानी से पहुंच रहा है। खास बात यह इस पूरे नेटवर्क में कामर्शियल टैक्स विभाग के अधिकारी भी पूरी से तरह से मिले हुए हैं।

धड़ल्ले से बिना इन्वायस व्यापार

गुड्स एंड सर्विस टैक्स लगने के बाद के जहां बिना बिल के माल ढुलाई को लेकर कारोबारी सशंकित थे, वहीं व्यवस्था लागू होने के तीन महीने के बाद अब बिना बिल का ही कारोबार ज्यादा हो रहा है। चारबाग स्टेशन पर पहले से कहीं ज्यादा माल आ रहा है और तमाम एजेंट इसमें सक्रिय है। माल अधिकारियों के सामने से ही वहां से निकल कर गोदामों तक पहुंच जाता है। जबकि सरकार लगातार जांच किए जाने का दावा कर रही है। मगर हकीकत कुछ अलग ही नजर आती है। सूत्रों के मुताबिक बिना सहमति के इतने बड़े पैमाने पर माल की ढुलाई नहीं हो सकती है। कामर्शियल टैक्स विभाग के सूत्रों के मुताबिक लगातार कम हो रहे राजस्व की मुख्य वजह यही है। बाजारों में किसी भी चीज की शार्टेज नहीं है लेकिन टैक्स काफी कम आ रहा है। इस कारण से आने वाले दिनों में टैक्स चोरी पर प्रभावी तरीके से रोकने की रणनीति तय की जा रही है।

बदल रहा है माल निकासी का फंडा

स्टेट की मोबाइल यूनिट के साथ ही सेंट्रल यूनिट की सक्रियता के चलते स्टेशन परिसर से माल निकालने के लिए नई –नई तरकीब लगाई जा रही है। कभी यह माल देर रात निकाला जा रहा है तो कभी तड़के। खास बात यह है स्थानीय प्रशासन व रेलवे के बीच सामंजस्य के अभाव के कारण स्टेशन परिसर में माल की जांच नहीं हो पाती है और टैक्स चोरी में लिप्त एजेंट इसी का फायदा उठा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए अब जिला प्रशासन से सहयोग लेने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले दिनों फैजाबाद, कानपुर सहित कई शहरों में जिला प्रशासन के सहयोग से रेलवे द्वारा आने वाले माल की पकड़ धकड़ की गई थी और इसमें काफी राजस्व मिलने के साथ ही बड़े पैमाने पर टैक्सचोरी का माल भी पकड़ा गया था।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement

Loading...

Public Poll