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दि राइजिंग न्‍यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

घर की सारी पूंजी और मशक्कत कर आलू की फसल तैयार कर दाम न मिलने के कारण परेशानी झेल रहे किसानों को सरकार ने कुछ राहत प्रदान की है। सरकार ने आलू की कीमत में 79 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा कर दिया है। इसके बाद आलू की कीमत 487 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 599 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। किसान भी सरकार के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं मगर क्रय केंद्रों पर आलू की खरीद किए जाने को बड़ी चुनौती करार देते हैं।

 

 

प्रदेश के आलू किसान भारी मुसीबत झेल रहे थे। दरअसल, सरकार ने आलू की खरीद के लिए 487 रुपये प्रति क्विंटल का दाम तय कर लिया था लेकिन आलू की खरीद क्रय केंद्रों पर कम हो रही थी जबकि बाजार में आलू दो–ढाई रुपये किलो के भाव बिक कर रहा था। मुसीबत ज्यादा इस कारण थी कि कोल्ड स्टोरेज में आलू को रखने का भाड़ा ही करीब 220 रुपये प्रति क्विंटल था और बाजार भाव दो सौ रुपये क्विंटल। यानी भाड़े बराबर भी दाम न मिल रहे थे जबकि अपनी पूंजी लगाकर खेतों मे आलू तैयार करने वाले किसान बरबादी की कगार पर पहुंच गए थे।

 

 

किसानों का आक्रोश इसी से देखा जा सकता है कि पिछले दिनों किसानों में अपना आलू विधानसभा, राजभवन तथा मुख्यमंत्री आवास के सामने सड़क पर फेंक दिया। किसानों के विरोध के इस नए पैंतरें किसानों की समस्या ही नहीं बल्कि पुलिस की तमाम मुस्तैदी की भी कलई खोल कर रख दी।

 

 

 

किसानों के इस विरोध असर भी जल्द सामने आ गया। सरकार ने आलू की कीमत में 79 रुपये क्विंटल का इजाफा कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के नेता हरनाम सिंह वर्मा के मुताबिक सरकार ने आलू की कीमत 566 रुपये तय कर दी है, यह स्वागत योग्य है लेकिन सरकार को इस बात को भी सुनिश्चित कराना होगी कि क्रय केंद्र पर आलू लेकर जाने वाले किसान से उसकी फसल खरीद ली जाएं।

 

 

तो खराब न होती स्थिति

दरअसल, किसानों की समस्या की मूल वजह सरकारी क्रय केंद्रों पर आलू की बिक्री न होना है। किसानों के मुताबिक सरकार ने आलू खरीद के लिए तीस एमएम और पचास एमएम का ग्रेड तय है। यानी किसानों का आधा आलू सरकारी मानकों पर खरा नहीं था। इसके अलावा खरीद में भी बहुत सुस्ती थीं। अब सरकार ने समर्थन मूल्य बढ़ाने के साथ आलू की खरीद के लिए बीस एमएम और अस्सी एमएम की ग्रेडिंग कर दी है। इससे किसानों कुछ फायदा होगा। हालांकि खरीद न होने पर स्थिति में बहुत खराब हो जाएगी।

 

 

ग्राम पंचायत स्तर पर दिए जाएं छन्ने

भारतीय किसान यूनियन के नेता हरनाम सिंह वर्मा ने सरकार से आलू के लिए दस एमएम और नब्बे एमएम की ग्रेडिंग किए जाने की मांग सरकार से की है। उनके मुताबिक इसके साथ ही आलू के साइज के लिए लगाए जाने वाले छन्ने ग्राम प्रधान स्तर तक उपलब्ध कराएं जाएं ताकि किसान वहीं आलू लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचे। इससे उनका भाड़ा बचेगा और किसानों की ज्यादा आलू बिक सकेगा।

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