Ayushman Khurrana Wants To Work in Kishore Kumar Biopic

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

हरियाणा में कुछ युवकों ने एक गर्भवती बकरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जिससे उसकी मौत हो गई। इन दिनों ये मामला लाइमलाइट में है। बता दें कि इसके पहले हैदराबाद और मुंबई में कुतिया के रेप की घटनाएं सामने आई हैं। इन मामलों को मद्देनज़र रखते हुए एक डॉक्टर ने ऐसे लोगों को मानसिक बीमारी का शिकार बताया है।

 

एब्नॉर्मल सेक्सुअल एक्टीविटीज से घिरे होतें है जानवरों से दुष्कर्म करने वाले लोग

ऐसे मामलों पर मनोचिकित्सक डॉ. मनीष जैन बताते हैं कि यह बहुत असामान्य तरीके की बीमारी है जो बहुत कम ही लोगों में देखने को मिलती है। इस एब्नॉर्मल सेक्सुअल एक्टीविटीज की बीमारी को पैरीफीलिया कहते हैं। इसी का एक तरीका बेस्टीएलिटी यानी जानवरों के साथ सेक्स होता है। इसमें सैडिस्ट प्रकृति के इंसान किसी जानवर के साथ सेक्सुअल व्यवहार करते हैं।

गंभीर यौन इच्छा रखने वाले लोग देतें हैं ऐसी घटनाओं को अंजाम

डॉ. जैन के मुताबिक इस बीमारी के शिकार अक्सर वही लोग होते हैं जिनका बचपन में सेक्सुअल शोषण हुआ होता है, या उनका हिंसक तरीके से अपमान हुआ होता है। ऐसे लोग अपने उसी मनोविकार को इस तरीके से निकालने की कोशिश करते हैं। इस वर्ग में ऐसे भी लोग हो सकते हैं जो गंभीर यौन इच्छा की भावना रखते हैं और उसकी सामान्य तरीके से पूर्ति नहीं कर पाते हैं। डॉक्टर जैन के मुताबिक यह जरुरी नहीं कि इस तरह के लोग सिर्फ असामान्य तरीके से ही सेक्स की आवश्यकता पूरी करते हों। ऐसे भी लोग हो सकते हैं जो सामान्य तरीके से वैवाहिक जीवन भी व्यतीत कर रहे हों और इसके साथ ही बेस्टीएलिटी का भी शिकार हों, यानी जानवरों के साथ भी सेक्स करते हों। अपने पालतू जानवरों के जननांगों को छूना भी इसी बीमारी की बहुत कम गंभीर प्रकृति मानी जाती है।

 

अश्लील वीडियो से उजागर होती हैं सेक्सुअल फैंटेसी

आज बाजार में अश्लील वीडियो की भरमार है। इनमें जानवरों के साथ सेक्स करते हुए वीडियो भी मिलते हैं। ऐसे में इस बात की भी संभावना है कि कुछ लोग ऐसे वीडियो देखकर सेक्सु्अल फैंटेसी के रुप में पशुओं के साथ संभोग को आजमाते हों। हालांकि डॉ जैन इससे सहमत नहीं हैं। उनके मुताबिक हम केवल उन्हीं चीजों के प्रति आकर्षित होते हैं जिनके प्रति पहले से ही हमारा लगाव होता है। एक ही फिल्म को देखने के बाद अलग-अलग लोगों का अलग-अलग किरदारों को पसंद करना यही बताता है कि हम कुछ ही चीजों के प्रति आकर्षित होते हैं और उन्हें ही आजमाने की कोशिश करते हैं, जबकि दूसरी तरह की चीजों के प्रति हमारे मन में बुरा भाव पैदा होता है। इसी तरह बेस्टीएलिटी के बीज भी कहीं न कहीं इंसान के मन में छिपे होते हैं जो इस तरह से सामने आते हैं।

गंभीर अपराध है पशुओं के साथ सेक्स

ज्यादातर देशों में जानवरों के साथ सेक्स करना गंभीर अपराध माना जाता है जहां बेस्टीएलिटी के मामले में दो वर्ष से लेकर कई वर्षों की सजा हो सकती है। हालांकि हंगरी और फिनलैंड जैसे देशों में यह अब भी अपराध नहीं माना जाता है। ब्रिटेन में इस मामले में आजीवन कारावास का प्रावधान था जिसे हाल ही में घटाकर दो साल कर दिया गया है।

 

भारत में पशुओं के साथ सेक्स को अप्राकृतिक सेक्स के रुप में अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों को पुलिस आईपीसी की धारा 377 (समलैंगिकता की तरह अपराध) के तहत दर्ज करती है। धारा 377 में आरोप सिद्ध होने पर आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की जेल हो सकती है। समलैंगिक लोग इसी धारा को अपने जीवन के अधिकार के तहत इसे खत्म करने की मांग कर रहे हैं।

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