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सफाई व्यवस्था बनी हाथी के दांत

| Last Updated : 2017-11-04 10:03:02

 

  • मोहल्लो में झाड़ू लगाने वाले मंत्रियों के दरवाजे पर कूड़ा
  • घर साफ नहीं, बाकी शहर करा रहे है साफ

Ground Reality of Clean India Campaign


दि राइजिंग न्‍यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

बड़ी प्रचलित कहावत है, हाथी के दांत खाने के और दिखने के और. .

 

यह कहावत प्रदेश सरकार के तेज तर्रार मंत्रियों पर भी सटीक बैठती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वच्छता अभियान को लेकर बेहद संजीदा नजर आ रहे हैं। अब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री इसे लेकर प्रयासरत और गंभीर हैं, लिहाजा प्रदेश सरकार के तमाम मंत्री भी झाड़ू लगाने से लेकर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेने में कहीं पीछे नहीं है। मगर स्वच्छता के प्रति उनकी जागरूरता और गंभीरता उनके घर के आसपास के महौल की बयां कर देता है। मंत्री झाड़ू भले बाद में लगाए लेकिन मीडिया को जानकारी उसके पहले जरूर दे दी जाती है ताकि सुर्खियां पूरी मिले। सवाल यह है कि जो मंत्री अपने घर के आसपास सफाई नहीं रख सकते हैं, वह बाकी क्षेत्रों में कितना साफ करवा पाएंगे।

(फोटो: कुलदीप सिंह ) 

अब जरा गौर कीजिए। प्रदेश सरकार की महिला कल्याण मंत्री स्वाति सिंह, कांग्रेस के आलमी उर्दू के संयोजक अम्मार रिजवी सहित दर्जन भर ब्यूरोक्रेट की रिहाइश गौतम पल्ली में कूड़े का ढेर दूर से ही नजर आता है। मंत्री स्वाति सिंह के घर के नजदीक ही कूड़ा दिखाई देता है। एमएलसी अम्मार रिजवी के घर के बाहर कूड़े का ढेर दिखाई देता है। खास बात यह है कि इन आवासों के महज दो सौ मीटर की दूरी पर मुख्यमंत्री का आवास है। या यूं कहे की मुख्यमंत्री आवास के पिछले हिस्से में ही गौतमपल्ली है। सवाल यह है कि जब मुख्यमंत्री आवास के दो –तीन सौ मीटर के फासले पर सफाई व्यवस्था का यह हाल है तो फिर बाकी जगह पर सफाई की उम्मीद क्या करें।

(फोटो: कुलदीप सिंह ) 

मंशा पर ही सवाल

 

पिछले दिनों आगरा में ताजमहल में झाड़ू लगाकर चर्चा में रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रियों व नगर निगम के अफसरों की मंशा सरकार को सवालों में खड़ा कर देती है। विपक्षी शुरू से ही सरकार के स्वच्छता अभियान को सुर्खियां पाने का हथकंडा करार देता रहा है। दो महीने पहले गौतम पल्ली के नजदीक सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के आवास पर बारिश का पानी भर गया था। इसके पहले भाजपा के एक मंत्री के घर पर भी पानी भर गया था। इतना कुछ होने के बाद भी नगर निगम सफाई पर कितना ध्यान दे रहा है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मंत्रियों के घर के आगे के लगे कूड़े ढेर बता देते हैं। केंद्र से लेकर राज्‍य सरकार तक स्‍वच्‍छता मिशन और स्‍वच्‍छ भारत के तहत साफ-सफाई पर बड़ी-बड़ी बाते कर रही हैं। मगर इनकी बातों की पोल तो खुद सत्‍ताधारी ही खोल रहे हैं।



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