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दि राइजिंग न्‍यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

   

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद एकदम से सक्रिय हुए टैक्सचोरों पर शिकंजा कसने की तैयारियां अब आकार लेती दिख रही है। इसके लिए कामर्शियल टैक्स की चार मोबाइल टीमें टैक्सचोरी में लिप्त रहने वाले कारोबारियों की निगरानी में जुट गई है। निशाने पर मुख्यरूप से पान मसाला, खाद्य तेल तथा आयरन –हार्डवेयर कारोबारी हैं। पिछले दिनों एक साथ दो पान मसाला कंपनियों में हुई जांच इसी का परिणाम थीं। सूत्रों के मुताबिक टैक्सचोरी के मामले में कई बड़े कारोबारी व ट्रांसपोर्टरों का सिंडीकेट चिन्हित कर लिया गया है।

 

दरअसल गुड्स एंड सर्विस टैक्स लागू होने के बाद प्रवर्तन काम काफी प्रभावित हो गया था। जांच व प्रवर्तन पर परोक्ष रुप से रोक ही लगी हुई थी। लिहाजा कारोबारी भी भयमुक्त हो गए थे और बड़े पैमाने पर बिना बिल व टैक्सचोरी का माल मंगाया जा रहा था। रेलवे स्टेशन से लेकर ट्रांसपोर्ट गोदामों में लाखों रुपये का सामान प्रतिदिन मंगाया जा रहा है। टैक्सचोरी का यह माल न केवल राजधानी पहुंच रहा है बल्कि बिना किसी जांच सुरक्षित बाजारों व व्यापारियों तक भी पहुंच रहा है। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत उन कारोबारियों को ही रही थीं जो अपना कारोबार बिल पर कर रहे हैं।

केवल कारोबारी ही नहीं बल्कि सरकार को भी राजस्व बड़ी चपत लग रही है। इसके मद्देनर कामर्शियल टैक्स विभाग भी टैक्सचोरी को लेकर सख्त हो गया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए वाणिज्य कर मुख्यालय पर चार सेंट्रल मोबाइल यूनिट को सक्रिय कर दिया गया। इन इकाईयों का काम ज्यादा टैक्स चोरी वाले ट्रेड व बड़े डीलरों की निगरानी करना तथा टैक्सचोरी को उजागर करना है। इसी क्रम में पिछले दिनों राजधानी में दो पान मसाला हरसिंगार व पुकार की फैक्ट्री पर छापेमारी कर जांच की गई। यहां पर करोड़ों रुपये की टैक्सचोरी सामने आई है।

 

हर कन्साइनमेंट पर बंधी है रकम

सुपारी, पान मसाला, खाद्य तेल, हार्डवेयर तथा आयरन प्रोडक्ट्स की हर कंसाइमेंट पर कामर्शियल टैक्स विभाग के अधिकारियों की हिस्सा बंधा हुआ है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों अपर आयुक्त केशव लाल के यहां आयकर छापेमारी में भी इसका खुलासा हुआ था। विभाग के कई संयुक्त आयुक्त और अपर आयुक्त की सांठगांठ रेलवे स्टेशन से लेकर ट्रांसपोर्ट तक दिखाई देती है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली, मुंबई तथा असम की ओर से सुपारी, इलेक्ट्रानिक्स, होजरी व गर्म कपड़ों आदि की बड़े पैमाने पर आपूर्ति हो रही है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का माल चारबाग स्टेशन पर ही उतर रहा है और सुरक्षित कारोबारियों के यहां पहुंच रहा है। चारबाग स्टेशन पर इलेक्ट्रानिक्स तथा कपड़े व होजरी के माल के लिए जिम्मेदार एजेंटों को अपने ट्रांसपोर्ट तक खोल दिए हैं। लिहाजा सख्ती बढ़ने पर एक आध स्टेशन आगे –पीछे माल उतारा जा रहा है। कई एजेंट रेलवे लीज लेने वाले कारोबारियों के एजेंट के तौर पर भी है। लिहाजा आराम से राजधानी से दूर माल उतार कर उसे अपने ही ट्रांसपोर्ट से राजधानी मंगा कर उसकी आपूर्ति कर रहे हैं। इसके लिए कामर्शियल टैक्स विभाग के भ्रष्ट अधिकारी भी उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं। ऐसी ही बड़ी मछलियों को पकड़ने के लिए सेंट्रल मोबाइल यूनिटों का गठन किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अगले दो –तीन दिन में कुछ बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

जांच एजेंसियों के सरीखा काम

सेंट्रल मोबाइल यूनिटें आयकर विभाग या फिर सीबीई टीम की तरह से हर सूचना व कारोबारी के रिटर्न आदि की बरीक निगरानी कर रहे हैं। इसका मकसद कारोबारी के वास्तविक टर्नओवर का पता लगाना और स्टाक-रिटर्न के बीच का अंतर खोजना और फिर कार्रवाई करना है। दरअसल तमाम कारोबारी अपने कारोबार को रिटर्न में काफी कम दिखाते हैं जबकि वास्तविकता में बिना बिल –लिखत –पढ़त बड़ा कारोबार कर रहे हैं। मुख्यालय पर तैनात अपर वाणिज्य कर आयुक्त दावा करते हैं कि इन यूनिटों के जरिए जल्द ही कई बड़े टैक्सचोरों का पर्दाफाश किया जाएगा।

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