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बीहड़ में विकास की बयार

Rising At 8am | 21-Feb-2018 | Posted by - Admin

 

  • बुंदेलखंड को मिली रफ्तार की सौगात

  • अब नजरें डिफेंस कारीडोर के निर्माण पर

   
Full Details of Day one UP Investors Summit 2018

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

जमाने से विकास की दौड़ से चल रहे बुंदेलखंड के लिए बुधवार 21 फरवरी एक ऐतिहासिक दिन बन गया। इंवेस्टर सम्मिट के उद्घाटन में प्रधानमंत्री के बुंदेलखंड को डिफेंस कारीडोर से जोड़ने की घोषणा के बाद बीहड़ वाले इस इलाके में मानो ठंडी बयार का झोंका लोग महसूस कर रहे हैं। इस डिफेंस कारीडोर पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे और करीब ढाई लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। आजादी के बाद से बुंदेलखंड को केंद्र में रखकर इस तरह की योजना बनी है। खास बात यह है कि इंवेस्टर सम्मिट के उद्घाटन में इस डिफेंस कारीडोर की घोषणा के साथ ही प्रधानमंत्री ने इसकी निगरानी भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी हैं। ऐसे में विकास की दौड़ अब तक फिसड्डी रहें, बुंदेलखंड को नई राह दिख रही है।

 

डिफेंस कारीडोर के तहत झांसी में डिफेंस एक्विपमेंट फैक्ट्री बनाई जाएगी। यहां उल्लेखनीय है कि झांसी के नजदीक स्थित बबीना एशिया में सबसे बड़ा सैन्य रिहर्सल केंद्र के रूप जाना जाता है। ऐसे में झांसी में सेना सुरक्षा से संबंधित उपकरणों का निर्माण होने से काफी राहत मिलेगी। उल्लेखनीय है कि कानुपर में दशकों पहले आर्म्स फैक्ट्री खुली थी और यह वहां की पहचान बन गई है। इसक्रम में अब डिफेंस कारीडोर को भी बुंदेलखंड के विकास से सीधे जोड़ कर देखा जा रहा है। देश में दो डिफेंस कारीडोर बनाए जाने की घोषणा आम बजट में की गई थी। इसमें एक डिफेंस कारीडोर चेन्नई में बन रहा है जबकि दूसरा कारीडोर उत्तर प्रदेश में है। इस कारीडोर को बुंदेलखंड से जोड़ा गया है।

इंतजार अमली जामा मिलने का

डिफेंस कारीडोर आगरा, इलाहाबाद, लखनऊ से झांसी तक बनेगा। इसके लिए  पंद्रह गांवों की 55 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यहां पर सैन्य उपयोग की वस्तुओं का निर्माण होने से रोजगार भी बढ़ेंगे। साथ ही एक बड़ा कारखाना आने से आसपास के पूरे इलाके में भी विकास में तेजी आएगी। जो बुंदेलखंड में फिलहाल देखने को नहीं मिलती है।

 

बंदरबांट का शिकार रहा बुंदेलखंड

ऐसा नहीं है कि पूर्ववर्ती सरकारों में बुंदेलखंड के लिए पैकेज या योजनाएं नहीं घोषित हुई लेकिन उनकी निगरानी न होने के कारण से योजनाएं पूरी हो सकीं न वांछितों तक राहत पहुंची। मुख्य कारण यह था कि योजनाओं की निगरानी हुई न उन पर गंभीरता दिखाई गई। नतीजा यह रहा कि बुंदेलखंड के हालात जस के तस बन रहें। प्रदेश में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड के विकास के दावें किए थे। बुंदेलखंड को मुख्य धारा से जोड़ने का भी दावा किया था। आज प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद विपक्षी दल भी इस पर चारो खाने चित्त दिखाई दे रहे हैं। यही नहीं प्रधानमंत्री ने इस पूरी योजना की निगरानी का दायित्व भी मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को दिया है। इस कारण योजना के जल्द शुरू होने की भी पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

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