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दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

पहले लोक कल्याण के नाम पर बिजली विभाग ने लोगों को कैंप लगाकर बिजली के कनेक्शन काटें।  ऊर्जा मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक हर घर तक बिजली पहुंचाने की दावा करते हैं। बड़े पैमाने पर बिजली कनेक्शन जारी किए जाने को उपलब्धि के तौर प्रस्तुत किया जा रहा है लेकिन अब इन कनेक्शन धारकों से बिल की वसूली सिरदर्द बन गई है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मानते हैं कि ऐसी योजनाओं में प्रीपेड कनेक्शन दिया जाना ही ठीक होता है।

 

यह हाल राजधानी का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में कुछ इसी तरह का चल रहा है। दरअसल पूरे प्रदेश में सौभाग्या योजना के तहत सात लाख से अधिक बिजली कनेक्शन जारी किए गए। गरीब लोगों और बीपीएल कार्ड धारकों को बिजली के कनेक्शन दिए गए लेकिन अब इन उपभोक्ताओं से ही बिजली के बिल की वसूली पावर कार्पोरेशन के पसीने छुड़ा रही है। सूत्रों के मुताबिक पचास फीसद से ज्यादा उपभोक्ताओं ने अपने बिल जमा नहीं किए हैं।  जबकि राजस्व वसूली को लेकर सरकार से लेकर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन तक सख्त रुख अख्तियार किए हुए हैं। विभागीय अभियंताओं के मुताबिक सरकार की मंशा सभी लोगों को बिजली पहुंचाने की थी लेकिन ऐसे लोगों ने भी बिजली कनेक्शन ले लिए, जो बिल अदा नहीं करना चाहते हैं। दिक्कत वहीं पर आ रही है। ऐसा नहीं है कि सभी उपभोक्ता बिल अदा नहीं कर रहे लेकिन बिल अदा न करने वाले कम नहीं है।

पावर कार्पोरेशन के जनसंपर्क अधिकारी अखिलेश सिंह के मुताबिक सरकार ने गरीब लोगों के घरों तक बिजली पहुंचाने की प्रतिबद्धता के तहत काम किया। लोगों को कनेक्शन भी दिए गए। बीपीएल परिवारों को किस्तों में बिजली संयोजन दिए गए लेकिन अगर उपभोक्ता की मंशा ही बिल अदा न करने की हो तो क्या किया जा सकता है। कनेक्शन लेने वाले लोगों से बकाया राजस्व की वसूली कराई जाएगी।

 

बढ़ेगा सरकार का घाटा

आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के ई. शैलेन्द्र दुबे के मुताबिक सरकार का यह फैसला पावर कार्पोरेशन का घाटा बढ़ने वाला ही साबित होगा। कारण है कि कनेक्शन देते समय इसकी तस्दीक भी नहीं की गई कि कनेक्शन लेने वाला उपभोक्ता बिल अदा करने में समर्थ है भी या नहीं। तमाम ऐसे लोगों को कनेक्शन दे दिए गए, जो बिल अदा करने में सक्षम नहीं है या फिर अदा करना ही नहीं चाहते।

कटिया योजना में भी हुई थी फ्लाप

सरकार की मंशा को इंजीनियर व विभाग एजेंट किस तरह से पलीता लगाते हैं, इसका  उदाहरण पूर्ववर्ती सरकार के दौरान लागू हुई कटिया नियमितीकरण योजना भी थी। इस योजना कटिया लगा बिजली चोरी करने वाले लोगों को नियमित कनेक्शन दिए जाने की घोषणा की गई थी। मगर अभियंताओं व कर्मचारियों की मदद से अपार्टमेंट  और बड़े बड़े बकाएदारों को भी नया कनेक्शन दे दिया गया।  ऐसे उपभोक्ताओं से बकाया वसूलने में अब विभाग के भी पसीने छूट रहे हैं।

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