Actress katrina Kaif and Mouni Roy Visited Durga Puja Pandal

दि राइजिंग न्‍यूज

आउटपुट डेस्‍क।

 

दक्षिण भारत के लिए करुणानिधि ने बहुत जतन किए, उतना ही हंगामा उनके दफनाने को लेकर हुआ। तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कडगम पार्टी के संस्थापक और तमिलनाडु के पांच बार के मुख्यमंत्री मुथुवेल करुणानिधि ने सात अगस्‍त 2018 को देह त्‍याग दिया।

 

एम करुणानिधि यानि दक्षिण भारत में हिंदी विरोधी आंदोलन और द्रविड़ अस्मिता से जुड़े आंदोलनों का सबसे बड़ा चेहरा। सिनेमा से जुड़ा कहानी लिखने वाला शख्स जो घोर नास्तिक था। दक्षिण भारत और खास तौर पर तमिलनाडु में उनका ईश्‍वर तुल्‍य दर्जा था। 94 साल की उम्र में 7 अगस्त 2018 की शाम करीब छह बजे चेन्नई के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया। अब उनका अंतिम संस्‍कार होना था जो इतना भी सरल नहीं था। उनके दफनाने की जगह को लेकर विवाद हो गया।

करुणानिधि की पार्टी डीएमके चाहती थी कि करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाया जाए, जबकि राज्य सरकार मरीना बीच पर जगह देने से इन्कार कर रही थी। मामला अदालत तक पहुंच गया था। 7 अगस्त की रात में ही सुनवाई शुरू हुई। 8 अगस्त की सुबह मद्रास हाई कोर्ट ने करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाने को मंजूरी दे दी।

 

देश का सबसे लंबा बीच है मरीना

मरीना बीच चेन्नई शहर में बंगाल की खाड़ी से लगा हुआ एक समुद्री बीच है। छह किलोमीटर लंबा यह बीच प्राकृतिक तौर पर बना देश का सबसे लंबा बीच है, जो बेहद खूबसूरत है। जब तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के संस्थापक सीएन अन्नादुरई की मौत हुई थी, तो उन्हें मरीना बीच पर ही दफनाया गया था और उनकी समाधि बनाई गई थी। इसके बाद जब तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके के संस्थापक एमजी रामचंद्रन की मौत हुई तो उन्हें भी मरीना बीच पर ही दफनाया गया और उनका मेमोरियल बनाया गया।

2016 में जब तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रही जयललिता की मौत हुई तो उन्हें भी मरीना बीच पर ही दफनाया गया। हालांकि वॉटर फ्रंट से 500 मीटर के दायरे में किसी तरह के निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट की रोक थी, तो जयललिता को उनके मेंटर और उन्हें राजनीति में लाने वाले एमजी रामचंद्रन के मेमोरियल में ही दफनाया गया।

 

अब जब 7 अगस्त की शाम को एम करुणानिधि की मौत हो गई, तो डीएमके पार्टी भी जयललिता की तर्ज पर करुणानिधि को उनके मेंटर और उन्हें राजनीति में लाने वाले सीएन अन्नादुरई के मेमोरियल में ही दफ्न करना चाहती थी। डीएमके समर्थकों ने इसके लिए कावेरी अस्पताल के बाहर नारेबाजी भी की थी। आखिरकार हाई कोर्ट ने करुणानिधि को मरीना बीच पर ही दफनाने की इजाज़त दे दी है।

 

राज्‍य सरकार ने गांधी मंडपम में दी थी जगह

तमिलनाडु सरकार ने करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाने के लिए जगह देने से इंकार कर दिया था। सरकार की ओर से कहा गया था कि मरीना बीच पर नेताओं को दफनाने के कई मामले हाई कोर्ट में लंबित हैं और हाई कोर्ट ने किसी को भी मरीना बीच पर दफनाने से रोक लगा रखी है। ऐसे में करुणानिधि को दफनाने के लिए सरकार सरदार पटेल रोड पर गांधी मंडपम के पास दो एकड़ जमीन देने को तैयार है। गांधी मंडपम वो जगह है, जहां पर तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री चक्रवर्ती राजगोपालाचारी और के कामराज को दफनाया गया है और वहां पर उनके स्मारक बने हैं लेकिन बाद में हाई कोर्ट ने ही मरीना बीच पर अंतिम संस्कार की इजाज़त दे दी।

राष्‍ट्रीय सम्‍मान के साथ करुणानिधि दफन

एक तर्क ये भी दिया गया कि करुणानिधि फिलहाल मुख्यमंत्री नहीं थे, इसलिए उन्हें मरीना बीच पर दफनाने के लिए जगह नहीं दी जाएगी। खुद सरकार की ओर से हाई कोर्ट में ये तर्क दिया गया था। हालांकि हाई कोर्ट ने करुणा को मरीना बीच पर दफनाने की अनुमति दे दी।  वहीं इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ही ऐक्टर रजनीकांत ने भी तमिलनाडु सरकार से कहा था कि करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाने की जगह दी जाए। इसके बाद राष्‍ट्रीय सम्‍मान के साथ करुणानिधि का शव मरीना बीच पर दफन किया गया।

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