Home Rising At 8am Corruption Of Issuing The Documents Related To E-Risckshaw

IndvsNZ: पहले वनडे में भारत ने टॉस जीता, बल्लेबाजी का फैसला

जापान में आम चुनाव के लिए मतदान जारी, PM शिंजो अबे को बहुमत के आसार

आज विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बांग्लादेश के 2 दिवसीय दौरे पर होंगी रवाना

J-K: बांदीपुरा के हाजिन में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर

दो दिवसीय बांग्लादेश दौरे पर आज रवाना होंगी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

Trending :   #Hot_Photoshot   #Sports   #Politics   #Hollywood   #Bollywood
   

चिटफंड कंपनी और ई रिक्शा का प्रमाणपत्र

Rising At 8am | 11-Aug-2017

  • ई रिक्शा लाइसेंस में भी घोटाला
  • व्यावसायिक लाइसेंस काउंटर पर गोरखधंधा

Corruption of Issuing the Documents related to E-Risckshaw

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

चिट फंड कंपनी के बारे में तो आपने सुना जरूर होगा लेकिन कोई चिटफंड कंपनी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्रमाणपत्र दे रही हो, इसकी जानकारी नहीं होगी। तो जान लीजिए, राजधानी में आरटीओ दफ्तर में ई रिक्शा के लाइसेंस के लिए प्रमाणपत्र लखनऊ ई रिक्शा एसोसिएशन द्वारा जारी किया जा रहा था। यह एसोसिएशन चिटफंड कंपनी के रूप में पंजीकृत है और सालों से लाखों रुपये फर्जी प्रमाणपत्र देकर कमा चुकी है। हकीकत में यह प्रमाणपत्र एसोसिएशन के उपाध्यक्ष द्वारा जारी किए जा रहे हैं। उनके द्वारा जारी ये प्रमाणपत्र अधूरे है। (देखें चित्र)

दरअसल आरटीओ दफ्तर में व्यावसायिक वाहनों के लाइसेंस में चल रहे गोरखधंधे के सामने के आने बाद ई रिक्शा के लाइसेंस में हो रहे खेल का भी खुलासा हुआ। पड़ताल में सामने आया कि ई रिक्शा चलाने के लाइसेंस के लिए प्रमाणपत्र दो तीन कंपनियों द्वारा लिया जा रहा है। इनमें एक तो सीधे तौर पर लखनऊ ई रिक्शा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष की थी जबकि बाकी दो भी इसी एसोसिएशन से सम्बद्ध थीं। खास बात यह है कि आरटीओ दफ्तर में प्रशिक्षण वाहन के तौर पर एक भी ई रिक्शा नहीं है। ऐसे अहम सवाल यह है कि फिर प्रशिक्षण कहां और किससे दिया जा रहा था।  अगर बिना प्रशिक्षण ही प्रमाणपत्र दिए गए तो आखिर कैसे, इसके दोषियों पर कार्रवाई क्या होगी।

दरअसल ई रिक्शा के लाइसेंस के लिए लगने वाले प्रमाणपत्र में दो की पड़ताल में सामने आया कि एक पर एसोसिशएन दफ्तर का पता था तो दूसरे वीईसी इलेक्ट्रिक व्हीकल वाटर वर्क्स रोड ऐशबाग का पता अंकित था। दोनों ही प्रमाणपत्रों पर कहीं पर प्रशिक्षण केंद्र का नाम है। न ही प्रशिक्षण केंद्र का पता। सूत्रों के मुताबिक ये प्रशिक्षण केंद्र हैं ही नहीं।

हर महीने लाखों का खेल

 

ई रिक्शा के लाइसेंस के नाम पर चले रहे गोरखधंधे में आरटीओ दफ्तर के व्यावसायिक लाइसेंस काउंटर पर ही करीब एक हजार रुपये प्रति लाइसेंस की वसूली चल रही है। 11 सौ रुपये में लर्निंग लाइसेंस तथा तीन हजार में नियमित लाइसेंस दिया जा रहा है। इसके लिए व्यावसायिक लाइसेंस पर विभागीय कर्मचारी सहित कई दलाल सक्रिय हैं। केवल आधार कार्ड, वोटर आईडी व एड्रेस प्रूफ को रजिस्टर पर चढ़ा कर प्रमाणपत्र बन रहा है और फिर उस पर लाइसेंस बनाकर दिया जा रहा है। इसमें भी व्यावसायिक लाइसेंस काउंटर पर तैनात कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध है जो निर्धारित संख्या से कहीं ज्यादा व्यावासयिक लाइसेंस जारी कर रहा था। इस संबंध में परिवहन आयुक्त गुरुप्रसाद ने भी जांच व कार्रवाई का दावा किया था।

लग गई प्रमाणपत्रों पर रोक

 

दि राइजिंग न्यूज द्वारा इस पूरी पड़ताल के बाद जब लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया तथा खामियों के बारे में पूछा तो उन्होंने प्रमाणपत्रो की जांच कराई और उसे गलत करार दिया। संभागीय निरीक्षक सर्वेश चतुर्वेदी ने बताया कि ई रिक्शा एसोसिएशन कोई अधिकृत संस्था नहीं है और बिना प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी कर रही है। ऐसे प्रमाणपत्रों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की बावत मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है।

 

 

 

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555


संबंधित खबरें



HTML Comment Box is loading comments...

Content is loading...





What-Should-our-Attitude-be-Towards-China


Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll


Photo Gallery
अब कब आओगे मंत्री जी । फोटो- अभय वर्मा

Flicker News



Most read news

 


Most read news


Most read news


sex education news



rising news video

खबर आपके शहर की