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दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए ई टेंडर व्यवस्था लागू करने की घोषणा की गई। हर बिंदु पर जांच का दावा किया गया लेकिन लेसा के अभियंता यहां भी खेल करने से नहीं चूके। इसकी प्रत्यक्ष मिसाल चौक क्षेत्र में बिजली लाइनों को भूमिगत करने का कार्य है। टेंडर के मुताबिक एजेंसी को काम दिसंबर 2017 में काम पूरा कर लेना था लेकिन अभी आधा काम भी नहीं हो पाया है। यही नहीं, जहां पर लाइनें अंडर ग्राउंड हो गई है, वहां भी ट्रांसफार्मर चालू नहीं हो पाए हैं। उधर, अभियंता इसके लिए लोक निर्माण विभाग, नगर निगम से अनुमति नहीं मिल पाना बता रहे हैं। सवाल यह है कि जब अनुमति ही नहीं थी, तो टेंडर कैसे जारी कर दिया गया।

 

दरअसल पुराने शहर में चौक व आसपास के इलाकों में लाइनों को भूमिगत करने का काम पिछले एक साल से चल रहा है। कार्ययोजना के तहत यहां पर बिजली लाइनों को भूमिगत करना तथा पोल पर लगे ट्रांसफार्मरों को हटाकर वहां पर बाक्स ट्रांसफार्मर लगाए जाने थे। व्यस्त बाजार में यह काम की शुरुआत तो आनन फानन करा दी गई लेकिन उसके बाद काम जिस तरीके से हुआ, उसका जवाब किसी के पास नहीं है। आलम यह है कि साल भर में कोनेश्वर मंदिर चौराहे से मेडिकल कालेज क्रासिंग तक ट्रेंच खोद कर बनाई गई लेकिन इनमें पूरे केबल आज तक नहीं पड़े हैं। एक भी बाक्स ट्रांसफार्मर नहीं लगा है। खास बात यह है कि ठेकेदार की हीलाहवाली पर लेसा के मुस्तैद अभियंता भी पर्दा डालने में जुटे हैं। कभी अनुमित न मिलने को वजह बताया जा रहा है तो कभी अन्य कारण लेकिन हकीकत यह है कि मियाद पूरी होने के दो महीने बाद भी काम की गति में कुछ तेजी आई है न ही इसे दुरुस्त किया गया है।

सम्मिट मीट के लिए कसे पेंच

खास बात यह है कि प्रदेश सरकार निवेश के प्रोत्साहन के लिए आयोजित इंवेस्टर सम्मिट में आ रहे मेहमानों को चौक व पुराने लखनऊ ले जाने का प्रोग्राम है। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने भी लेसा अधिकारियों को चौक में इस काम को पूरा कराने के निर्देश दिए हैं लेकिन अब अनुमित न मिलने की बात कही जा रही है। इस कारण से फिलहाल सम्मिट के पहले चौक में व्यवस्था दुरुस्त हो पाएगी, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी इस काम के कारण होने वाली दिक्कतों के कारण मामले की शिकायत अपर जिलाधिकारी पश्चिम से की गई थी लेकिन उसके बाद भी कार्यदायी एजेंसी पर किसी तरह की कार्रवाई हुई न स्थिति में सुधार हुआ।

 

रोज परेशान होते हैं लाखों लोग

मेडिकल कालेज क्रासिंग से मुख्यचौक चौराहा, कोनेश्वर चौराहे के बीच मुख्य मार्ग पर बनाई गई ट्रेंच में जहां तहां मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। जगह –जगह केबल ढेर हैं और इसके कारण लंबा जाम लग जाता है। प्रतिदिन इस क्षेत्र से लाखों लोग निकलते हैं मगर जाम के कारण यहां सड़क चलना भी मुश्किल हो गया है। मगर लेसा के अधिकारी आंख मूंद कर काम पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

एजेंसी के काम को लेकर कई बार फटकार लगाई जा चुकी है। फिलहाल कंपनी द्वारा किए जा रहे के एवज में कोई भुगतान नहीं किया गया है। मध्यांचल प्रबंधन को अद्यतन स्थितिसे अवगत कराया गया है। इस संबंध में जल्द ही कंपनी को समय से काम पूरा करने के आदेश दिए जाएंगे। अन्यथा उसके भुगतानसे कटौती की जाएगी।

रामप्रकाश

अधीक्षण अभियंता

निर्माण मंडल

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