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दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

क्या आपने ने सुना था कि कोई फिल्म फसाद का सबब बन सकती, लेकिन अब यह देखने को भी मिल रहा है। उच्चतम न्यायालय ने संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को रिलीज करने का आदेश दे दिया लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रशासन दंडवत दिखाई दे रहा है। फिल्म भले ही गुरुवार को रिलीज होगी लेकिन धमक के चलते सिनेमाघरों पर पहरा लगा दिया गया है। फिल्म देखने वालों के बजाए हर तरफ खाकी दिख रही है। प्रदेश के राजधानी लखनऊ से लेकर दिल्ली तक फिल्म के विरोध के लिए अलग रणनीति व पटकथा तय दिख रही है। बुधवार को भी कई सिनेमाघरों व मल्टीप्लेक्सों पर हुए प्रदर्शन के बाद जो लोग इस राजस्थान के इतिहास पर आधारित फिल्म को देखने की तमन्ना रखते हैं, उनकी घिग्घी बंध गई है।

 

 

 

दरअसल, फिल्म पद्मावत के विरोध को लेकर राजपतों की करणी सेना सड़क पर है। सेना के मुखिया बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिलकर गए और उनसे फिल्म प्रदर्शित न करने की गुजारिश भी कर गए। उनकी गुजारिश का अंदाज इससे भी समझा जा सकता है कि करणी सेना व उसके सहायक संगठनों ने फिल्म प्रदर्शित होने पर उग्र प्रदर्शन की घोषणा कर दी है। राजधानी में भी बुधवार प्रदर्शन की झलक देखने को मिली। गोमतीनगर से लेकर लालबाग हजरतगंज तक विरोध प्रदर्शन हुआ। एक युवक ने तो आत्मदाह तक करने का प्रयास किया। इससे पुलिस की नींद उड़ गई है।

 

 

स्थिति उस वक्त ज्यादा विकट दिखी जब राजधानी की पुलिस उप राष्ट्रपति से लेकर लखनऊ महोत्सव के उद्घाटन में व्यस्त थीं। यही नहीं, बुधवार को हजरतगंज में ही गणतंत्र दिवस परेड का फुल रिहर्सल चल रहा था। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के लिए सिरदर्द बढ़ गया है।

 

 

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक शुक्रवार यानी दो दिन बाद गणतंत्र दिवस की परेड है। गणतंत्र दिवस को लेकर पहले ही हाई अलर्ट चल रहा है। लखनऊ महोत्सव शुरू हो चुका है और अब फिल्म का विरोध। ऐसे में मामूली चूक किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है, लिहाजा प्रशासन के लिए आने वाले कई दिन चुनौती भरे होंगे।

 

 

गुरुग्राम की घटना ने उड़ाई नींद

फिल्म पद्मावत को लेकर पुलिस व प्रशासन की बेचैनी का वजह बुधवार को गुरुग्राम में करणी सेना के विरोध के तरीके से भी उड़ गई है। दरअसल करणी सेना के कथित गुंडों ने विरोध प्रदर्शन में स्कूली बच्चे ले जाने वाली बस पर भी गुस्सा निकाला। बच्चे बस में रोते रहें लेकिन विरोध होता रहा। ऐसे में पुलिस के लिए अब विरोध के तरीकों पर नजर रखना ही मुसीबत बन गया है। भले ही लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अभय कुमार प्रसाद फिल्म पद्मावत को लेकर सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम होने का दावा कर रहे हैं लेकिन जिस तरह से विरोध हो रहा है, उससे पुलिस कितना निपट पाएगी, ये देखने वाली बात होगी।

 

 

 

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