Actress Parineeti Chopra is also Going to Marry with Her Rumoured Boy Friend

दि राइजिंग न्‍यूज

आउटपुट डेस्‍क।

 

हाल ही में एक खबर आई थी। हैदराबाद के मुस्लिम परिवारों की बच्चियों की शादी गल्‍फ देशों से आए शेख से करा दी जाती थी। बाद में शेख उनका यौन शोषण कर के उन्‍हें यहीं छोड़ जाते थे। एक मीडिया हाउस द्वारा की गई पड़ताल में उन दुल्‍हनों का दर्द निकल कर आया जिन्‍हें इस “व्‍यापार” में धकेला गया और आज वह गुमनामी की जिंदगी जी रही हैं।  तबस्‍सुम (बदला हुआ नाम) की ख्‍वाहिश थी कि वह पढ़े लिखें और नर्स बनें। उम्र 13 साल थी। अचानक से उनकी एक शेख से शादी करा दी गई।

तबस्‍सुम ने बताया कि मैं बेतहाशा रो रही थी। मैंने कहा मैं पढ़ना चाहती हूं लेकिन मुझे बताया गया कि शाम को ही मेरी 55 साल के शेख के साथ शादी है। मेरी मां ने मुझे तैयार किया। मुझे बाद में पता चला कि इस शादी के बदले मेरे माता-पिता को 25 हजार रुपये मिले और बाद में हर माह पांच हजार रुपये देने का वादा भी किया था उनसे शेख ने।

 

काजी आया, निकाह हुआ और वह बुढ्ढा शेख पति बन गया। तबस्‍सुम बताती हैं कि उसने मेरा तीन हफ्तों तक रेप किया और बाद में वीजा दिलाकर बुलाने का वादा कर के चला गया, फिर कभी नहीं आया। इस घटना को आठ साल हो गए हैं, लेकिन तबस्‍सुम अभी भी सदमे में हैं और अब एक एनजीओ में शिक्षिका हैं। वह कहती हैं, "मेरे रिश्तेदार एक बूढ़े आदमी से शादी करने पर मेरा मज़ाक उड़ाते हैं और कुछ कहते हैं कि मुझे त्याग दिया गया है क्योंकि मैं अपने पति की इच्छाओं को संतुष्ट नहीं कर पाई।"तबस्‍सुम का मामला उन 48 मामलों में से एक है जो पिछले तीन सालों में तेलंगाना पुलिस ने दर्ज किए हैं। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन इसमें शादी कराने वाला शख़्स ही गिरफ़्तार किया गया है।

80 साल के बुज़ुर्ग तक मौका नहीं छोड़ते

 

हैदराबाद में दक्षिणी ज़ोन के डीसीपी वी. सत्यनारायण बताते हैं, "आमतौर पर पीड़ित हमारे पास नहीं आते हैं लेकिन वह तब आते हैं जब शेख देश से भाग चुके होते हैं। यह हमारे लिए बड़ी चुनौती है। इसके बाद हम विदेश मंत्रालय से संपर्क करते हैं। हालांकि इन शेखों को भारत वापस लाने की संभावनाएं कम होती हैं।" सितंबर में आठ शेखों के एक समूह को तेलंगाना पुलिस ने गिरफ़्तार किया था। इनमें दो शेख 80 साल की उम्र और बाकी 35 साल के थे लेकिन इस मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। सामाजिक कार्यकर्ता कहते हैं कि इन मामलों में लड़कियां 12 से 17 साल की उम्र के बीच की होती हैं। अधिकतर शेख ओमान, कतर, सऊदी अरब और यमन से आते हैं।

“अम्‍मी सुनने को दिल तड़पता है”

 

12 साल की उम्र में अतिया (बदला हुआ नाम) का निकाह 70 साल के शख्‍स संग हुआ। उन्‍हें एक होटल में ले जाया गया था। वीज़ा का बहाना उन्‍हें भी बताया गया और फिर उनके पति कभी वापस नहीं आए। अतिया ने एक साल बाद बच्ची को जन्म दिया लेकिन उसका पालन-पोषण उनकी बहन के रूप में हुआ है। वह कहती हैं, "मेरी बेटी मुझे बहन कहती है, और मैं अम्‍मी सुनने को तड़प जाती हूं।“

सोशल मीडिया पर हुआ निकाह

 

रुखसार के एक रिश्‍तेदार ने उनकी तस्‍वीर सोशल साइट पर बेचने के उद्देश्‍य से डाल दी। बकौल रुखसार काज़ी ने फोन पर एक अनजान शख्‍स से निकाह पढ़वाया। इसके बाद उन्‍हें यमन ले जाया गया और वहां एक करीब 70 साल के पुरुष ने कहा मैं तुम्‍हारा पति हूं। वहां से वह उसे होटल में ले गया। यौन प्रताड़ना करने के बाद उसे वापस हैदराबाद भेज दिया गया। इन हालातों के बाद भी रुखसार, अतिया और तबस्‍सुम जैसी हजारों लड़कियां शिक्षित समाज-शिक्षित बेटियों का सपना देखती हैं।

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