Director Kalpana Lajmi Passed Away

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

फोटो- अभय वर्मा

लखनऊ।

 

डग्गामारी वह भी आनलाइन। चौकिंए नहीं, प्रदेश भर में यह खेल धड़ल्ले से चल रहा है। दरअसल कई आनलाइन वेबसाइट पर रोडवेज बसों के साथ ही निजी बसों की टिकट बुकिंग हो रही है। वह भी खुलेआम। खास बात यह है कि आए दिन डग्गामार बसों को बंद कर अपनी पीठ थपथपाने वाले परिवहन विभाग को डग्गामार बसों की आनलाइन बुकिंग की पूरी जानकारी है लेकिन वह आंख मूंद कर केवल तमाशा देखा करता है। हालांकि अब अपर परिवहन आयुक्त वीके सिंह ने इस तरह से आनलाइन टिकट बुकिंग करने वाली बसों के खिलाफ सुनियोजित अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

 

दरअसल परिवहन विभाग की उदासीनता के चलते दिल्ली से बिहार तक बसों की आनलाइन बुकिंग हो रही है। विभिन्न साइट्स पर आनलाइन उन बसों के टिकट बुक हो रहे हैं और बाकायदा बस के पहुंचने का समय तक दिया जा रहा है। साइट पर रोडवेज बसों में सीट की उपलब्धता न होने के बाद मुसाफिर भी आसानी से इन बसों के टिकट ले लेते हैं। दरअसल आनलाइन बुकिंग होने की वजह लोगों को यह भी नहीं पता चलता कि बसें अधिकृत है अथवा नहीं। लिहाजा रास्ते में बस कहीं रोकी जाती है तो यात्री हंगामा शुरु कर देते हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि इस तरह से आनलाइन टिकट बुक कर चलने वाली बसें कांट्रैक्ट परमिट की है और यह फुटकर सवारियां नहीं लेकर जा सकती है। मगर इन बसों पर अंकुश लगाने के सवाल अधिकारी चुप्पी साध लेते हैं।

परमिट शर्तों का उल्लंघन

दरअसल आनलाइन टिकट बुकिंग करने वाली बसों के पास कांट्रैक्ट परमिट है। इस परमिट के तहत बस स्वामी या चालक केवल पार्टी बुक कर सकता है। न कि फुटकर मुसाफिर बैठा सकता है। एक स्थान से दूसरे स्थान तक निर्धारित आवागमन के लिए स्टेट कैरिज परमिट की आवश्यकता होती है। परमिट की शर्त के विपरीत संचालित होने के कारण समय –समय पर इन बसों को डग्गामारी में बंद किया जाता है लेकिन यह कार्रवाई केवल दिखावटी होती है। यही कारण अब इन बसों की संख्या में खासा इजाफा हो गया है।

सरकारी बसों के सामान्तर बुकिंग

खास बात यह है कि सरकारी रोडवेज बसों की बुकिंग के समानान्तर ही विभिन्न वेबसाइट प्राइवेट बसों की बुकिंग कर रही है। इन बुकिंग साइट पर बसों की ट्रैकिंग व आवागमन की जानकारी देने का दावा तो किया जाता है लेकिन इस बात का कहीं उल्लेख नहीं है कि बसों के पास परमिट है भी या नहीं। लिहाजा अक्सर इसमें सफर करने वाले लोगों को दिक्कत भी झेलनी पड़ती है। यानी सरकारी बसों के समानान्तर ही डग्गामार बसों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

राजधानी में ही कई अड्डे

राजधानी में ही इन समानान्तर बस सेवा के कई अड्डे बन गए हैं। कानपुर रोड पर कृष्णानगर थाने के नजदीक, आरटीओ दफ्तर की पार्किंग नंबर नौ के करीब तथा गोमतीनगर में वेव सिनेमा के नजदीक से इन बसों का संचालन हो रहा है। खास बात यह है कि अगर किसी ठिकाने पर परिवहन विभाग कार्रवाई करता है तो इसे तत्काल बदल दिया जाता है। मगर संचालन बदस्तूर जारी रहता है।

सुनियोजित कार्रवाई की तैयारी

अपर परिवहन आयुक्त बीके सिंह ने बताया कि यह बात सही है कि आनलाइन बुकिंग के जरिए तमाम कांट्रैक्ट कैरिज की बसों में सवारियां ढोयी जा रही है। यह नियम के विपरीत है। इसके लिए सभी संभागीय अधिकारियों को आनलाइन ही इन बसों की समय सारिणी निकालने और फिर सुनियोजित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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