Biker Died After Collision Between Him and  Zareen Khan Car

दि राइजिंग न्‍यूज

आशीष सिंह  

लखनऊ।

 

राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई का दम भरने वाले एलडीए वीसी प्रभु नारायण सिंह अब बदले बदले दिख रहे हैं। अब इसे सत्तारुढ़ भाजपा सरकार के नेताओं की असर कहे या फिर प्रभावशाली बिल्डरों का प्रभाव मगर एलडीए अवैध निर्माण से कार्रवाई से बचने के लिए नए बहाने तलाश रहा है। इसके लिए अब वीसी अवैध निर्माण की नई परिभाषा बता रहे हैं। अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के बजाय वीसी सेटबैक का रोना रो रहे हैं।

 

शहर में पुराने शहर के सोंधी टोला से लेकर ट्रांसगोमती क्षेत्र के पुराने हैदराबाद तक हो रहे दर्जनों अवैध निर्माण भाजपा नेताओं के संरक्षण में हो रहे हैं। इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में भी जिन निर्माणों पर रोक लगी थी उन्‍हें भी किसी ना किसी भाजपा नेता ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। अब हाल यह है कि गलियों से लेकर राष्‍ट्रीय राजमार्गों के किनारों तक धड़ल्‍ले से अवैध निर्माण जारी हैं। अब पहले सेट बैक तय करने के लिए बिंदुवार रणनीति तैयार करने की कवायद की जा रही है। यानी न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेंगी।

पुराने लखनऊ के हरदोई रोड़ स्थित सरांय माली खां, चौपटिया, सोंधी टोला, अमीनाबाद का मुमताज मार्केट, चूड़ी वाली गली के अंदर का अवैध निर्माण, कपूरथला चौराहे से अलीगंज जाने वाले मार्ग से लेकर शहर के सभी राजमार्गेां तक में जारी है। सभी निर्माणों के आगे भारतीय जनता पार्टी का बैनर, फ्लैक्‍स या झंडे लगाकर यह संदेश दे दिया जाता है कि इसे सत्‍ता पक्ष ने संरक्ष‍ि‍त कर लिया है। चांदगंज में विवेकानंद अस्पताल फ्लाई ओवर के ठीक बगल में तिराहे पर ही बहुमंजिला इमारत बन रही है। भाजपा का बोर्ड और फ्लैक्‍स लगा है। नेताओं का दखल है। इसके बाद भी जब एलडीए जोन पांच के अधिकारी ने इसे सील कर दिया तो रात में निर्माण होने लगा। भाजपा नेताओं ने अधिशासी अभियंता को घुड़की भी इतनी जोरदार लगाई कि वह पलट कर दुबारा देखने तक नहीं गए।

 

यही हाल पुराने लखनऊ का है। यहां पर सौंधी टोला, सरांयमाली खां, चौपटिया के संकरें रास्‍तों पर बड़े-बडे कॉम्‍प्‍लेक्‍स बनकर तैयार हो रहे हैं। इन सबके आगे भाजपा का बड़ा-बड़ा बैनर लगा हुआ है। पहले तो अभियंताओं को नोट देकर साध लिया लेकिन सचिव ने फटकार लगाई तो नेताओं के फोन आने भी शुरू हो गए। सूत्रों के मुताबिक कई फोन तो एक कबीना मंत्री व पूर्व सांसद के परिचत द्वारा ही इसके लिए किए जा रहे हैं। हालांकि एलडीए अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं लेकिन धड़ल्ले से निर्माण इसकी तस्दीक करता है। पुराने हैदराबाद स्थित कालाकंकर मार्ग पर एक बिल्डिंग को नक्‍शा पास ना होने के कारण एलडीए ने सील कर दिया था। अब इस सील बिल्डिंग पर भाजपा पार्षद प्रत्‍याशी राजन सिंह का कब्‍जा है। उन्‍होंने बिना किसी की अनुमति लिए इसे अपना कार्यालय बना डाला है। निर्माण भी चल रहा है।

इसी तरह से ठाकुरगंज चौराहे पर ही पूर्व पार्षद रहे एक सपा नेता ने थाने की बगल की जमीन पर ही अवैध निर्माण करा लिया है। उल्लेखनीय है कि यह वही नेता है जिनके एक अवैध निर्माण को ठाकुरगंज घास मंडी पर तोड़ा गया था लेकिन नया निर्माण थाने के बगल में ही हो गया। इसी तरह से ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में ही पीर बुखारा क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध कांप्लेक्स बन रहे हैं। भले ही एलडीए वीसी ने पिछले दिनों पुराने भवन गिरा कर उन पर कांप्लेक्स बनाने पर रोक लगाने का दम भरा था लेकिन पुराने लखनऊ से लेकर निराला नगर तक यह खेल खुलेआम चल रहा है। सुपरवाइजर, अवर अभियंता से लेकर एलडीए मुख्यालय पर बैठे अधिकारी जेब भर रहे हैं। 

हाईकोर्ट को भी कर रहे गुमराह

 

खास बात यह है कि राजधानी में अंधाधुंध अवैध निर्माण व एलडीए की मिलीभगत का मामला उच्च न्यायालय में भी चल रहा है। न्यायालय की कई बार फटकार लग चुकी है। जिलाधिकारी से लेकर शासन तक इसमें फटकार खा चुका है लेकिन भ्रष्ट एलडीए सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण लालबाग गर्ल्स कालेज में बना ड्रेगन मार्ट है। शासन से लेकर कमिश्नर, एलडीए के विहीत अधिकारी तक इसे अवैध करार दे चुके हैं। कालेज की जमीन पर जबरन कब्जा मानते हुए इसे ध्वस्त करने के आदेश हो चुके हैं लेकिन एलडीए के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से इस बिल्डिंग को कोर्ट से स्टे मिल गया। खुद एलडीए वीसी इसमें बिल्डिंग पर की गई कार्रवाई में खामियों को करार देते हैं लेकिन ऐसे क्यों हुआ और करने वालों का क्या होगा, इसका जवाब कम से कम उनके पास नहीं है।

“फिलहाल कई जगहों पर सेटबैक सही ना होने के कारण एलडीए नक्‍शा ही पास नहीं कर पा रहा है। इसलिए एलडीए एक नई योजना बनाने जा रहा है। इसके अंतर्गत इंजीनियरों से मिलकर कई स्‍तरों पर काम करना है। जिसमें पार्क, सड़क की चौड़ाई और सीवर लाइन जैसे कई बिंदु होगें। प्‍लॉन तैयार होने के बाद ही इस मामले पर कुछ कहना सही रहेगा। रही बात पुराने हैदराबाद मामले की तो इस पर अभी कुछ नहीं कहना।”

प्रभु नारायण सिंह

एलडीए वीसी

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