Actress katrina Kaif and Mouni Roy Visited Durga Puja Pandal

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

एक ओर जहां वाहन सड़कों पर खड़े हो रहे हैं तो वहीं स्‍थानीय लोगों के वाहन पार्किंग में खड़े हो रहे हैं। इन वाहनों को बाकायदा कवर से ढककर पार्क किया गया है। कुछ दो पहिया और चार पहिया वाहन तो ऐसे हैं, जिनमें कई इंच तक धूल-मिट्टी भरी पड़ी है। ठेकेदारों ने जहां पार्किंग को जहां कार बाजार बना दिया तो वहीं गैर प्रांतों-जिलों के वाहनों से भी पार्किंग को पाट दिया है। प्रत्‍येक पार्किंग का बड़ा हिस्‍सा क्षेत्रीय लोगों के वाहनों से भरा रहता है। लिहाजा मार्केट में जरा सी भीड़ बढ़ी तो लोगों को दिक्‍कते भी होती है।

 

 

इनमें कैसरबाग बस स्टेशन की भूमिगत पार्किंग, कैसरबाग की दयानिधि भूमिगत पार्किंग, हजरतगंज की सरोजनी नायडू भूमिगत पार्किंग और अमीनाबाद की झंडेवाला भूमिगत पार्किंग महत्‍वपूर्ण हैं।  

खरीदारी करने पहुंचने वाले लोग सड़क-फुटपाथ पर अपने वाहन खड़े कर रहे हैं, जिससे आए दिन जाम से दो चार होना पड़ता है। जब पुलिस को ही मामले की जानकारी नहीं होगी तो वह बाहर खड़ी गाड़ियों को पार्किंग में कैसे भेजेंगे। कैसरबाग बस स्‍टेशन की पार्किंग को कार बाजार में तब्‍दील कर दिया गया है। यही कारण है कि 15 से 20 चार पहिया वाहन कवर से ढककर खड़े किए गए हैं। इसके साथ ही कई वाहनों में धूल-मिट्टी भरी है तो बाइकें भी क्षतिग्रस्‍त स्थिति में खड़ी हैं। संचालक मनोज ने बताया कि आसपास के लोग अपने वाहनों को मासिक पास लेकर खड़ा कर जाते हैं।

 

 

 

इसी तरह कैसरबाग की दयानिधि भूमिगत पार्किंग में 20 से ज्‍यादा वाहन कवर किए गए हैं। नगर निगम की इस पार्किंग के संचालक रामशंकर ने बताया कि 1200 रुपये प्रति महीने के हिसाब से लोगों से पार्किंग करा ली जाती है। वहीं, सरोजनी नायडू भूमिगत पार्किंग के संचालक बबलू पाण्‍डेय ने भी ऐसे 15 से अधिक वाहनों के खड़े होने की बात मानी है। अब यह किस नियम के तहत खड़े हो रहे हैं यह बात खुद संचालकों को भी नहीं पता।

 

 

अमीनाबाद की झंडेवाला पार्किंग में पुलिस के चालान और सीज किए हुए वाहन खड़े हो रहे हैं। इससे कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि सामान्‍य वाहनों के लिए पार्किंग फुल तक का बोर्ड लगा दिया जाता है। दरअसल, पार्किंग के पूरे क्षेत्र में जहां-तहां गैर प्रांतों तक के सीज किए वाहन खड़े हैं। पार्किंग के संचालक अशोक अवस्थी ने बताया कि पुलिस के डर के कारण वह विरोध नहीं कर पाते हैं। कई-कई वाहन तो ऐसे हैं जो कई वर्षों से खड़े हैं। उन्‍हें कोई लेने ही नहीं आया।

 

 

“शहर की पार्किंग में कार बाजार चलाया जाना दुभाग्‍यपूर्ण है। पार्किंग आम लोगों की सुविधा के लिए है ना कि कार बाजार लगाने के लिए। लखनऊ विकास प्राधिकरण और नगर निगम से मामले की जानकारी ली जाएगी और ये कारें पार्किंग से हटेंगी। साथ ही साथ जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी।”

कौशल राज शर्मा

जिलाधिकारी

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