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यहां तो नाला मिले नदी के जल में

Rising At 8am | 07-Jul-2017 | Posted by - Admin

  • खाली गई मुख्यमंत्री की फटकार
  • मंत्री –सचिवों के दौरे भी बेकार

   
Case of Corruption done by SP Government has been raised in the rain

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।


राजधानी में लगातार हो रही बारिश के बाद नालियां –नाले उफना गए हैं और सीधे नदी के पानी में गिर रहे हैं। इनके साथ नदी किनारे एकत्र मिट्टी और तमाम कूड़ा –सीवर भी सीधा गोमती नदी में गिर रहा है। ऐसा तब है जब कि इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना तक, कई बार फटकार लगा चुके हैं लेकिन सारी कवायद फिलहाल तो बेकार ही नजर आ रही है।



दरअसल पूर्ववर्ती सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट का काम करा रहे विभागों ने नदी के किनारों पर ही मिट्टी, पत्थर के बड़े –बड़े ढेर लगा रखे हैं। करीब 17 अरब रुपये खर्च होने के बावजूद पेपरमिल कालोनी, कुकरैल नाला, सिकंदरबाग नाला सीधे गोमती नदी में गिर रहा है। वहीं नदी किनारे की मिट्टी भी फिर पानी में पहुंच रही है। यानी अरबों करोड़ों रुपये खर्च कर जो मिट्टी नदी से निकाली गई वह फिर से नदी में ही पहुंच रही है। खास बात यह है कि तीन दिन से बारिश हो रही है लेकिन कहीं भी इस बात का इंतजाम नहीं किया गया कि मिट्टी वापस नदी में न जाने पाएं। इसी तरह से नालों से सीधे गिरने वाले पानी को भी रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।




हनुमान सेतु से डालीगंज पुल तक केवल गंदगी


हनुमान सेतु से डालीगंज पुल तक पुल से ही नदी मिलता कूड़ा दिखाई देता है। शहीद स्मारक तट और मनकामेश्वर घाट के आसपास भी मिट्टी नदी के किनारे ही लगी हुई है और मवेशियों तथा पानी के कारण यह वापस नदी में पहुंच रही है। मिट्टी के साथ तमाम गंदगी भी नदी के पानी में मिल रही है। जबकि कोई जिम्मेदार विभाग इस तरफ कार्रवाई करता नहीं दिख रहा है। फिलहाल इसका समाधान हो पाना भी आसान नहीं दिखाई देता है।



ज्यादा पानी कर सकता है मुसीबत


नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक गोमती रिवर फ्रंट के काम के चलते कई स्थानों पर बैरल बंद है। यही नहीं, रिवर फ्रंट के काम के चलते बैरेल के नदी की तरफ खुलने वाले आउटलेट का लेवल डाउन हो गया है। यानी नदी में पानी बढ़ने पर इन आउटलेट के जरिए नाले उफना सकते हैं। इससे कई इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है। हालांकि बैरल चोक होने के कारण पटेल नगर, सुरेंद्र नगर, जानकीपुरम आदि इलाकों में जलभराव की समस्या पिछले तीन दिन से लोगों के परेशानी का कारण बनी हुई है।


यह थे आदेश


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती रिवर फ्रंट का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को आदेश दिया था कि गोमती में सीधे गिरने वाले नालों को डायवर्ट किया जाएं। ताकि सीवर का गंदा पानी सीधे नदी में नहीं आए। बाद में रिवर फ्रंट का निरीक्षण करने पहुंचे नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने भी इस बात को दोहराया मगर नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। यानी नाले लगातार नदी में गिर रहे हैं और अधिकारी बारिश के कारण दफ्तरों में दुबके हैं।


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