Akshay Kumar and Priyadarshan Donated to Save Flood Affected People in Kerala

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

बिहार में एक मनहूस बंगला है जो किसी भी मंत्री को उसका कार्यकाल पूरा करने नहीं देता। जी हां, मंत्री का कार्यकाल पूरा होने से पहले ये बंगला उन्हें उठाकर बाहर का रास्ता दिखा देता है।

 

पटना के स्ट्रैंड रोड पर स्थित बंगला नंबर 6 लोगों के बीच अब चर्चा का विषय बन गया है। यह बंगला नीतीश सरकार में समाज कल्याण विभाग की मंत्री कुमारी मंजू वर्मा को आवंटित है। हालांकि उन्होंने शुक्रवार शाम को ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया और अब उन्हें ये बंगला खाली करना होगा। दरअसल, उनके पति के ऊपर मुजफ्फरपुर कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के साथ संबंधों को लेकर आरोप लगा है, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दिया है।

बंगला नंबर 6 में रहने वाले मंत्रियों के पिछले कुछ सालों के आंकड़ों को देखें तो इस बंगले ने अब तक तीन मंत्रियों को उनका कार्यकाल पूरा किए बिना ही बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस वजह से लोग अब इस बंगले को “मनहूस” बंगले के तौर पर देखने लगे हैं। इसमें एक बात और गौर करने वाली ये है कि जो तीनों मंत्री इस बंगले में रहते अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके, वो सभी कुशवाहा जाति से संबंध रखते हैं।

 

2010 से लेकर अब तक के आंकड़ों को देखें तो सबसे पहले इस बंगले में जदयू नेता और तत्कालीन उत्पाद विभाग के मंत्री अवधेश कुशवाहा रहने आए थे। उन्हें मंत्री के तौर पर यह बंगला आवंटित किया गया था, लेकिन अपना कार्यकाल पूरा करने से दो महीने पहले ही अक्टूबर 2015 में वो घूस लेने के मामले में फंस गए और उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा, जिसकी वजह से उन्हें बंगला भी खाली करना पड़ा।

इसके बाद 2015 में विधानसभा चुनाव हुए और महागठबंधन ने जीत हासिल कर सरकार बनाई। जिसके बाद यह बंगला राजद नेता और तत्कालीन सहकारिता मंत्री आलोक मेहता को आवंटित किया गया। लेकिन 18 महीनों के बाद ही महागठबंधन में फूट पड़ गई और जदयू ने महागठबंधन से नाता तोड़कर भाजपा के साथ सरकार बना लिया। इस तरह आलोक मेहता भी इस बंगले में अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।

 

तीसरी बार यह बंगला नीतीश सरकार में समाज कल्याण विभाग की मंत्री कुमारी मंजू वर्मा को आवंटित किया गया। यह बंगला उन्हें पिछले साल ही आवंटित किया गया, लेकिन वो भी इस बंगले में रहते अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाईं और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा है।

 

अय्यर पूर्व में लोकसभा और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। साथ ही वो मनमोहन सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। अय्यर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'नीच' कहने पर कांग्रेस ने पार्टी से बाहर निकाल दिया था।

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