Actress katrina Kaif and Mouni Roy Visited Durga Puja Pandal

दि राइजिंग न्‍यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

आपके परिवार या किसी इष्ट मिष्ट की शादी होने वाली है और बारात में सिंगर के साथ बैंड बुक हैं तो सावधान हो जाएं। बिना अनुमति इस तरह से बारात निकालना आपको थाने भी पहुंचा सकता है। जी हां, ध्वनि प्रदूषण के मद्देनजर न्यायालय की सख्ती के बाद प्रशासन ने भी अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। हालांकि प्रशासन ने बैंड –बाजे पर किसी रोक से इंकार किया है लेकिन विवाह स्थल या बारात में डीजे बजाना या फिर बैंड पार्टी के साथ आने वाले सिंगर (गायक) होने पर उसकी अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति मिलने पर आयोजक को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। यही नहीं, बारात भी अब दस बजे के पहले ही निकलेगी। उसके बाद बैंड बाजे व हर तरह के लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी।

दरअसल न्यायालय ने राजधानी में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण के मद्देनजर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने का आदेश दिए हैं। इसके साथ ही लाउडस्पीकर की ध्वनि भी निर्धारित कर दी गई है। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सरकार ने भी इसके लिए गाइड लाइन जारी कर दी है। इसमें बिना अनुमति लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इस फैसले से धार्मिक स्थलों के साथ ही सबसे ज्यादा प्रभावित वैवाहिक कार्यक्रम हो रहे हैं। दरअसल अगले दो –तीन दिन में सहालग शुरू हो रही है। वैवाहिक कार्यक्रमों में बैंड-बाजा हमेशा ही आकर्षण का केंद्र रहता है लेकिन इस बार बैंड बाजा लोगों के लिए भारी साबित हो सकता है।

अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार वैश्य के मुताबिक बैंड पर कोई रोक नहीं है लेकिन डीजे और ट्राली –गायक के लिए अनुमति अनिवार्य है। इसके साथ ही समस्त आयोजन को रात बजे के पहले संपन्न कराना होगा। रात दस बजे के बाद किसी को भी लाउडस्पीकर–डीजे आदि के इस्तेमाल की अनुमति जिलाधिकारी से लेनी ही होगी।

पटाखों पर पहले ही है बैन

बारातों में आकर्षण का केंद्र रहने वाले पटाखों पर बैन पहले ही चल रहा है। जिला प्रशासन ने पहले ही 14 फरवरी तक पटाखों पर बैन लगा रखा है। अब डीजे-ट्राली आदि पर रोक लगने के बाद बारातों में आकर्षण काफी कम हो जाएगा। हालांकि बैंड–बाजा–बारात पर भले ही प्रशासन अनुमति दी जाएगी लेकिन पटाखों के लिए किसी तरह की अनुमति का प्रावधान नहीं है। इस कारण पटाखों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

पुलिस करेगी निगरानी

अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार वैश्य के मुताबिक इसकी निगरानी पुलिस को दी गई है और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर ही अनुमति अथवा कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी पुलिस अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। लापरवाही मिलने पर जिम्मेंदार पुलिस कर्मियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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