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दि राइजिंग न्यूज़

संजय शुक्ल

लखनऊ।

गुड्स एंड सर्विस टैक्स लागू होने के बाद ही टैक्सचोरी पर लगाम लगाने का दम भरने वाले कामर्शियल टैक्स विभाग ने शनिवार को चारबाग रेलवे स्टेशन पर छापेमारी कर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दरअसल चारबाग स्टेशन पर वाणिज्य कर विभाग की सामानंतर व्यवस्था चल रही है और इसमें खुद विभाग के ही तमाम मोबाइल यूनिटों की सांठगांठ है। इस कारण से धड़ल्ले से दूसरे राज्यों से माल मंगाकर सुरिक्षत बाजारों में पहुंचाया जा रहा है। इस बावत कई बार शिकायतें मिली लेकिन हर कुछ प्रभावशाली व्यापारियों व एजेंटों के खैरख्वाहों की पैरवी के कारण कार्रवाई नहीं हुई।

कामर्शियल टैक्स आयुक्त बदलने के बाद चारबाग स्टेशन पर छापेमारी हुई। खास बात यह है कि रेलवे और वाणिज्य कर विभाग के बीच मतभेद भी नहीं देखने को मिला और अधिकारियों ने स्टेशन की चप्पे की तलाशी लीं। दरअसल पूरी व्यवस्था में एजेंटों ने सेंध लगा रखी है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पंजाब तथा असम तक से यहां धड़ल्ले से माल मंगाया जा रहा है। खास बात यह है कि माल को मंगाने वाले एजेंटों ने फर्जी जीएसटीएन नंबर भी हासिल कर रखे हैं और फर्जी रसीदों के जरिए विभाग को गुमराह किया जा रहा है। इस तरह के मामले पहले भी पकड़े जा चुके हैं। यही नहीं जो लोग माल मंगा रहे हैं, वह टैक्स कितना दे रहे हैं, यह भी जांच का विषय है।

बिना जांच के माल पहुंचाने की अलग कीमत

चारबाग स्टेशन पर माल मंगाकर उसे बिना सुरक्षित पहुंचाने के लिए प्रति नगर सौ से दो सौ रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। स्टेशन के पार्सलघर से माल को निकालने से लेकर उसे व्यापारी तक सुरक्षित पहुंचाने का सारा दायित्व एजेंट पर होता है। यही कारण है कि स्टेशन पर माल की निकासी के लिए भी अलग अलग स्लाट बन गए हैं। यह स्लाट पंसदीदा जांच अधिकारियों की ड्यूटी के होते हैं। स्टेशन के आसपास के लोगों का कहना है कि कई बार देर रात दो बजे से चार बजे के बीच अचानक ही माल निकलने लगता है तो कभी सुबह सुबह। इसका कारण जांच अधिकारियों से सांठगांठ होती है। माल निकालने का मौका देकर अधिकारी भी धड़ल्ले से कमाई कर रहे हैं।

एजेंटों की उड़ी नींद

शनिवार को छापेमारी के बाद जब्त माल के बिलों की जांच ने चारबाग स्टेशन पर सक्रिय एजेंटों की नींद उड़ा दी है। दरअसल जीएसटी लागू होने के बाद बिना प्रपत्र माल मिलने पर उस पर काफी ज्यादा अर्थदंड का प्रावधान है। इस कारण से फर्जी टिन पर माल मंगाने वाले एजेंट भी बौखला भी गए हैं। इसके लिए कई व्यापारी नेताओं के जरिए सिफारिशों की सिलसिला छापेमारी के बाद ही शुरू हो गया था। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन से बिना प्रपत्र मिले लाखों रुपये के माल को जब्त कर उनका बिल तलब किए गए हैं। पूरी पड़ताल के बाद ही माल जुर्माना लेने के बाद छोड़ा जाएगा।

सेंट्रल यूनिट भी सक्रिय

चारबाग स्टेशन से बड़े पैमाने पर माल की बरामदगी के बाद वाणिज्य कर विभाग सेंट्रल यूनिट भी सक्रिय हो गई है। सूत्रों के मुताबिक स्टेशन पर पार्सलघरों में चल रहा एजेंटों का रैकेट कई शहरों –राज्यों तक फैला हुआ है और माल की जानकारी उनके पास रहती है। इस काकस को तोड़ने के लिए अब सेंट्रल यूनिट भी सक्रिय हो गई है। कई और शहर विभाग के निशाने पर बताए जा रहे हैं।

 

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