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दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान से पाकिस्तानी सेना ने खूफिया जानकारी हासिल करने की भरपूर कोशिश की। एक सीनियर आधिकारिक सूत्रों के हवाले से एक अंग्रेजी अखबार ने लिखा है कि पाकिस्तान जांचकर्ताओं ने भारतीय सेना की तैनाती, हाई सिक्युरिटी रेडियो फ्रिक्वेंसिज और अन्य संवेदनशील जानकारियां निकलवाने की पूरी कोशिशें की थी। अभिनंदन 24 घंटे पाकिस्तानी सेना की हिरासत में थे। 35 साल के पायलट पाकिस्तानी लड़ाकू विमान एफ-16 को मार गिराने के बाद गलती से नियंत्रण रेखा के पार पहुंच गए थे।

वर्तमान को पाकिस्तानी सेना ने उस समय पकड़ा था जब 27 फरवरी को उनके विमान में आग लग गई और पैराशूट से कूदने पर वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पहुंच गए। इससे एक दिन पहले ही भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 विमान ने पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर बमबारी करके उन्हें तबाह कर दिया था।

सोने नहीं दिया गया और पिटाई की

वर्तमान से बात करने वाले एक अधिकारी ने बताया कि विंग कमांडर को सोने नहीं दिया गया और उनकी पिटाई की गई। हिरासत में रखने के दौरान वर्तमान को घंटों खड़ा रखा गया और बहुत तेज आवाज में संगीत सुनाया गया ताकि उन्हें असहज किया जा सके। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनसे वायुसेना की फ्रीक्वेंसी को लेकर जिसके जरिए वह संदेश भेजते हैं, लड़ाकू विमानों की तैनाती करते हैं और लॉजिकल व्यवस्था करते हैं उसकी जानकारी पाना चाहते थे।

अधिकारी ने कहा कि सभी भारतीय लड़ाकू विमान पायलटों को सिखाया जाता है कि जितना संभव हो सके उतनी देर तक सूचनाओं को देने से बचें। ताकि पहले 24 घंटे के दौरान फ्रिक्वेंसी और तैनातियों को बदला जा सके जिसके कारण विरोधी को होने वाले लाभ से बचा जा सके। अधिकारी ने कहा, विंग कमांडर अभिनंदन ने बिल्‍कुल ऐसा ही किया। वर्तमान से पाकिस्तानी सेना द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने को लेकर तीन-चार टीमों ने बातचीत की।

इस तरह से किया टॉर्चर

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय पायलट से पूछताछ की और वह हीरो बनकर उभरे। पाकिस्तान वायुसेना भी उनसे पूछताछ कर रही थी लेकिन वह ज्यादातर समय पाकिस्तानी सेना के कब्जे में रहे। अधिकारी ने बताया कि इजेक्शन (विमान से कूदने) के बाद शुरुआती घंटों में उनका कोई प्राथमिक उपचार नहीं किया गया। इसके बावजूद उन्हें खड़ा रखा गया, तेज आवाज में संगीत सुनाया गया ताकि उन्हें असहज किया जा सके। उनके सिर को पानी में डुबोया गया और यहां तक कि उनकी पिटाई भी की गई। पाकिस्तान ने भारतीय तैनाती को लेकर उनसे जानकारी निकालने की कोशिश की थी।

इससे पहले 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना ने फ्लाइट लेफ्टिनेंट कमबमपति नचिकेता को हिरासत में ले लिया था। उन्होंने उनके मिग-27 लड़ाकू विमान पर मिसाइल मारकर उसे नीचे गिरा दिया था। आठ दिनों बाद उन्हें भारत को लौटाया गया। इससे पहले उन्हें काफी तरह की यातनाएं दी गई थीं। उनसे जानकारी निकलवाने के लिए उनके पैरों के पास गोलियां मारी गई थीं।

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