Rajashree Production Declared New Project After Three Years of Prem Ratan Dhan Payo

दि राइजिंग न्यूज

विशाल शुक्‍ला

कानपुर।

 

कहते हैं कि अगर आप के अंदर कुछ कर गुज़रने का जज़्बा और धैर्य हो तो आप सफलता की सीढ़ी को छू सकते हैं। बस आपके अंदर अपने काम को लेकर पॉज़िटिव एटीट्यूड होना चाहिए। मायानगरी (मुंबई) में जो कोई भी जाता है, वह उस मायानगरी के अंधकार में फंस जाता है। वहां कुछ खास लोग ही सर्वाइव कर पाते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है कानपुर के कर्नलगंज निवासी सोहराब-ए-खान ने। आज वह अपने बलबूते और छह साल के हार्ड वर्क के बाद फ़िल्म इंडस्ट्री के एक मुकाम पर पहुंच गए हैं। आज वह बॉलीवुड में बतौर म्यूज़िक डायरेक्टर, सिंगर,एक्टिंग,प्रोड्यूसर जैसी कई विधाओं में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

 

स्कूल टीचर्स से भी मिला साथ

कर्नलगंज निवासी 27 वर्षीय सोहराब ए खान अपने भाई बहनों में सबसे छोटे हैं। उनके पिता सरताज आलम एक बिजनेसमैन हैं। सोहराब ने स्कूल की शिक्षा बीएनएसडी और ग्रेजुएशन पीपीएन कालेज से किया। घर वाले चाहते थे कि पढ़ लिखकर आगे बढ़े लेकिन सोहराब का तो लक्ष्य कुछ और ही था। एक्टर शाहिद कपूर को अपना रोल मॉडल और सिंगिंग म्यूज़िक में नुसरत साहब को अपना गुरु मानते हुए वह इस ग्लैमर की दुनिया में आगे बढ़ने का सपना देखने लगे। सोहराब ने बताया कि एक्टिंग और म्यूज़िक का शौक था। घर वाले नहीं चाहते थे कि मैं इस दिशा में जाऊं लेकिन स्कूल कालेज के वक्त भी म्यूज़िक को लेकर अक्सर में कॉलेज से गायब रहता था। जिसको लेकर लगभग 2 साल तक टीचर्स ने ये बात मेरे घर से भी छिपाई कि मैं स्कूल, कालेज और कोचिंग से गायब रहता हूं।

 

मेडिकल की बुक्स बेची और गिटार खरीदा

वे बताते हैं कि म्यूज़िक का इतना शौक था कि मैंने अपनी मेडिकल की पढ़ाई वाली बुक्स बेंची और अपने लिए गिटार ले आया। फिर मैंने वोकल सीखा, जिससे मैं म्यूज़िक की बारीकियां अच्छे ढंग से समझ सका। 2012 में अपने लक्ष्य को देखते हुए मुम्बई पहुंचा जहां हर चीज़ इतनी आसान तो नहीं थी लेकिन कुछ करना था तो धैर्य नहीं खोया। अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए सोहराब ने बताया कि मुंबई में गलत तरीके से लोगों ने व्यवहार किया। कार तक से फेंक दिया। पैर फ्रेक्चर भी हुआ। काफी दिनों तक सड़कोंं पर रहा। ऑटो में सोया। दरगाह में जाकर खाना खाया। दिन में एक समोसा खाकर काम किया लेकिन तब भी हार नहीं मानी। ये दिन मेरे लिए काफी अहम थे, क्योंकि इससे मुझे काफी प्रेरणा और बहुत सीखने को मिला। यहां थियेटर भी किया और तमाम अनुभव सीखने को मिले।

 

बनने गया था एक्टर लेकिन...

उन्होंने बताया मैं तो एक्टर बनने गया था लेकिन शायद मेरे अंदर कोई और ही कला थी। मैं एक दिन ऑडिशन देने गया। यहां डायरेक्टर को म्यूज़िक डायरेक्टर चाहिए था। मैंने कहा कि मैं म्यूज़िक दे सकता हूं। पहले तो वह कुछ नहीं बोले लेकिन जब उन्होंने काम देखा तो खुश हुए और वहीं से मेरी ज़िंदगी ने करवट ले ली। सोहराब लिरिक्स भी खुद ही लिखते हैं और राइटिंग भी करते हैं। अब तक सोहराब छह फिल्मों में बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर और म्यूज़िक डायरेक्टर का रोल प्ले कर चुके है। इनमें शुक्रवार को “हिल्ल व्यू विला” भी शामिल है। उन्होंने सावधान इंडिया में भी रोल प्ले किया है। आगामी प्रोजेक्ट के बारे में उन्होंने बताया कि द रिक्वेस्ट, लव जिहाद में वे बतौर प्रोड्यूसर और म्यूज़िक डाइरेक्टर काम करेंगे। इन सब के साथ वे सितंबर में “मुंगेरी लाल बीटेक” में भी काम करेंगे। वे जल्द ही डायरेक्टर अमजद खान की इंटरनेश्नल फ़िल्म गुलमकई में भी अहम भूमिका में भी होंगे। सोहराब ने अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस भी बनाया है।

 

खुद को एनालाइज करें... सफलता मिलेगी

सोहराब ने बताया कि हर व्यक्ति का कोई न कोई लक्ष्य तो होता ही है। इसलिए उसे अपने आप को पहले एनालाइज करना चाहिए। यदि वह इस क्षेत्र में कदम आजमाना चाहता है तो वह जल्दबाजी न करे, क्योंकि हर चीज़ में कुछ वक्त लगता है। धैर्य रखें, आत्मविश्वास बनाये रखें और सही समय का इंतज़ार करें, निश्चित सफलता आपको मिलेगी।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement