Actress Parineeti Chopra is also Going to Marry with Her Rumoured Boy Friend

दि राइजिंग न्यूज

आउटपुट डेस्क।

एक समय हुआ करता था जब जीवन के चार पांच दशक गुजर जाने के बाद डायबिटीज जैसी बीमारी घर करती थी, पर आज... आज तो बच्‍चे भी इससे जूझ रहे हैं। आज हर चौथे व्‍यक्ति को डायबिटीज है। डायबिटीज कैसे होती है,  इसके कारण क्‍या हैं,  कैसे बचा जाए?

ऐसे सवालों के जवाब हर शख्‍स के पास होने जरूरी हैं। दि राइजिंग न्यूज टीम इसकी पूरी जानकारी लेने पहुंची महानगर स्थित हनुमंत पॉलीक्लीनिक, जहां जाने माने चिकित्‍सक डॉ. सुनील वर्मा (एम.डी. मेडिसिन, सहारा हॉस्पिटल और हनुमंत पॉलीक्लीनिक) ने डायबिटीज के बारे में सभी जरूरी बातें बताईं।

डायबिटीज है क्या?

बकौल डॉ वर्मा, जब हमारे शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन का पहुंचना कम हो जाता है तो खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है। 

कारण क्‍या हैं?

  • आनुवंशिकी कारण
  • गर्भावस्था
  • इंसुलिन में परिवर्तन
  • मोटापा
  • बढ़ती उम्र

लक्षण

  • ज्यादा प्यास लगना
  • बार-बार पेशाब आना
  • आंखों की रोशनी कम होना
  • किसी भी चोट या जख्म का देरी से भरना
  • हाथों, पैरों या शरीर के बाकी हिस्सों पर खुजली वाले जख्म
  • बार-बार फोड़े-फुंसियां निकलना
  • चक्कर आना

क्या सिर्फ उम्रदराज लोग होते हैं इस बीमारी के शिकार?

डॉक्टर वर्मा ने बताया कि पहले ऐसा देखा जाता था कि मधुमेह की बीमारी अधेड़ उम्र के व्यक्तियों को अपनी गिरफ्त में लेती थी, लेकिन आजकल असंतुलित जीवनशैली के कारण छोटी उम्र के बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

मधुमेह का जेनेटिक कनेक्‍शन

ऐसा माना जाता है कि मधुमेह अनुवांशिक बीमारी है, लेकिन डॉ. वर्मा ने इस बात को स्पष्ट करते हुए बताया कि ऐसे सिर्फ 2-5 प्रतिशत केस होते हैं बाकी मधुमेह का होना ना होना इंसान के अपने हाथ में है। इंसान का रहन-सहन, खानपान और उसकी जीवन शैली पर डायबिटीज का होना ना होना निर्भर करता है।

 

डायबिटीज का शक होने पर क्या करें?

अगर आपको लगता है कि आप मधुमेह के शिकार हैं, तो तुरंत एक स्पेशलिस्ट से संपर्क कीजिए। जब पैंक्रियाज शरीर में इंसुलिन नहीं बना पातीं, तो टाइप-1 डायबिटीज की स्थिति पैदा होती है। यह एक तरह का ऑटो इम्यून रोग है, जो इन अंगों को काम करने नहीं देता। टाइप-2 डायबिटीज ज्यादातर जीवन-शैली (कम एक्सरसाइज और खाने में शुगर ज्यादा लेने) से जुड़ी होती है। डायबिटीज के लक्षणों और संकेतों तथा इसकी जांच-पड़ताल के बारे में जानना जरूरी है, ताकि अगर आप इससे पीड़ित हों, तो जितनी जल्दी हो सके, इलाज शुरू किया जा सके।

बहुत आसान है इसका कंट्रोल

डॉक्टर सुनील वर्मा ने बताया चूंकि डायबिटीज ऐसी बीमारी है जो सीधे तौर पर हमारी जीवनशैली और खानपान से जुड़ी है इसलिए इसे कंट्रोल करना बहुत आसान है। समय पर दवा, समय पर डॉक्टरी सलाह, जीवनशैली में थोड़े बदलाव, योग और व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाकर मधुमेह पर काबू पाया जा सकता है।

 

भ्रांतियां बहुत फैली हैं

अकसर आपने लोगों को कहते हुए सुना होगा कि मीठा खाने से डायबिटीज होती है। जब इसी सवाल को डॉक्टर वर्मा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मीठा खाने से डायबिटीज नहीं होती। बस ध्‍यान रखें कि मीठे का सेवन कम करें। इससे मरीज का ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा। किसी भी सूरत में व्यायाम करें, ये बेहद आवश्‍यक है।

मधुमेह की रोकथाम के लिए हो रही नित नई खोज

डॉक्टर वर्मा ने कहा कि यह बेहद अच्‍छी बात है कि ऐसी इन्सुलिन का आविष्कार हो चुका है जो 48 से 72 घंटे तक काम करती हैं, जिन्हें दिन में सिर्फ एक बार की देना होता है। कुछ ऐसी दवाएं और ड्रग्स आ गयी हैं जो मधुमेह को बेहतर तरीके से कंट्रोल करती हैं। इसके लिए नित नए आविष्‍कार हो रहे हैं।

 

 

 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement