Kajol Says SRK is Giving Me The Tips of Acting

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

बीते तीन दशकों से म्यूजिक इंडस्ट्री में अपना दबदबा कायम रखने वाले अनु मलिक जल्द ही एक बार फिर से इंडियन आइडल के 10वें सीजन में जज की भूमिका में नजर आने वाले हैं।

मुझे अपना बचपन याद आ गया

अनु ने बताया कि भले ही लोग मुझे पार्शल कहें लेकिन मैं अपने शो को ही सबसे बेस्ट मानता हूं। कहीं न कहीं हर सिंगिंग शो पर इंडियन आइडल की छाप नजर आती है। जहां तक सवाल है कि इस सीजन में नया क्या है तो इस बार हमने आवाज के नायाब नगीनों को चुना है। मैंने, नेहा और विशाल डडलानी, हम तीनों ने एक ही कसम खाई थी कि हमें बेस्ट आवाजें चाहिए और ऐसा हुआ भी। आगे चलकर हमारे लिए खुद यह परेशानी होगी कि हम किसे शो में रखें और किसे जाने के लिए बोलें। खासकर सभी कंटेस्टेंट का स्ट्रगल बहुत कमाल का है। इन्हें देखकर तो मुझे अपने स्ट्रगल के दिन याद आ गए। इनके बीच आकर मैं खुद को इन्हीं की उम्र का समझने लगा हूं।

सिर्फ टैलंट चलता है

हर इंसान की जिंदगी में उता-चढ़ाव आते हैं। हर किसी की एक कहानी होती है। कुछ की कहानियां सुनकर हमारी आंखें नम हो गई थीं। जहां तक सवाल कंटेस्टेंट्स के सिलेक्शन का है तो उनकी बैक स्टोरीज सुनकर दुख जरूर होता है लेकिन हम सिलेक्शन सिर्फ टैलंट के आधार पर ही करते हैं। जैसे- अंकुश, जिसकी आंखों का विजन धीरे-धीरे जा रहा है, हमें उसके बारे में सुनकार बहुत दुख हुआ था। जब उसकी आवाज सुनी तो हम उसकी कहानी भूल गए। हमारे शो में सिर्फ टैलंट ही मैटर करता है। वैसे भी अगर टैलंट के साथ अन्याय करेंगे तो जनता हमें कभी माफ नहीं करेगी।

हमारी लड़ाइयां पर्सनल नहीं होतीं

शो में दूसरे जजेज के साथ होने वाली तू-तू-मैं-मैं के सवाल पर अनु का कहना है कि ऑडिशन के वक्त ढेर सारे सिंगर्स आते हैं। अलग-अलग कंटेस्टेंट्स एक ही गाने को गाते हैं। ऐसे में कई बार दिमाग हिल भी जाता है। हम सभी बेस्ट गाने वालों की तलाश में रहते हैं। ऐसे में सिंगर्स को लेकर तू-तू-मैं-मैं हो जाती है लेकिन कुछ भी पर्सनल नहीं होता है। जब मेरी सटक जाती है तो मैं बोलता हूं और मैं कभी खुद को बदल नहीं सकता हूं।

मैंने अपनी कही बात पूरी की थी

जितने भी कंटेस्टेंट हमने शो के लिए चुने हैं उन्हें कोई नहीं जानता। हमारे देश की गलियों तक में बेहतरीन टैलंट मिलता है लेकिन उन्हें कोई जानता नहीं है। जब ये बच्चे प्राइम टाइम के शो में आते हैं तो चारों तरफ हल्ला मच जाता है। कई बच्चों को खूब सारा काम मिलता है, देश-विदेश में गाने का मौका मिलता है। मैं अपनी बात करूं तो सात साल पहले मैंने इसी शो में एक कंटेस्टेंट से प्रॉमिस किया था कि तुम मेरे साथ काम करोगी और मैंने अपना वादा पूरा किया। उस आवाज को नैशनल अवॉर्ड से भी नवाजा गया। मैं बात कर रहा हूं मोनाली ठाकुर की। वह शो न जीत पाने को लेकर काफी निराश थी। वह मेरे पास आई और बोली कि अब क्या होगा सर। उस वक्त मैंने कहा था कि तुम्हारी आवाज अच्छी है। मैं एक दिन तुम्हारे साथ काम करूंगा। यशराज बैनर से आदित्य चोपड़ा ने मुझे फिल्म दम लगा के हइशा के लिए बुलाया। फिल्म में मैंने “मोह-मोह के धागे...” गाना बनाया। उस वक्त मैं किसी भी सिंगर से इसे गवा सकता था। प्रोडक्शन ने भी कई बड़े सिंगर्स के नाम सुझाए लेकिन मैंने कहा कि मुझे मोनाली से गवाना है। उसने पांच दिन आकर गाना सीखा और ऐसा गाया कि उसे नैशनल अवॉर्ड मिला। इंडस्ट्री में प्लेटफॉर्म मिलने के बाद मेहनत और टैलंट रंग जरूर लाती है।

 

 

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