IndvsNZ: पहले वनडे में भारत ने टॉस जीता, बल्लेबाजी का फैसला

जापान में आम चुनाव के लिए मतदान जारी, PM शिंजो अबे को बहुमत के आसार

आज विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बांग्लादेश के 2 दिवसीय दौरे पर होंगी रवाना

J-K: बांदीपुरा के हाजिन में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर

दो दिवसीय बांग्लादेश दौरे पर आज रवाना होंगी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

Trending :   #Hot_Photoshot   #Sports   #Politics   #Hollywood   #Bollywood
   

पेपर ज्‍वैलरी से गढ़ा नया मुकाम

Personality | 24-Sep-2016

  • जीवन के उतार-चढ़ाव को पार कर कमाया नाम
  • कागज के गहने गढ़ने को बनाया अपना जुनून


दि राइजिंग न्‍यूज


जाफर ज़ैदी

कान लटका देने वाली भारी-भरकम झुमकों का जमाना गया। अब तो समय है हल्‍की ज्‍वैलेरी का। लखनऊ में यह ट्रेंड वर्षा श्रीवास्‍तव लेकर आई हैं, और वो दावा करती हैं, कि ऐसी टेक्‍नीक और खूबसूरती से किसी भी कोने में कोई भी ज्‍वैलरी नहीं बनाता। वर्षा पेपर ज्‍वैलरी बनाती हैं, यानि कागज के गहने। चौंकिए मत, यह सच है। एक के बाद एक कागज चिपकाकर एक मोटी लेयर तैयार करने के बाद, उसे शेप देकर उसमें एक्‍सट्रा एवर्ट करने के बाद पॉलिश करती हैं। बेहद बारीकी का काम करने के बाद तैयार होती है यह पेपर ज्‍वैलरी। 


वर्षा बताती हैं कि जब वह कक्षा 12 में थीं, तब उन्‍होंने इंटरनेट पर इसके बारे में पढ़ा। घर में बनाने की कोशिश की। जब मां को बनाकर दिखाया तो उन्‍होंने बहुत तारीफ की।  मां की तारीफ के बाद उनका हौसला बढ़ा और उन्‍होंने मेहनत शुरू की। इस काम में वर्षा का इतना मन लगने लगा कि कान की झुमकियों से लेकर, इयरकफ, चोकर सब बनाने शुरू कर दिए। जब काम में परफेक्‍शन आया तो अपनी प्रदर्शनी लगाई और लोगों ने उसे खरीदा भी।


वर्षा की राह में तमाम मुश्किलें भी आई, लेकिन उन्होंने पेपर ज्‍वेलरी मेकिंग को करियर के रूप में अपनाया और एक अलग मुकाम बनाया। जिससे आज इस विधा में लोग उनको सम्मान की नजर से देखते हैं। वर्षा ने 300 से ज्‍यादा डिजाइन बना कर पूरे भारत में रिकार्ड कायम किया है। वर्षा के पास 30 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की पेपर ज्‍वेलरी उपलब्‍ध है। अब तो वह आर्डर पर भी गहने बनाती हैं। मैचिंग ड्रेस की फोटो देखकर वह पेपर ज्‍वैलरी बना देती हैं।


जन्‍म और शिक्षा

20 फरवरी 1991 को वर्षा श्रीवास्‍तव का जन्‍म उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ। वर्षा ने 12वीं तक की शिक्षा लखनऊ के एलपीएस से ली। इसके बाद फ्रैंकफिन्‍न से एयरहोस्‍टेस का कोर्स किया। उसके बाद लखनऊ विश्‍वविद्यालय से वर्षा ने बी-कॉम तक की शिक्षा प्राप्‍त की। बीकॉम करने के बाद वर्षा ने अपने करियर को पूरी तरह से पेपर ज्‍वैलरी की ओर मोड़ दिया।


परिवार ने बढ़ाया उत्‍साह

हाउस वाइफ माता निम्‍मी श्रीवास्‍तव और सर्राफा कारोबारी पिता विष्‍णु मुरारी श्रीवास्‍तव ने हमेशा वर्षा श्रीवास्‍तव का उत्‍साह बढ़ाया। उन्‍होंने बताया कि मेरी मां ने ही ने मेरी पेपर ज्‍वेलरी की कारीगरी को देखकर उत्‍साह बढ़ाया। मेरी पहली पेपर ज्‍वेलरी को देख सबसे ज्‍यादा मेरी मां ने मेरी प्रशांसा की। फिर मेरे इस हुनर को और लोगों ने देखा तो उन सबको भी मेरा काम बहुत पसंद आया। इस पेपर ज्‍वेलरी को लोगों ने खरीदना आरंभ कर दिया। वर्षा ने पूरी तौर से 2014 से पेपर ज्‍वेलरी बनाना प्रारम्भ किया।


मल्‍टीटैलेंटेड हैं वर्षा

वर्षाश्रीवास्‍तव ने जहां काम किया वहां किस्‍मत ने उनके कदम चूमे। उन्‍होंने कक्षा 12 के बाद से कमाना शुरू कर दिया था। 50 से ज्‍यादा स्‍कूलों में एंकरिंग की। सहारागंज मॉल, गंज कार्निवाल के एक इवेंट्स में एंकरिंग की और घर का खर्च चलाया। रियल स्‍टेट में काम किया। जहां पर वर्षा को कार्यशील कर्मचारी के आवार्ड से नवाजा गया। इसके साथ ही साथ वर्षा ने मेंहदी लगाने का काम भी किया। जिसमें बहुत जगह से लोगों ने मेंहदी लगवाने के लिए बुलाया।


देश स्‍तर पर मिली प्रतिष्‍ठा

वर्षा श्रीवास्‍तव को उत्‍तर प्रदेश के राज्‍यपाल राम नाईक ने प्रशंसा पत्र से नवाज़ा है। वर्षा अब विश्‍व रिकार्ड बनाना चाहती हैं। मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव की पत्‍नी और सांसद डिम्‍पल यादव ने भी वर्षा की पेपर ज्‍वेलरी की तारीफ की और उनसे पेपर ज्‍वेलरी खरीदी।


जीवन का सबसे बुरा वक्‍त

वर्षा ने बताया कि उनकी जिंदगी में सबसे बुरा वक्‍त तब आया जब वह 12वीं पास कर चुकी थीं। इसी दौरान वर्षा के पिता विष्‍णु मुरारी श्रीवास्‍तव की तबियत खराब हुई। उनको गिलियन बारै का दौरा पड़ा। जिसके बाद उनको तीन दिन वेंटीलेटर पर रखा गया। वर्षा के जीवन के वह दौर खराब रहा जब उनके पिता ने 17 दिन आइसीयू में बिताया। उसके कुछ समय बाद दो बार उनको पैरालिसिस का दौरा पड़ा। वह कई दिनों तक बिस्‍तर पर रहे। इस हादसे के बाद से वर्षा ने परिवार का बोझ अपने कन्‍धों पर उठा लिया और अपने पिता की दुकान संभाली। इस घटना से उनमें मजबूती आई। बस वे निरंतर आगे की ओर बढ़ती गईं अपना नया मुकाम गढ़ती गईं। आज वे प्रेरणा, प्रशंसा और परिणाम की अमूल्‍य निधि के साये में आगे जा रही हैं।

 

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555


संबंधित खबरें



HTML Comment Box is loading comments...

Content is loading...





What-Should-our-Attitude-be-Towards-China


Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll


Photo Gallery
अब कब आओगे मंत्री जी । फोटो- अभय वर्मा

Flicker News



Most read news

 


Most read news


Most read news


sex education news



rising news video

खबर आपके शहर की