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करोड़ों के टिकट खरीद लोग देखते थे इस शख्स को   

            

People used to buy crores of tickets to see this person

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

ये कहानी उस शख्स की है, जिसने अपनी पूरी जिंदगी दर्द में बिताई। आखिर में जब उससे और तकलीफ सही नहीं गई, तो उसने अपने सीने में गोली दाग कर अपनी जान ले ली। ये कहानी है ओटा बेंगा नाम के अफ्रीकी की।

बाहरी राजा के आतंक से ग्रस्त देश में हुआ था जन्म...

 

कांगो फ्री स्टेट में बेंगा का जन्म तब हुआ था जब वहां बेल्जियम के राजा लियोपोल्ड का आतंक चरम स्तर पर था। उस समय पूरा कांगो विश्व मानचित्र पर सिर्फ एक बड़ा ब्लैक स्पॉट था। उसका कोई भी अस्तित्व नहीं था। एरिया में रबर के पेड़ों की वजह से भी राजा ने इस क्षेत्र पर अधिकार जमाने का फैसला किया। उस दौर में लियोपोल्ड के आतंक से सभी भयभीत रहते थे। लोगों को छोटी सी बात पर मार दिया जाता था। हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि आसपास के राजा भी लियोपोल्ड के आतंक की बुराई करते थे। कहा जाता है कि लियोपोल्ड के राज में करीब 10 लाख लोकल्स मारे जा चुके थे। इसी समय बेंगा का जन्म हुआ था।

एक घटना ने छीन लिया था सब कुछ

 

बेंगा का जन्म जिस परिवार में हुआ था उसमें 15 से 20 लोग साथ रहते थे। इन्हें म्ब्युटी पिग्मिस कहा जाता था। ये लोग बंजारों की जिंदगी जीते थे। बेंगा की शादी कम उम्र में हो गई थी। उसके दो बच्चे भी थे। एक आम इंसान की तरह उसकी जिंदगी कट रही थी कि अचानक एक दिन जब वो शिकार पर गया हुआ था, तब अरब से गुलामों को पकड़ने आए लोगों ने उसके परिवार पर हमला कर दिया और सभी को मौत के घाट उतार दिया। बेंगा को गुलाम बना लिया गया और बेड़ियों में जकड़कर जंगल से दूर ले जाया गया। एक गांव में उसे मजदूर की तरह काम करना पड़ा। 1904 में एक अमेरिकन बिजनेसमैन सैम्युल वर्नर की नजर बेंगा पर पड़ी और वो उसे खरीद कर अपने साथ शहर ले कर चला आया।

टिकट लेकर बेंगा को देखते थे लोग

 

वर्नर कांगो गए थे ताकि वो किसी ऐसे इंसान को लेकर आएं, जो बेंगा के समुदाय को शहरी लोगों के सामने रिप्रजेंट कर पाए। बेंगा को सैंट लुइस के वर्ल्ड फेयर में लोगों के सामने लाया गया, जहां उसे देखने के लिए टिकट लगता था। वो दूसरे अफ्रीकी साथियों के साथ आने वालों को नाचकर दिखाता था। बेंगा के दांत देखने के लिए भी लोग पैसे देते थे। मेले के खत्म होने के बाद बेंगा अफ्रीका लौट गया, जहां उसने दूसरी महिला से शादी की। हालांकि, ये शादी लंबे समय तक नहीं चल पाई और सांप के काटने के कारण उसकी बीवी की मौत हो गई। तब बेंगा दुबारा अमेरिका लौट आया।

 

म्यूजियम में प्रदर्शनी में रहता था बेंगा

 

अमेरिका आने के बाद बेंगा को म्यूजियम में प्रदर्शनी में रखा गया। हालांकि, जब उसे डिमांड के अनुसार पैसे नहीं मिले, तो उसने वहां काम छोड़ दिया। इसके बाद बेंगा एक चिड़ियाघर में काम करने लगा। कुछ दिन उसने तम्बाकू के खेतों में भी काम किया। अंत में उसने अपने देश लौटने का फैसला किया। लेकिन वर्ल्ड वॉर छिड़ने के कारण वो ऐसा नहीं कर पाया। आखिर में जिंदगी से तंग आकर उसने खुद को गोली मार ली।

 

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