Neha Kakkar Reveald Her Emotional Connection with Indian Idol

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

इस तस्वीर में आपकी नज़र खाली जूतों पर पड़ रही होंगी। इन्हें देखकर आपको यही लग रहा होगा इनकों यहां “डेकोरेशन” के लिए रखा गया होगा, लेकिन इसके पीछे दूसरी वजह है।

जूतों को इसीलिए किया गया है इकठ्ठा

दरअसल, इन सारे जूतों के असल मालिक दुनिया छोड़कर जा चुके हैं। इनमें युवा, बच्चे, बूढ़े व महिलाएं तक शामिल हैं। इन सभी को ऐसी मौत मिली जिसकी कल्पना तक कर पाना मुश्किल है। बता दें कि, जंग में मारे गए लोगों के ये जूते बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में एक ऐसी इमारत के सामने रखे गए हैं जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। जी हां, यहां बनी यूरोपियन यूनियन काउंसिल बिल्डिंग के सामने इन जूतों को “आवाज” नामक एक सामाजिक संस्था ने डिस्पले में रखा है। 

 

बताते हैं कि ये उन 4500 लोगों के जूते हैं जो “इजरायल और फलस्तीन” की जंग में मारे गए हैं। लंबे अरसे से इन दोनों देशों में संघर्ष जारी है लेकिन फलस्तीन की हालत ज्यादा खस्ता हो चुकी है। इस बात का बड़ा सबूत पेश करते हैं उनके यह जूते।

“आवाज” सामाजिक संगठन ने जंग में मारे गए इन लोगों की आवाज बनकर एक विश्वव्यापी आंदोलन शुरू किया है। संगठन ने यह तय किया है कि जो भी फलस्तीनी इस जंग में मारा जाएगा उनके स्थान पर वे यूरोपियन यूनियन काउंसिल बिल्डिंग के सामने जूते या चप्पलों की जोड़ी लाकर रखेंगे। 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement

Loading...

Public Poll