Biker Died After Collision Between Him and  Zareen Khan Car

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

26 दिसंबर 2011 में सूनामी ने हिंद महासागर से लगे 14 देशों में भारी तबाही मचाई। इस तूफान से ढाई लाख लोगों की मौत हुई। वास्तव में सुनामी एक जापानी नाम है जिसका मतलब होता है ओवरफ्लो होने वाली लहरें। सिर्फ सुनामी ही नहीं इसके अलावा भी दुनिया में तबाही मचाने वाले नाम रखने की पूरी प्रॉसेस होती है। जानिए क्या है ये प्रॉसेस।

बीसवीं सदी से शुरू हुआ था नाम रखने का चलन

बीसवीं सदी में ऑस्ट्रेलिया के मौसम विज्ञानिकों ने तूफानों के नाम भ्रष्ट नेताओं के नाम पर रखने का चलन शुरू किया था। तब ही से तूफानों के नाम का सिलसिला शुरू हुआ। उसके बाद दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी नौसेना के जवानों और मौसम वैज्ञानिकों ने तूफानों को अपनी प्रेमिकाओं और पत्नियों के नाम से पुकारा। तूफानों को अलग-अलग नाम इसलिए दिए गए ताकि इनकी तुरंत पहचान हो सके और समय पर राहत व बचाव का काम हो सके।

ऐसे चुने जाते हैं तूफानों के नाम

विश्व मौसम विज्ञान संगठन की अंतर्राष्ट्रीय संस्था एक कड़ी प्रॉसेस के द्वारा तूफानों के नाम चुनती है। इनके नाम छह अलग-अलग लिस्ट में से रोटेट करके रखे जाते हैं। हर लिस्ट में 21 नाम होते हैं जिन्हें अल्फाबेट के कुछ वर्ड जैसे Q, U, X, Y Z को छोड़कर रखा जाता है। तूफानों के नाम रखने के लिए बनाए गए नियम के अनुसार ये नाम छोटे और अंग्रेजी, स्पैनिश या फ्रेंच भाषा के होना चाहिए। ये नाम मध्य और उत्तरी अमेरिका के अलावा कैरेबियाई भाषा के नहीं होना चाहिए। यह लिस्ट हर छह साल में रिसाइकल की जाती है।

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी नौसेना के जवानों और मौसम विज्ञानिकों ने तूफानों को अपनी प्रेमिकाओं और पत्नियों के नाम पर रखा। तूफानों के नामों की लिस्ट हर छह साल में रिसाइकल की जाती है।

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