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इस जीव के खून की कीमत जानकर चौंक जाएंगे आप

Jara Hat Ke | 19-Sep-2017

Horse Shoe Crab Blood Costs 100 Thousand Rupees Per Liter

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क

 

पानी में पाया जाने वाले हॉर्स-शू केकड़े का खून मेडिकल साइंस के लिए अमृत से कम नहीं। इसका खून नीले रंग का होता है। पर दुर्भाग्य की बात है कि इस जीव को इसकी इसी खूबी के चलते मार दिया जाता है। इस जीव की बनावट घोड़े की नाल जैसी होती है जिस वजह से इसका नाम “Horse Shoe Crab” रखा गया है। जानिए क्यों कहा जाता है अमृत...

इस केकड़े का साइंटिफिक नाम Limulus polyphemus है। ऐसा माना जाता है कि ये प्रजाति 45 करोड़ साल से जिंदा है। करोड़ो सालों में भी इनमें कोई खास बदलाव नहीं देखने को मिले हैं। मेडिकल साइंस में इस केकड़े का खून इसकी एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टी की वजह से इस्तेमाल किया जाता है।

इस वजह से है नीला खून

इस केकड़े का खून नीला होने की वजह है इसके खून में कॉपर बेस्ड हीमोस्याइनिन का होना, जो ऑक्सीजन को शरीर के सारे हिस्सों में ले जाता है। वहीं लाल खून वाले जीवों के शरीर में हीमोग्लोबिन के साथ आयरन यह काम करता है। इस वजह से खून लाल होता है।

10 लाख रु/ लीटर है कीमत

इस केकड़े का खून शरीर के अंदर इंजेक्ट कर दी जाने वाली दवाओं में खतरनाक बैक्टीरिया की पहचान के लिए होता है। खतरनाक बैक्टीरिया के बारे में ये सबसे सटीक जानकारी देता है। इससे इंसानों को दी जाने वाली दवाओं के खतरों और दुष्प्रभाव के बारे में भी पता चलता है। आपको जानकर हैरानी होगी इसकी इन्हीं खासियत की वजह से इसके खून की कीमत करीब 10 लाख रु (15000डॉलर) प्रति लीटर है। हर साल ऐसे 5 लाख से भी ज्यादा केकड़ोें का खून निकाला जाता है।

आगे की स्लाइड्स में देखें, कैसे निकाला जाता है इस केकड़े का नीला खून... अलग-अलग जगहों से पकड़कर इन केकड़ों को लैब लाया जाता है। जहां अच्छी तरह सफाई के बाद इन जिंदा केकड़ो को एक स्टैंड पर फिट कर दिया जाता है। इसके बाद इसके मुंह के हिस्से में एक लंबी सिरिंज चुभाकर एक बॉटल में लगा दी जाती है। इस प्रॉसेस में धीरे-धीरे खून बॉटल में आता रहता है। कुछ केकड़े इस प्रॉसेस में बच जाते हैं, जिन्हें वापस पानी में छोड़ दिया जाता है।

हालांकि, कुछ ज्यादा खून निकालने की वजह से मर जाते हैं। नॉर्थ अमेरिका में इन केकड़ों में अब भारी कमी देखने को मिल रही है। इसका कारण है इनका अत्याधिक इस्तेमाल करना।

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