Ayushman Khurrana Wants To Work in Kishore Kumar Biopic

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

समंदर में तैरती हजारों साल पहले की इस मिस्टीरियस सिटी को हांटेड कहा गया है। अभी तक इस सिटी को खोजा नहीं गया था लेकिन नई टेक्नॉलॉजी के द्वारा ये सामने आई है। मानवीय आबादी से समंदर के बीच में तैरती इस सिटी के रहस्य से आर्कियोलॉजिस्ट भी आश्चर्यचकित हैं।

प्रशांत महासागर में माइक्रोनेशिया आइलैंड्स पोंहपेई (Ponhpei) के पास ये पत्तों पर तैरती नान मडोल (Nan Madol)मिली है। नई टेक्नोलॉजी की मदद से आर्कियोलॉजिस्टों ने इसे पूरी तरह से एक्सप्लोर कर लिया है। इस सिटी की तुलना अटलांटिस सिटी से की जा रही है। इस बारे में आर्कियोलॉजिस्ट सवाल कर रहे हैं कि सिविलाइजेशन से इतनी दूर बीच समुद्र में तैरती हुई ये सिटी किसने और क्यों बसाई होगी।

यह सिटी बहुत ही रिमोट एरिए में है जहां जाना फिजीकली संभव नहीं था।

नान मडोल का अर्थ है 'अंतरिक्ष के बीच'। इसकी खोज करने वाले जॉर्ज कौरोनिस ने कहा कि पोंहपेई के तट पर कुछ अजीब हुआ था। यहां करीब 100 छोटे आइलैंड्स हैं जो एक ही शेप के हैं। इसका क्या मतलब है, ये क्लियर नहीं है। सेटेलाइट इमेजों के अनुसार, ये बहुत ही रिमोट एरिए में है जहां जाना फिजीकली संभव नहीं था। ये लास एंजिल्स से 2500 मील और आस्ट्रेलिया से 1600 किमी दूर प्रशांत महासागर में है। यहां कभी प्राचीन सभ्यता के लोग पहली और दूसरी शताब्दी में रहते होंगे।

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