Box Office Collection of Dhadak and Student of The Year

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

कोम एल शोकाफा का मकबरा,  इस नाम से आप सभी वाकिफ होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि इसने सोशल मीडिया पर इसने सनसनी मचा रखी है। आपको बता दें कि सालों से एक ऐसी दुनिया धरती के नीचे दफ़न थी जिसके बारे में किसी को खबर नहीं थी। इसकी खोज की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है।

कोम एल शोकाफा

यह मकबरा हमेशा के लिए दुनिया की नजरों से ओझल हो चुका था। इसे ढूंढ पाने में बहुत से इतिहासकार नाकाम हो गए लेकिन ऊपर वाले की करनी देखिए। एक गधे के कारण यह रहस्यमयी दुनिया लोगों के सामने आ पाई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अचानक एक गधा चलते हुए गड्ढे में गिर गया था। उसके मालिक ने जब गधे को बाहर निकालने के लिए गड्ढा खोदा, तब उसने देखा कि अंदर सालों से छिपी एक अलग दुनिया थी। अंदर का नजारा देखकर वह हैरान रह गया।

 

उसे जमीन में दफ्न सालों पुराना मकबरा मिला था, जिसके पिलर्स पर कई तरह की नक्काशी भी की हुई थी। हालांकि यह मामला बेहद पुराना हो चुका है लेकिन एक बार फिर से अचानक इसकी खबर चल पड़ी है। दरअसल, ऐसी खबरों को जानने की जिज्ञासा लोगों में होती है। उसी उद्देश्य से इन्हें लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे, 1990 में एक म्यूजियम को इस बात की जानकारी दी गई थी कि एक शख्स को जमीन के नीचे एक पुरानी इमारत मिली है, जिसकी पहचान बाद में “कोम एल शोकाफा” मकबरे के रूप में हुई। इस शख्स का नाम मंसूर सय्यद अली गिब्रा बताया जाता है। यह मकबरा मिस्र में पाया गया।

बाद में मकबरे की सच्चाई जानने के लिए इन्वेस्टिगेशन शुरू किया गया। तब उन्हें पता चला कि ये मकबरा ग्रेको-रोमन दौर का सबसे बड़ा कब्रिस्तान रहा था। और इस तरह से एक अलग दुनिया लोगों के सामने आ पाई।

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