Home Jara Hat Ke Baby Born After Four Years Of Parents Death

27-28 अप्रैल को वुहान में चीनी राष्ट्रपति से मिलेंगे पीएम मोदी

भगवान के घर देर है अंधेर नहीं: माया कोडनानी

हैदराबाद: सीएम ऑफिस के पास एक बिल्डिंग में लगी आग

पंजाब: कर्ज से परेशान एक किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

देश में कानून को लेकर दिक्कत नहीं बल्कि उसे लागू करने को लेकर है: आशुतोष

अद्भुत चमत्कार: मां-बाप की मौत के चार साल बाद हुआ बच्चे का जन्म

Jara Hat Ke | 15-Apr-2018 | Posted by - Admin
   
Baby Born After Four Years Of Parents Death

दि राइजिंग न्‍यूज

आउटपुट डेस्‍क।

 

इस दुनिया में रोजाना ऐसे चमत्कार सामने आते रहते हैं जो किसी भी इंसान को हैरान कर दें, लेकिन ऐसे मामले कम ही देखने को मिलते हैं। यह मामला चीन का है। इस अजीबो-गरीब घटना के बारे में जब दुनिया को पता लगा तो हर कोई दंग रग गया। मां-बाप की मौत के चार साल बाद बच्‍चे का जन्‍म होना सभी को हैरान कर देने वाली घटना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बच्चे के माता-पिता की साल 2013 में एक कार हादसे में मौत हो गई थी। बता दें, जिस समय उनकी मौत हुई थी, उस वक्त दंपति का प्रजनन संबंधी उपचार चल रहा था। उस समय दंपति ने अपने भ्रूण को एक अस्पताल में सुरक्षित रखवाया था। दरअसल, कपल चाहता था कि सरोगेसी के जरिए उन्हें यह बच्चा मिले, लेकिन चीन के कानून ने उन्हें इसकी आज्ञा नहीं दी।

चीन में बैन है सरोगेसी

दंपति की मौत के बाद बच्चे के लिए दादा-दादी और नाना-नानी ने निशेचित भ्रूण को पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन बात वहीं अटकी रही। बाद में कोर्ट ने भ्रूण को उन्हें सौंपने की इजाजत दे दी, लेकिन इसके बाद चीन में सरोगेसी से बच्चा पैदा करने की आज्ञा नहीं मिली, क्योंकि चीन में सरोगेसी बैन है। भ्रूण को बाहर ले जाने का फैसला किया गया।

तमाम खोज के बाद लाओस में एक सरोगेसी एजेंसी का पता चला जहां कॉमर्शियल सरोगेसी कानून था और उन्होंने भ्रूण को वहां लाने की कवायद शुरू कर दी।, लेकिन यहां भी उनके सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई।

 

 

किराये की मां के गर्भ में प्रत्‍यारोपित किया गया भ्रूण

यहां भ्रूण को ले जाने के लिए कोई भी एयरलाइन तैयार नहीं थी, अखिरकार उन्‍होंने सड़क मार्ग से ही भ्रूण को लाओस पहुंचाया। इसके बाद भ्रूण को किराए की मां के गर्भ में प्रत्यारोपित किया गया और दिसंबर 2017 को बच्चे का जन्म हुआ जिसका नाम “टिएटियन” रखा गया।

“द बीजिंग न्यूज” अखबार ने इसी हफ्ते इस बारे में छापा। मीडिया खबरों के अनुसार बच्चे को नौ दिसंबर 2017 को सेरोगेसी मां ने जन्म दिया था। बच्चे के दादा-दादी को यह भ्रूण चीन से बाहर ले जाने के लिए कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ा इसके बारे में अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता।

चीन की नागरिकता दिलाना भी बनी मुसीबत

सारी समस्या यहीं पर समाप्त नहीं हो गई। बच्चे के जन्म के बाद उसके पितृत्व और नागरिकता साबित करने की समस्या से भी सामना करना था। मीडिया खबरों के अनुसार भ्रूण को हासिल करने की कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद मृतक के माता-पिता को फर्टिलाइज्ड एग्स का अधिकार मिला और फिर सामने आई चीन की नागरिकता दिलाने की बात और आखिर में गर्भवती महिला ने चीन में जाकर बच्चे को जन्म दिया।

सरोगेट मां ने टूरिस्ट वीजा पर जाकर चीन में बच्चे को जन्म दिया, क्योंकि बच्चे के मां-बाप तो जिंदा नहीं थे, इसलिए दादा-दादी और नाना-नानी को ही खून और डीएनए टेस्ट देना पड़ा ताकि ये साबित हो सके कि बच्चा उन्हीं का नाती/पोता है और उसके मां-बाप चीनी नागरिक थे।

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555







TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll

Merchants-Views-on-Yogi-Government-One-Year-Completion

Loading...




Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news