Actress Parineeti Chopra is also Going to Marry with Her Rumoured Boy Friend

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

यदि अपने रिजर्वेशन वाली ट्रेन मिस कर दी है तो TTE आपकी सीट अगले दो स्टेशन तक किसी को जारी नहीं कर सकता। इसका मतलब है कि आप अगले स्टॉप से भी ट्रेन पकड़कर अपनी सीट पर बैठ सकते हो। बिल्कुल इसी तरह टिकट गुम होने के बाद भी आप ट्रेन में सफर कर सकते हैं। रेलवे के कई ऐसे नियम हैं, जिनकी जानकारी से आप परे हैं। आज हम ऐसे ही नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं।

जानें रेलवे के ऐसे ही नियम...

 

टिकट गुम गया है तब भी आप जर्नी कर सकते


यदि आपका टिकट गुम हो गया है तब भी आप जर्नी कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने बोर्डिंग स्टेशन पर चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर को डुप्लीकेट टिकट इश्यू करने की एप्लीकेश्न देना होगी। इसके साथ में आपको अपने आइडेंटिटी कार्ड की फोटोकॉपी भी लगाना होगी।

यह प्रॉसेस आपको जर्नी शुरू होने के 24 घंटे पहले करना होगी। इंस्पेक्शन के बाद नॉमिनल चार्ज लेकर आपको टिकट इश्यू कर दी जाएगी। ऐसे में यदि आपको ओरिजिनल टिकट मिल जाता है तो आप डुप्लीकेट टिकट की प्रॉसेसिंग फीस वापस लेने के लिए क्लेम कर सकते हैं।

पक्षी को यात्री कोच में नहीं रख सकते

यदि आप किसी पक्षी को ट्रेन में लेकर यात्रा कर रहे हैं तो उसे रेग्युलर कोच में नहीं रख सकते। रेलवे पक्षी को मालभाड़ा की श्रेणी में रखता है, इसी कारण पक्षी को लगेज वैन में रखा जाता है। सफर के दौरान पक्षी की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी भी ओनर की होती है।

 

पक्षी ले जाने वाले यात्री को पहले इसका फॉर्म भरना होता है। कितने पिंजरे हैं इसकी संख्या लिखना भी जरूरी है। फूड और वाटर देना भी ओनर की जिम्मेदारी है लेकिन लगेज वैन में यात्री को अलाउ नहीं किया जाता। ऐसे में पिंजरा वहां रखते समय ही पक्षी के साथ में पर्याप्त फूड और वॉटर रखना जरूरी है।

ट्रेन में ही एक्सटेंड करवा सकते हैं अपनी जर्नी

किसी वजह से यदि आपको अपने ओरिजिनल डेस्टिनेशन वाले स्टेशन की बुकिंग नहीं मिल पाई और आपने उसके पहले वाले स्टेशन की बुकिंग करवाई है तो तब भी आप अपने डेस्टिनेशन स्टेशन तक यात्रा कर सकते हैं।

 

ऐसे में TTE के जरिए आप जर्नी को एक्सटेंड करवा सकते हैं। TTE एक्सट्रा फेयर लेकर आगे की जर्नी के लिए टिकट इश्यू कर देगा। आपको कोई नई बर्थ अलॉट कर दी जाएगी।

लैंडस्लाइड, बाढ़, भूकंप या ऐसी ही कोई नेचुरल आपदा या टेक्नीकल प्रॉब्लम आ जाने के कारण ट्रेन की सर्विस बंद होती है तो पैसेंजर को रेलवे से फुल रिफंड का अधिकार है। ट्रेन जर्नी यदि पूरी नहीं होती और रेलवे कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं करता तब भी यात्री फुल रिफंड ले सकते हैं। ऐसे में पैसेंजर को स्टेशन मास्टर के पास अपनी टिकट सरेंडर करना होती है।

 

वसूली नहीं

ट्रेन के इंजन में टॉयलेट नहीं होता। ऐसे में ट्रेन चलने के दौरान लोकोमोटिव पायलट (ड्राइवर) टॉयलेट नहीं जा सकते। यह बेसिक फेसिलिटी ड्राइवर को इसलिए नहीं दी जाती कि कहीं ट्रेन लेट न हो जाए। ट्रेन के रुकने पर ही ड्राइवर टॉयलेट जा पाते हैं। हालांकि कुछ स्पेशल इंजन में अब रेलवे इस सुविधा को शुरू करने की तैयारी में है।

रेलवे एक्ट 1989 के अनुसार IRCTC पैक्ड फूड और वाटर के लिए ऑथराइज्ड है। ट्रेन में किसी पैक्ड सामान पर MRP से एक रुपए भी ज्यादा नहीं वसूला जा सकता। यदि कोई वेंडर ऐसा करता है तो उसका लाइसेंस कैंसिल किया जा सकता है। ऐसे में यात्री रेलवे के टोल फ्री नंबर 1800111321 पर शिकायत भी कर सकते हैं।

 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement