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दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क। 

हमारी जो दबी हुई भावनाए है वहीं सपना बन कर दिखाई देती है। कोई भी ऐसा कार्य जो हमारे पहुंच से दूर है या हमारी आर्थिक, सामाजिक स्थिति उसके लिए आज्ञा नहीं देती वक्त आने पर या अवसर मिलने पर वह ही स्वप्न स्वरुप में आते है। सूर्य उदय से कुछ पहले अर्थात ब्रह्म मुहूर्त में देखे गए सपने का फल 10 दिनों में सामने आ जाता है। रात के पहले पहर में देखे गए सपने का फल एक साल बाद, दूसरे पहर में देखे सपने का फल 6 महीने बाद, तीसरे पहर में देखे सपने का फल 3 महीने बाद और आखिरी पहर के सपने का फल एक महीने में सामने आता है। 



दिन के सपनों पर ध्यान न दें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कुंडली में राहु की दशा हो या राहु पीड़ित हो तो भी बुरे सपने आते है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी कई जगह ऐसे सपने देखनें का जिक्र भी आया है , जैसे तृजटा नामक राक्षसी का उस समय सपना देखना, जब सीता माता रावण की कैद में थीं और वह सपने में एक बड़े वानर द्वारा लंका को जलाए जाने की बात अपनी साथियों को बताती है। यह भी एक सपने में भविष्य-दर्शन करना ही है।


शास्त्रानुसार कई बार अतृप्त आत्माएं भी सपनों मे आ कर परेशान करती हैं। ऐसे में अक्सर रात को सोते में शरीर का भारी हो जाना और सपने में भय से चिल्लानें में आवाज का ना निकल पाना, महसूस होता है। दूसरों द्वारा किए गए तंत्र-मंत्र या जादू टोनों के प्रभाव के कारण भी रात को डरावने सपनें आते हैं। 


 


 

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