Crowd Rucuks At Sapna Chaudhary Program in Begusaray of Bihar

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

डर क्या है? यह एक क्षण मात्र है। अगर व्यर्थ की बातों से डरते रहे, तो सफल कैसे होंगे? केवल वर्तमान क्षण का ध्यान रखें, तो व्यर्थ की कल्पनाएं और भ्रम क्यों सताएंगे? प्राचीन समय में जब कोई असुर तपस्या करता था, तो देवता उसका तप भंग करने का प्रयास करते थे। हर तरह से उसे परेशान किया जाता, लेकिन असुर फिर भी तपस्या में दृढ़ रहता, तो प्रकृति स्वयं उसके लिए दुर्ग बनकर खड़ी रहती। आखिर वह वांछित वरदान पाकर ही लौटते था।

जो संकल्प में दृढ़ रहे, उन्हें कुछ भी पाने से ईश्वर भी नहीं रोक सकता। महात्मा गांधी बहुत ही सीधे सरल व्यक्ति थे लेकिन, जिस ब्रिटिश साम्राज्य को कोई नहीं हिला सकता था, गांधी जी ने उसके पांव तले की जमीन हिला दी। यह उनके दृढ़ संकल्प का ही फल था। संकल्प को पूरा करने के लिए वे दृढ़ता से कार्यरत हो गए थे। बेवजह का भय होना सहज या प्राकृतिक नहीं है। उसे रूप देने वाले आप ही हैं। डर के बिना जीना सीख लें, तो आप पाएंगे कि जिंदगी में अवसर ही अवसर हैं।

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