Home Gyan Ganga Story Behind The Movement Of Lord Shani

सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत श्रीनगर पहुंचे, हालात की समीक्षा की

पंजाब: मनसा में सड़क दुर्घटना में 6 लोग मारे गए

अयोध्या में सरयू तट पर आरती में शामिल होंगे सीएम योगी

अयोध्या के रामकथा पार्क पहुंचे यूपी सीएम योगी

सैनिकों को अब सैटेलाइट फोन पर प्रति कॉल 1 रुपया ही चार्ज देना होगा

Trending :   #Hot_Photoshot   #Sports   #Politics   #Hollywood   #Bollywood
   

शनिदेव की धीमी चाल के पीछे पुराणों की कथा

Gyan Ganga | 16-Jun-2017

story behind the movement of lord shani

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।


शात्रों-पुराणों और वैज्ञानिकों ने भी यह दावा किया है कि शनि गृह एक धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। शनिदेव को एक राशि को पार करने में लगभग ढा़ई वर्ष का समय लगता है। पौराणिक शास्त्रानुसार शनिदेव लंगड़ाकर चलते हैं जिस कारण उनकी चलने की गति बहुत धीमी है।


अब सवाल यह उठता है कि शनि देव आखिर कैसे लंगड़े हुए।  इसके बारे शास्त्रों में एक रोचक कथा दी हुई है। कथानुसार शनिदेव की सौतेली मां के कारण उनको श्राप लगा था जिसे कारण वो मंदगामी हो गए थे। आइए जानते हैं शनिदेव के जीवन से जुड़ा यह रहस्य।


सूर्य देव का तेज सहन न कर पाने की वजह से उनकी पत्नी संज्ञा देवी ने अपने शरीर से अपने जैसी ही एक प्रतिमूर्ति तैयार की और उसका नाम स्वर्णा रखा। संज्ञा देवी ने स्वर्णा को आज्ञा दी कि तुम मेरी अनुपस्थिति में मेरी सारी संतानों की देखरेख करते हुए सूर्यदेव की सेवा करो और पत्नी सुख भोगो। ये आदेश देकर वह अपने पिता के घर चली गई। स्वर्णा ने भी अपने आप को इस तरह ढाला कि सूर्यदेव भी यह रहस्य न जान सके।


इस बीच सूर्यदेव से स्वर्णा को पांच पुत्र व दो पुत्रियां हुई। स्वर्णा अपने बच्चों पर अधिक और संज्ञा की संतानों पर कम ध्यान देने लगी। एक दिन संज्ञा के पुत्र शनि को तेज भूख लगी, तो उसने स्वर्णा से भोजन मांगा। तब स्वर्णा ने कहा कि अभी ठहरो, पहले मैं भगवान का भोग लगा लूं और तुम्हारे छोटे भाई बहनों को खाना खिला दूं, फिर तुम्हें भोजन दूंगी। यह सुन शनि को क्रोध आ गया और उन्होंने भोजन पर लात मरने के लिए अपना पैर उठाया तो स्वर्णा ने शनि को श्राप दे दिया कि तेरा पांव अभी टूट जाए।


माता का श्राप सुनकर शनिदेव डरकर अपने पिता के पास गए और सारा किस्सा कह दिया। सूर्यदेव समझ गए कि कोई भी माता अपने बच्चे को इस तरह का श्राप नहीं दे सकती। तब सूर्यदेव ने क्रोध में आकर पूछा कि बताओ तुम कौन हो? सूर्य का तेज देखकर स्वर्णा घबरा गई और सारी सच्चाई बता दी।


तब सूर्य देव ने शनि को समझाया कि स्वर्णा तुम्हारी माता तो नहीं है परंतु मां के समान है इसलिए उसका श्राप व्यर्थ तो नहीं होगा परंतु यह उतना कठोर नहीं होगा कि टांग पूरी तरह से अलग हो जाएं। हां, तुम आजीवन एक पांव से लंगड़ाकर चलते रहोगे। यही कारण हैं शनिदेव की मंदगति का।


यह भी पढ़ें

सवालों पर भड़के लालू, दे डाली गाली 

सलमान का जंग पर बड़ा बयान, पढ़िए क्‍या कहा

"नौकरी नहीं, दोषियों पर कार्रवाई चाहिए"

..तो मोदी के सामने झुक गए केजरीवाल!

झारखंड में अब एक रुपये में होगी रजिस्‍ट्री

राहुल को इतनी जल्‍दी नानी याद आ गईं

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555


संबंधित खबरें



HTML Comment Box is loading comments...

Content is loading...





What-Should-our-Attitude-be-Towards-China


Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll


Photo Gallery
अब कब आओगे मंत्री जी । फोटो- अभय वर्मा

Flicker News



Most read news

 


Most read news


Most read news


sex education news



rising news video

खबर आपके शहर की