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दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

भारत के रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए डीआरडीओ द्वारा बनाई गईं कुछ मिसाइलें:-

पृथ्‍वी मिसाइल

ये एक ऐसी मिसाइल है जिसका इस्‍तेमाल भारतीय सेना की तीनों इकाईयों- थल, वायु और नौसेना में होता है। तीनों के लिये पृथ्‍वी मिसाइल के अलग-अलग वर्जन बनाये गये हैं-

  • पृथ्‍वी 1: थल सेना -यह खासतौर से थल सेना के लिये बनायी गई है जिसकी रेंज 150 किलोमीटर है। यह मिसाइल अपने साथ 1000 किलो बारूद ले जाने में सक्षम है। इसे जमीन से दागा जाता है।
  • पृथ्‍वी 2: वायुसेना -पृथ्‍वी 2 विशेष रूप से वायुसेना के लिये बनायी गई है। इसकी मारक क्षमता 250 किलोमीटर तक होती है और इसमें 500 किलो बारूद भरा जा सकता है। इसे फाइटर प्‍लेन से दागा जाता है।
  • पृथ्‍वी 3: नौसेना-यह मिसाइल खासतौर से नौसेना के लिये बनायी गई है। किसी भी लड़ाकू जहाज से इस मिसाइल का प्रक्षेपण किया जा सकता है। इसकी रेंज 350 किलोमीटर है।

अग्नि मिसाइल

डीआरडीओ ने पहली अग्नि मिसाइल साल 2010 में भारत को सौंपी थी। अग्नि मिसाइलें परमाणु सामग्री ले जाने में सक्षम होती हैं। डीआरडीओ ने अग्नि मिसाइलों की रेंज और ताकत बढ़ाकर अभी तक इस मिसाइल के 5 वर्जन बनाए हैं जो निम्न हैं-

 

  • अग्नि-1: इसमें एसएलवी-3 बूस्‍टर का प्रयोग किया जाता है इसकी मारक क्षमता 700 किलोमीटर की होती है। इसमें लिक्विड फ्यूल भरा जाता है। 28 मार्च 2010 में इसका पहला परीक्षण हुआ था।
  • अग्नि 2: परमाणु क्षमता वाली इस मिसाइल की रेंज 3000 किलोमीटर है। यह अपने साथ 1000 किलो सामग्री तक ले जाने में सक्षम है।
  • अग्नि 3: जुलाई साल 2006 में भारत ने अग्नि 3 का सफल परीक्षण किया था। इसकी मारक क्षमता 3000 किलोमीटर है हालांकि इसे 4000 किलोमीटर तक भी बढ़ाया जा सकता है। इसमें 600 से 1800 किलो तक परमाणु सामग्री भरी जा सकती है।
  • अग्नि 4: 4000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखने वाली इस मिसाइल की रेंज में पूरा पाकिस्‍तान व आधे से ज्‍यादा चीन आ सकता है। इसका परीक्षण साल 2011 में किया गया था।
  • अग्नि 5: अप्रैल साल 2012 को अग्नि 5 का परीक्षण किया गया, जिसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया। इसकी रेंज 5500 किलोमीटर है, जिसे 7000 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है। चीन भी इस मिसाइल के रेंज में है।

 

धनुष मिसाइल

इस मिसाइल का निर्माण डीआरडीओ ने साल 2000 में नौ सेना के लिए किया था। इसे पहली बार आईएनएस सुभद्रा से छोड़ा गया था। इसकी रेंज 250 से 350 किलोमीटर है।

शौर्य मिसाइल

कम दूरी तक मार करने वाली यह मिसाइल भारतीय थल सेना के लिये बनाई गई। इसमें 1000 किलोग्राम तक परमाणु सामग्री भरी जा सकती है। इसकी रेंज 600 किलोमीटर की है।

सागरिका मिसाइल

सागरिका का मतलब होता है समुद्र से पैदा होने वाली। इसकी लंबाई 8।5 मीटर की है और 500 किलो तक बारूद ले जाने में सक्षम है। इस मिसाइल का निर्माण साल 1991 में शुरू हुआ और साल 2001 में यह तैयार हो गई। इस मिसाइल की रेंज 750 किलोमीटर है।

निर्भय मिसाइल

यह सबसोनिक क्रूज़ मिसाइल है, जिसका इस्‍तेमाल थल, जल और वायु तीनों सेनाओं के लिये किया जाता है। निर्भय मिसाइल की रेंज 1000 किलोमीटर है।

मोक्षित मिसाइल

इस मिसाइल की तकनीक रूस से इंपोर्ट की गई है। इसकी रेंज 120 किलोमीटर है, जिसका इस्‍तेमाल सिर्फ नौसेना में किया जा सकता है।

ब्रह्मोस मिसाइल

यह सुपर सोनिक मिसाइल है जिसे डीआरडीओ ने रूस के एनपीओ के साथ मिलकर बनाया गया है। इसकी रेंज 290 किलोमीटर है और इसमें 300 किलो तक बारूद भरा जा सकता है। इसे थल सेना और नौसेना के लिये बनाया गया है। इसकी गति 2।5 से 2।8 मैक स्‍पीड है। यह दुनिया की सबसे तेज़ गति से चलने वाली क्रूज़ मिसाइल है। डीआरडीओ अभी तक 150 ब्रह्मोस मिसाइलें तैयार कर चुका है।

आकाश मिसाइल

यह मिसाइल 18 हजार मीटर की ऊंचाई पर 30 किलोमीटर की दूरी पर उड़ते हुए लड़ाकू विमान को निशाना बना सकती है। इस में परमाणु सामग्री भी भरी जा सकती है। यह एक बार में कई टार्गेट पर निशाना साध सकती है।

प्रहार मिसाइल

यह भारत की कम रेंज वाली एक शक्तिशाली मिसाइल है। इसकी रेंज 150 किलोमीटर की है। यह मिसाइल डीआरडीओ ने खासतौर से थल सेना और वायुसेना के लिये बनायी गई है। यह मिसाइल मात्र 250 सेकेंड में 150 किलोमीटर की दूरी तय करती है।

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