Abram Shouted At Photographers For No Pictures

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

अमरनाथ को तीर्थों का तीर्थ माना जाता है क्योंकि इसी स्‍थान पर भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां की प्रमुख विशेषता पवित्र गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग का निर्मित होना है। इसी कारण से इसे स्वयंभू हिमानी शिवलिंग भी कहते हैं। वैसे अमरनाथ स्‍थित शिवलिंग को बाबा बर्फानी भी कहा जाता है। आइये जाने इस स्‍थान से जुड़े तथ्य:-

  • अमरनाथ गुफा का आकार लगभग डेढ़ सौ फुट है। इसमें ऊपर से बर्फ के पानी की बूँदें जगह-जगह टपकती रहती हैं। इन्‍हीं बूंदों से एक स्‍थान से टपकने वाली हिम बूँदों से लगभग दस फुट लंबा शिवलिंग बनता है। चन्द्रमा के घटने-बढ़ने के साथ-साथ इसका आकार भी घटता-बढ़ता रहता है।
  • आश्चर्य की बात तो ये है कि यह शिवलिंग ठोस बर्फ का बना होता है, जबकि ऐसी गुफाओं में आमतौर पर कच्ची बर्फ ही होती है जो हाथ में लेते ही भुरभुरा जाती है। अमरनाथ के प्रमुख शिवलिंग से कई फुट दूर गणेश, भैरव और पार्वती के वैसे ही अलग अलग हिमखंड भी र्निमित होते हैं।
  • मान्‍यता है कि इसी गुफा में माता पार्वती को भगवान शिव ने अमरत्व की कथा सुनाई थी, जिसे सुनकर उसी समय जन्‍मे शुक शिशु, शुकदेव ऋषि के रूप में अमर हो गये थे।
  • ऐसी कथायें भी प्रचलित हैं कि जिन भक्‍तों पर शिव पार्वती प्रसन्‍न होते हैं उन्‍हें कबूतरों के जोड़े के रूप में प्रत्‍यक्ष दर्शन देते हैं और उन्‍हें मोक्ष की प्राप्‍ति होते हैं।
  • यह भी कहा जाता है सौभाग्‍यशालियों को दर्शन देने वाला कबूतरों का ये जोड़ा दरसल वही है जो भगवान शिव द्वारा वर्णित अमरत्‍व की कथा सुन कर अमर हो गया है। 

  • अमरनाथ गुफा के बारे में सबसे पहले पता सोलहवीं शताब्दी में एक मुसलमान गड़रिये बूटा मलिक को चला था। आज भी मंदिर का चौथाई चढ़ावा उस मुसलमान गडरिए के वंशजों को मिलता है। साथ ही यहां पर सभी फूल बेचने वाले भी मुसलमान ही हैं।
  • कहते हैं कि पशुओं को चराते हुए जंगल में इस गड़रिये की मुलाकात एक साधू से हो गई थी साधू ने बूटा को कोयले से भरी एक कांगड़ी दी। जब  घर पहुंचकर उसने कांगड़ी में कोयले की जगह सोना पाया तो वह बहुत हैरान हुआ और उसी समय साधू का धन्यवाद करने के लिए गया परन्तु वहां साधू की जगह एक विशाल गुफा मिली और उसी दिन से यह स्थान एक तीर्थ बन गया। 

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