Abram Shouted At Photographers For No Pictures

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

हम सब जानते हैं कि हमारा शरीर नश्वर है, जिसने भी जन्म लिया है उसे एक न एक दिन अपने प्राण त्यागने ही पड़ते हैं। चाहे कोई सौ वर्ष या उससे भी अधिक ही क्यों न जी ले, लेकिन आखिर में उसे अपने शरीर का त्याग करना ही पड़ता है।

कोई यह तो नहीं जान सकता कि वो कब अपने प्राण त्यागने वाला है, लेकिन “यमराज और उनके भक्त अमृत की एक प्राचीन कथा” के अनुसार किसी व्यक्ति की मृत्यु से पहले, यमराज चार संकेत भेजकर यह जरूर बता देते हैं, कि उसका प्राण त्यागने का समय नजदीक है, जिससे वो अपने अधूरे कामों को मृत्यु से पहले पूरा कर सके। तो आइये जानते हैं यमराज और उनके भक्त की कथा…

अमृत की तपस्या से प्रसन्न हो गए थे यमराज

प्राचीन काल में यमुना नदी के किनारे अमृत नाम का व्यक्ति रहता था। वह अपनी मौत के डर से यम देवता की दिन-रात पूजा किया करता था। एक दिन यमराज, अमृत की तपस्या से प्रसन्न हो गए और उन्होंने उसके सामने प्रकट होकर वरदान मांगने के लिए कहा।

उसने मांगा अमरता का वरदान

यमराज की बात सुनकर, अमृत ने उनसे अमरता का वरदान मांग लिया। इसे सुनकर यमराज ने उसे समझाया कि “इस दुनिया में जिसने जन्म लिया है, उसका मरना निश्चित है। कोई भी जीव अपनी मृत्यु से नहीं बच सकता।”

फिर मांगा अमृत ने यह वरदान

अमरता का वरदान न मिलने पर अमृत ने उनसे कहा कि “अगर मृत्यु को टाला नहीं जा सकता तो जब मृत्यु मेरे करीब हो तब मुझे उसके बारे में पता चल जाए, ताकि मैं अपने परिवार के लिए कुछ प्रबंध कर सकूँ।” इसके बाद यम ने उसे मौत की पूर्व सूचना देने का वरदान दिया और इसके बदले वचन लिया कि जैसे ही उसे मृत्यु का संकेत मिलेगा, वह संसार से विदा लेने की तैयारी करना शुरू कर देगा।

अमृत भूल गया यमराज को दिया वचन

कुछ दिन बाद अमृत यम को दिया वचन भूलकर और सारी साधना छोड़कर, विलासितापूर्ण जीवन जीने लगा। उसने मौत की चिंता करना भी बंद कर दिया। धीरे-धीरे उसके बाल सफेद होने लगे।

कुछ दिन बाद अमृत का शरीर बिलकुल निष्क्रिय हो गया

कुछ सालों में अमृत की हालत बिगड़ने लगी, उसके सारे दांत टूट गए, फिर उसकी आंखों की रोशनी भी कमजोर हो गई। अमृत, यमराज के सन्देश का इंतजार करता रहा लेकिन उसे यमराज का कोई संदेश नहीं मिला। इसी तरह, कुछ साल और बीते फिर उसकी हालत ऐसी हो गई कि अब वो बिस्तर से भी नहीं उठ पाता था, उसका शरीर पूरी तरह से निष्क्रिय हो गया था। फिर भी उसने मन ही मन मृत्यु के देवता को, मौत का कोई संदेश न भेजने के लिए धन्यवाद दिया।

अमृत ने लगाया यमराज पर छलने का आरोप

एक दिन अमृत हैरान रह गया, जब उसके घर यमदूत आ गए। उन्हें देखकर अमृत ने घर में यमराज के सन्देश का पत्र ढूंढना शुरू कर दिया, पर उसे कोई पत्र नहीं मिला और परेशान होकर उसने यमराज पर धोखा देने का आरोप लगा दिया।

तब यमराज ने उसे बताया कि किस तरह भेजे थे चार सन्देश

अमृत के आरोप पर यमराज ने विनम्रतापूर्वक उसे बताया कि “मैंने तो तुम्हें 4 संदेश भेजे थे, तुम्हारे बालों का सफेद होना मेरा पहला संकेत था और तुम्हारे सारे दांतों का टूट जाना, मेरा दूसरा संकेत था। तीसरा संकेत मैंने तुम्हें तब भेजा था जब तुमने अपनी आँखों की रोशनी खो दी और जब तुम्हारे शरीर के सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया वह मेरा चौथा संकेत था, लेकिन लिप्सा और विलासितापूर्ण जीवन शैली में लिप्त होने की वजह से तुम इनमें से एक भी संकेत को नहीं समझ सके।”

यमराज भेजते हैं हर किसी को ये चार संकेत

इस कथा के अनुसार, किसी व्यक्ति की मृत्यु से पहले यमराज द्वारा ये चार संकेत उसे भेजे जाते हैं।

  • पहला संकेत – बालों का सफ़ेद होना
  • दूसरा संकेत – दांत गिर जाना
  • तीसरा संकेत – आँखों की रौशनी कमजोर होना
  • चौथा संकेत – कमर का झुक जाना या शरीर के अंगों का ठीक से काम न करना

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